मशहूर एक्शन डायरेक्टर वीरू देवगन का निधन हो गया है। अमर उजाला को मिली जानकारी के मुताबिक वह घर पर खाना खा रहे थे तभी अचानक कुर्सी से गिर पड़े। काजोल उन्हें अस्पताल लेकर गईं जहां हार्ट अटैक से उनका निधन हो गया। इस दौरान अजय मुंबई फिल्म सिटी में तानाजी की शूटिंग कर रहे थे। इस दुखद खबर की जानकारी मिलते ही वह पिता के अंतिम दर्शन को पहुंचे।
मुंबई में बहुत धक्के खाए पर खुद हीरो न बन पाए वीरू देवगन, पर बेटे अजय को ऐसे बनाया सुपरस्टार
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वीरू देवगन ने 80 से ज्यादा फिल्मों में एक्शन डायरेक्ट करने का काम किया। वीरू देवगन का मुंबई जैसे शहर में खुद को स्थापित करने के सपने को साकार करना आसान नहीं रहा। कहा जाता है वीरू 14 साल की उम्र में अपने घर से भागकर मुंबई आ गए थे। मुंबई में स्ट्रगल के दौरान उन्होंने ट्रेन में बिना टिकट यात्रा की। जुर्माना लगा तो उसे देने के पैसे नहीं थे और इसकी वजह से उन्हें जेल की हवा तक खानी पड़ी।
हॉर्स राइडिंग से लेकर स्टंट तक की ट्रेनिंग उन्हें दी। अजय जब कॉलेज गए तो उनके लिए डांस क्लास लगाई गई। उन्हें उर्दू सिखाई गई। कुल मिलाकर वीरू देवगन उन्हें वो सब सिखा देना चाहते थे जिसकी जरूरत उन्हें महसूस होती थी। और फिर 'फूल और कांटे' से अजय का डेब्यू हुआ। उस वक्त फिल्म सुपरहिट साबित हुई। साथ ही सुपरहिट हुई वीरू देवगन की मेहनत।
अजय की पहली फिल्म ‘फूल और कांटे’ में भी वीरू ही स्टंट और एक्शन कोरियोग्राफर थे। उस समय किसी ने सोचा नहीं था कि साधारण सा दिखने वाला यह लड़का भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में वह मुकाम हासिल कर लेगा, जिस पर किसी भी कलाकार को रश्क हो सकता है। अजय देवगन ने बताया कि पिता की वजह से उन्हें स्ट्रगल कभी नहीं करना पड़ा। हां, उन्होंने जमकर मेहनत की है।