रिलीज से पहले रिकॉर्ड बना रही पद्मावती पर विवाद गरमाया, उमा भारती भी कूदीं
केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने ट्वीट किया-
रानी पद्मावती के विषय पर मैं तटस्थ नही रह सकती। मेरा निवेदन है कि पद्मावती को राजपूत समाज से न जोड़कर भारतीय नारी के अस्मिता से जोड़ा जाए।/1 क्यो न रिलीज़ से पहले इतिहासकार, फ़िल्मकार और आपत्ति करने वाला समुदाय के प्रतिनिधि और सेंसर बोर्ड मिलकर कमिटी बनाये और वो इसपर फैसला करे/2
वहीं, शुक्रवार को फिल्म के विरोध में राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में निजी स्कूलों को बंद रखा गया। गैर अनुदानित शिक्षण संस्था संचालक समिति ने धमकी दी है कि शहर के किसी भी सिनेमाघर में न तो वो फिल्म को रिलीज होने देंगे, न ही कोई बैनर-पोस्टर लगाने देंगे।
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इससे पहले, गुजरात बीजेपी के प्रवक्ता आईके जडेजा ने चुनाव आयोग को चिट्ठी लिखकर मांग की कि या तो राज्य में फिल्म की रिलीज टाली जाए या इस पर प्रतिबंध लगे। इसके अलावा पार्टी चाहती है कि बिना प्री-स्क्रीनिंग के यह फिल्म प्रदर्शित न की जाए। जडेजा ने कहा, 'गुजरात में चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में फिल्म में किसी भी तथ्य के साथ छेड़छाड़ से समुदाय विशेष की भावनाएं आहत होंगी। इससे राज्य में तनाव हो सकता है।
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बीजेपी का कहना है कि इतिहास के मुताबिक पद्मावती और खिलजी की मुलाकात कभी हुई ही नहीं। ऐसे में फिल्म की कहानी को लेकर राजपुत समुदाय के बीच नाराजगी है। वहीं, कांग्रेस नेता शंकर सिंह वाघेला ने भी धमकी दी है कि गुजरात में रिलीज से पहले फिल्म क्षत्रीय समुदाय के प्रतिनिधियों को दिखाई जाए वर्ना हिंसक प्रदर्शन होंगे।
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