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Vidya Sinha: पड़ोस की लड़की जैसी हीरोइन, पहली ही फिल्म गोल्डन जुबली, इन 10 फिल्मों से सिनेमा में काट दिया गदर
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: अंजू बाजपेई
Updated Fri, 15 Nov 2024 10:21 AM IST
सार
Vidya Sinha: बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री विद्या सिन्हा का जन्म आज ही के दिन मुंबई में हुआ था। विद्या ने कई हिंदी फिल्मों में बेहतरीन अभिनय से दर्शकों का दिल जीता है। विद्या को 'रजनीगंधा', 'छोटी सी बात' और 'पति-पत्नी और वो' जैसी कई कई शानदार फिल्मों के जानदार किरदारों के लिए आज भी याद किया जाता है।
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विद्या सिन्हा
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
दिग्गज अभिनेत्री विद्या सिन्हा का जन्म मुंबई में 15 नवंबर 1947 को एक फिल्मी परिवार में हुआ था। उनके पिता प्रताप राणा एक फिल्म प्रोड्यूसर थे। विद्या जब 18 साल की थीं, तभी उन्होंने मॉडलिंग शुरू कर दी थी। आइए आज आपको विद्या की उन बेहतरीन 10 फिल्मों के बारे में बताते हैं, जिनमें उन्होंने अपने बेहतरीन अभिनय से सभी का दिल जीता।
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रजनीगंधा
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
रजनीगंधा
बासु चटर्जी द्वारा लिखित और निर्देशित फिल्म रजनीगंधा सुपर डुपर हिट फिल्म थी। इस फिल्म की इसी साल गोल्डन जुबली थी। साल 1947 में रिलीज हुई रजनीगंधा प्रसिद्ध हिंदी लेखिका मन्नू भंडारी की लघु कहानी 'यही सच है' पर आधारित है। फिल्म में विद्या सिन्हा ने मुख्य भूमिका निभाई थी। विद्या के अलावा फिल्म में अमोल पालेकर और दिनेश ठाकुर ने भी अहम किरदार निभाए थे। रजनीगंधा विद्या सिन्हा और अमोल पालेकर की पहली हिंदी फिल्म थी। बाद में रजनीगंधा को 2012 में होतत शेडिन के रूप में बंगाली में रीमेक किया गया था। दीपा दिल्ली (विद्या सिन्हा) स्नातक की छात्रा है, जो संजय (अमोल पालेकर) के साथ लंबे समय से रिलेशनशिप में है और उससे शादी करने के ख्वाब देखती है, लेकिन जब फिल्म में नवीन (दिनेश ठाकुर) की एंट्री होती है तो कहानी एक नया दिलचस्प मोड़ लेती है।
बासु चटर्जी द्वारा लिखित और निर्देशित फिल्म रजनीगंधा सुपर डुपर हिट फिल्म थी। इस फिल्म की इसी साल गोल्डन जुबली थी। साल 1947 में रिलीज हुई रजनीगंधा प्रसिद्ध हिंदी लेखिका मन्नू भंडारी की लघु कहानी 'यही सच है' पर आधारित है। फिल्म में विद्या सिन्हा ने मुख्य भूमिका निभाई थी। विद्या के अलावा फिल्म में अमोल पालेकर और दिनेश ठाकुर ने भी अहम किरदार निभाए थे। रजनीगंधा विद्या सिन्हा और अमोल पालेकर की पहली हिंदी फिल्म थी। बाद में रजनीगंधा को 2012 में होतत शेडिन के रूप में बंगाली में रीमेक किया गया था। दीपा दिल्ली (विद्या सिन्हा) स्नातक की छात्रा है, जो संजय (अमोल पालेकर) के साथ लंबे समय से रिलेशनशिप में है और उससे शादी करने के ख्वाब देखती है, लेकिन जब फिल्म में नवीन (दिनेश ठाकुर) की एंट्री होती है तो कहानी एक नया दिलचस्प मोड़ लेती है।
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छोटी सी बात
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
छोटी सी बात
साल 1976 में आई फिल्म छोटी सी बात एक रोमांटिक कॉमेडी फिल्म है, जिसका निर्देशन बासु चटर्जी ने किया। 1970 के दशक की सर्वश्रेष्ठ हिंदी कॉमेडी फिल्मों में से एक मानी जाने वाली यह फिल्म हाइपरकंजेशन से पहले मुंबई पर अपने अनोखे अंदाज के लिए एक पसंदीदा फिल्म है। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हिट रही और इसमें अमोल पालेकर, विद्या सिन्हा, अशोक कुमार और असरानी ने मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं। यह फिल्म 1960 की ब्रिटिश फिल्म स्कूल फॉर स्काउंड्रल्स की रीमेक है। छोटी सी बात की कहानी में अरुण प्रदीप (अमोल पालेकर ) बेहद शर्मीले युवक के बारे में है , जिसमें आत्मविश्वास की कमी है। वह पहली नजर में प्रभा नारायण (विद्या सिन्हा) से प्यार कर बैठता है, जो रोजाना काम पर जाते समय बस स्टॉप पर देखता है। आगे की कहानी काफी दिलचस्प और मजेदार है।
