फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Ustad Ghulam Sadiq: रामपुर-सहसवान घराने से ताल्लुक रखते थे गुलाम सादिक, देश-विदेश में गायकी से मिली प्रसिद्धि

Mon, 15 May 2023 09:17 AM IST
साक्षी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: साक्षी Updated Mon, 15 May 2023 09:17 AM IST
विज्ञापन
Ustad Ghulam Sadiq Khan death anniversary know unknown facts about singer professional life career struggle
उस्ताद गुलाम सादिक खान - फोटो : अमर उजाला

उस्ताद गुलाम सादिक खान एक भारतीय शास्त्रीय संगीत थे। उन्हें गायकी में महारत हासिल थी देश से लेकर विदेश तक में उन्होंने अपने संगीत का जादू चलाया था। लोग उनकी आवाज और गायकी के कायल थे। भले ही आज वह इस दुनिया में न हो, लेकिन उनके संगीत अब भी लोगों के जहन में हैं। आज उस्ताद गुलाम सादिक पुण्यतिथि है। चलिए इस मौके पर जानते हैं उनसे जुड़ी कुछ खास बातें...

Ustad Ghulam Sadiq Khan death anniversary know unknown facts about singer professional life career struggle
उस्ताद गुलाम सादिक खान - फोटो : सोशल मीडिया

उस्ताद गुलाम सादिक का जन्म 22 अगस्त को रामपुर उत्तर प्रदेश में हुआ था। वह रामपुर-सहसवान घराने के थे। उन्होंने बचपन से ही संगीत सीखना शुरू कर दिया था। महज नौ साल की उम्र से ही उनके पिता उस्ताद गुलाम जाफर खान ने उन्हें संगीत की दीक्षा दी थी। उस्ताद के पिता एक भारतीय सारंगी वादक थे। बाद में गुलाम सादिक ने उस्ताद मुश्ताक हुसैन खान से संगीत का प्रशिक्षण लिया, जिन्हें भारत में पहला पद्म भूषण मिला था।

Ustad Ghulam Sadiq Khan death anniversary know unknown facts about singer professional life career struggle
उस्ताद गुलाम सादिक खान - फोटो : सोशल मीडिया

उस्ताद गुलाम सादिक ख्याल गायकी में विशेषज्ञता हासिल की थी। इसके साथ उन्होंने ठुमरी, दादरा और भजन भी गाए। उन्होंने देश विदेश में प्रसिद्धि हासिल की। उस्ताद ने भारत और विदेशों में यूके, ऑस्ट्रेलिया, सऊदी अरब, ओमान, मॉरीशस, सिंगापुर, हांगकांग, इंडोनेशिया, थाईलैंड, चीन और अफगानिस्तान में प्रदर्शन किया। वह आकाशवाणी और दूरदर्शन के शीर्ष श्रेणी के कलाकार थे।

विज्ञापन
विज्ञापन
Ustad Ghulam Sadiq Khan death anniversary know unknown facts about singer professional life career struggle
उस्ताद गुलाम सादिक खान - फोटो : सोशल मीडिया

उस्ताद ने बॉलीवुड सिंगर जसपिंदर नरूला और उनके बेटे ख्याल गजल गायक उस्ताद गुलाम अब्बास खान सहित कई लोगों को संगीत की शिक्षा दी। साथ ही उन्होंने अपने पोते गुलाम हसन खान को भी शिक्षा दी, जो एक हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायक हैं। इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय में संगीत संकाय में सीनियर लेक्चरर के रूप में काम किया। 

विज्ञापन
Ustad Ghulam Sadiq Khan death anniversary know unknown facts about singer professional life career struggle
उस्ताद गुलाम सादिक खान को पद्मश्री से सम्मानित करते पूर्व राष्ट्रपति ए पी जे अब्दुल कलाम - फोटो : सोशल मीडिया

साल 2005 में उस्ताद गुलाम सादिक को भारतीय शास्त्रीय संगीत में उनके सर्वश्रेष्ठ योगदान के लिए पद्मश्री से नवाजा गया। उस्ताद के घराने में कई लोगों को पद्म श्री से नवाजा जा चुका है। शुरुआत में उस्ताद ने काफी संघर्ष और मुश्किलों का सामना किया। आखिरकार उन्होंने सफलता हासिल की। वहीं, 15 मई 2016 को गुलाम सादिक खान का 76 वर्ष की उम्र में निधन हो गया।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें मनोरंजन समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। मनोरंजन जगत की अन्य खबरें जैसे बॉलीवुड न्यूज़, लाइव टीवी न्यूज़, लेटेस्ट हॉलीवुड न्यूज़ और मूवी रिव्यु आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed