बॉलीवुड अभिनेता विक्की कौशल की फिल्म 'सरदार उधम' को दर्शकों द्वारा खूब पसंद किया जा रहा है। महान देशभक्त और स्वतंत्रता क्रांतिकारी सरदार उधम सिंह की जीवनी पर बनी इस फिल्म में विक्की कौशल के अभिनय और लुक की तारीफ हो रही है। उन्होंने सरदार उधम सिंह के किरदार में ढलने के लिए जमकर मेहनत की है और इस करेक्टर को पर्दे पर जीवंत किया है। अभिनेता ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर इसी फिल्म से अपने किरदार का लुक शेयर किया है, जिसमें उनकी पीठ पर घावों के कई निशान दिख रहे हैं। घाव के यह निशान बेहद खतरनाक और डरावने लग रहे हैं। जिसे देखकर फैंस उनकी तस्वीर के नीचे कई तरह की टिप्पणियां कर रहे हैं।
सोशल मीडिया: विक्की कौशल ने शेयर की पीठ पर घावों के निशान वाली तस्वीर, यूजर ने लिखा- कटरीना को दुख होगा
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तस्वीर में विक्की कौशल की नंगी पीठ पर धारदार हथियार के वार के कई निशन हैं। इनमें से कुछ जख्त पुराने और कुछ एकदम नये लग रहे हैं। हालांकि, घाव के निशान असली नहीं बल्कि, फिल्म के लिए क्रिएट किये गये हैं, लेकिन उसके बाद भी डरावने लग रहे हैं। उनकी इस तस्वीर पर उनके फैंस कई तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। एक फैन ने लिखा कि इन घावों को देखर कटरीना को दुख होगा। जबकि एक अन्य फैन ने लिखा- उफ्फ! बेबी कैसे लग गई आपको।
जबकि अन्य कुछ फैंस ने विक्की कौशल से पूछा कि सर यह आपने कैसे किया? एक प्रशंसक ने उनके इस लुक को गदर बताया है। विक्की कौशल के कई फैंस यह यकीन नहीं कर पा रहे कि यह कट्स असली हैं या नकली। एक यूजर ने उनसे पूछा कि यह कट्स असली दिख रहे हैं सर, सच में ऐसा है क्या? हालांकि, विक्की कौशल ने फोटो के कैप्शन में साफ लिखा है कि यह कट्स ऐसे हैं जिसके लिए कोई कट्स नहीं लगे।
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विक्की कौशल की इस तस्वीर को 5 लाख 21 हजार से ज्यादा लोग लाइक कर चुके हैं और हजारों की संख्या में लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। गौरतलब है कि अभी हाल ही में विक्की कौशल ने अपने संघर्ष के दिनों को याद किया था। उन्होंने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि कैसे उन्हें हजारों ऑडिशन में रिजेक्ट कर दिया गया था।
विक्की कौशल का कहना था कि उन्होंने अभिनय की दुनिया में कदम रखने के लिए कई ऑडिशन दिये और इस दौरान उन्हें रिजेक्ट भी होना पड़ा। उन्होंने कहा, मेरा पास न ही कोई सेफ्टी नेट या प्लान बी था। उन्होंने असुरक्षाओं को लेकर अपना विचार भी साझा किया। उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने हजारों और सैकड़ों लोगों की तरह एक ही नौकरी के लिए प्रतिस्पर्धा की। यहां उनका नौकरी से मतलब अभिनय था। गौरतलब है कि सरदार उधम सिंह ने साल 1940 में माइकल ओ डॉयर की हत्या करके जलियांवाला बाग नरसंहार का बदला लिया था।