साल 1976 में आई फिल्म छोटी सी बात एक रोमांटिक कॉमेडी फिल्म है, जिसका निर्देशन बासु चटर्जी ने किया। 1970 के दशक की सर्वश्रेष्ठ हिंदी कॉमेडी फिल्मों में से एक मानी जाने वाली यह फिल्म हाइपरकंजेशन से पहले मुंबई पर अपने अनोखे अंदाज के लिए एक पसंदीदा फिल्म है। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हिट रही और इसमें अमोल पालेकर, विद्या सिन्हा, अशोक कुमार और असरानी ने मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं। यह फिल्म 1960 की ब्रिटिश फिल्म स्कूल फॉर स्काउंड्रल्स की रीमेक है। छोटी सी बात की कहानी में अरुण प्रदीप (अमोल पालेकर ) बेहद शर्मीले युवक के बारे में है , जिसमें आत्मविश्वास की कमी है। वह पहली नजर में प्रभा नारायण (विद्या सिन्हा) से प्यार कर बैठता है, जो रोजाना काम पर जाते समय बस स्टॉप पर देखता है। आगे की कहानी काफी दिलचस्प और मजेदार है।
पति पत्नी और वो
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
पति पत्नी और वो
पति पत्नी और वो 1978 में बनी बी.आर. चोपड़ा द्वारा निर्मित और निर्देशित हिंदी फिल्म है। इसमें संजीव कुमार, विद्या सिन्हा, रंजीता कौर ने मुख्य अभिनय किया है। वहीं फिल्म में इन सभी के अलावा ऋषि कपूर, नीतू सिंह, टीना मुनीम और परवीन बॉबी ने अहम किरदार निभाए हैं। इस फिल्म में विद्या (शारदा चड्ढा) ने संजीव कुमार (रंजीत चड्ढा) की पत्नी का किरदार निभाया। फिल्म के नाम से ही जाहिर है कि फिल्म में लव ट्राएंगल दिखाया गया है। इसी फिल्म का रीमेक बनी 2019 में कार्तिक आर्यन, भूमि पेडनेकर और अनन्या पांडे द्वारा अभिनीत फिल्म पती पत्नी और वो। इस फिल्म का निर्देशन मुदस्सर अजीज ने और निर्माण भूषण कुमार ने किया।
पति पत्नी और वो 1978 में बनी बी.आर. चोपड़ा द्वारा निर्मित और निर्देशित हिंदी फिल्म है। इसमें संजीव कुमार, विद्या सिन्हा, रंजीता कौर ने मुख्य अभिनय किया है। वहीं फिल्म में इन सभी के अलावा ऋषि कपूर, नीतू सिंह, टीना मुनीम और परवीन बॉबी ने अहम किरदार निभाए हैं। इस फिल्म में विद्या (शारदा चड्ढा) ने संजीव कुमार (रंजीत चड्ढा) की पत्नी का किरदार निभाया। फिल्म के नाम से ही जाहिर है कि फिल्म में लव ट्राएंगल दिखाया गया है। इसी फिल्म का रीमेक बनी 2019 में कार्तिक आर्यन, भूमि पेडनेकर और अनन्या पांडे द्वारा अभिनीत फिल्म पती पत्नी और वो। इस फिल्म का निर्देशन मुदस्सर अजीज ने और निर्माण भूषण कुमार ने किया।
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विद्या सिन्हा
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
कर्म
1977 में बनी हिंदी फिल्म कर्म का निर्माण और निर्देशन बी.आर. चोपड़ा ने किया है। फिल्म में राजेश खन्ना, विद्या सिन्हा, शबाना आजमी, उर्मिला मातोंडकर और मास्टर बिट्टू ने अभिनय किया है। गीत राजकवि इंद्रजीत सिंह तुलसी ने लिखे हैं और संगीत आर.डी. बर्मन ने दिया है। इस फिल्म में उर्मिला मातोंडकर बतौर बाल नजर आई थीं। अरविंद (राजेश खन्ना) काफी अमीर है और वह एक आलीशान घर में रहता है, जो कानून की पढ़ाई कर रहा है और वकील बनने की राह पर है। अरविंद खूबसूरत आशा शास्त्री (विद्या सिन्हा) से मिलता है और वे प्यार में पड़ जाते हैं। आशा अरविंद को अपने ज्योतिषी पिता चिंतामणि से मिलवाती है, जो अरविंद को तुरंत स्वीकार कर लेते हैं, जैसे अरविंद के माता-पिता आशा को स्वीकार करते हैं। लेकिन जब चिंतामणि युवा जोड़े के लिए एक अंधकारमय भविष्य को देखते हैं तो हैरान हो जाते हैं।
1977 में बनी हिंदी फिल्म कर्म का निर्माण और निर्देशन बी.आर. चोपड़ा ने किया है। फिल्म में राजेश खन्ना, विद्या सिन्हा, शबाना आजमी, उर्मिला मातोंडकर और मास्टर बिट्टू ने अभिनय किया है। गीत राजकवि इंद्रजीत सिंह तुलसी ने लिखे हैं और संगीत आर.डी. बर्मन ने दिया है। इस फिल्म में उर्मिला मातोंडकर बतौर बाल नजर आई थीं। अरविंद (राजेश खन्ना) काफी अमीर है और वह एक आलीशान घर में रहता है, जो कानून की पढ़ाई कर रहा है और वकील बनने की राह पर है। अरविंद खूबसूरत आशा शास्त्री (विद्या सिन्हा) से मिलता है और वे प्यार में पड़ जाते हैं। आशा अरविंद को अपने ज्योतिषी पिता चिंतामणि से मिलवाती है, जो अरविंद को तुरंत स्वीकार कर लेते हैं, जैसे अरविंद के माता-पिता आशा को स्वीकार करते हैं। लेकिन जब चिंतामणि युवा जोड़े के लिए एक अंधकारमय भविष्य को देखते हैं तो हैरान हो जाते हैं।
