ओम राउत की फिल्म ‘आदिपुरुष’ रिलीज के बाद से ही विवादों के घेरे में आ गई है। रिलीज के इतने दिनों बाद भी दर्शक फिल्म की आलोचना करने से पीछे नहीं हट रहे हैं। इसी क्रम में अब विक्रम भट्ट ने भी अपने दादा विजय भट्ट के निर्देशन में फिल्म‘राम राज्य’ को याद किया, जो साल 1943 में रिलीज हुई थी। इसे साझा करते हुए विक्रम ने कहा कि राम राज्य एकमात्र ऐसी फिल्म थी, जिसे महात्मा गांधी ने देखा था।
Adipurush: 'कुछ फिल्में महज मनोरंजन से भी आगे निकल जाती हैं', आदिपुरुष की आलोचना पर विक्रम भट्ट की दो टूक
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गौरतलब है कि विक्रम भट्ट की बेटी कृष्णा भट्ट ने ‘1920: हॉरर ऑफ द हार्ट’ से बतौर डायरेक्टर अपने करियर की शुरुआत कर ली है। आज यह फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। फैंस को इस फिल्म का ट्रेलर काफी पसंद आया था। यही नहीं, फिल्म के प्रमोशन के दौरान विक्रम अपनी बेटी के साथ मीडिया में स्पॉट होते भी नजर आए थे।
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अब फिल्म ‘आदिपुरुष’ की आलोचना को देखते हुए विक्रम को अपने दादा विजय भट्ट के निर्देशन में बनी ‘राम राज्य’ याद आई है। हाल ही में, एक इंटरव्यू में विक्रम ने बताया कि उनके दादाजी ने उन्हें बताया था कि गांधीजी ने उन दिनों ‘राम राज्य’ फिल्म देखी थी, जब वह मौन व्रत का पालन कर रहे थे। वह भी राम भक्त थे। उन्होंने आकर फिल्म देखी। मेरे दादाजी को उनके बगल में बैठने और उन्हें फिल्म दिखाने का सौभाग्य मिला था।
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विक्रम ने आगे यह भी साझा किया कि गांधीजी के पास फिल्म देखने के लिए केवल 40 मिनट थे, लेकिन एक बार गांधीजी फिल्म देखने में इतने तल्लीन हो गए कि उन्होंने शो को चालू रखने का इशारा किया क्योंकि वह राम जी के जीवन के बारे में और अधिक देखना चाहते थे। विक्रम ने साझा किया कि भारत में रिलीज होने से पहले फिल्म का प्रीमियर अमेरिका में किया गया था और यह पांच लाख रुपये से कम के बजट पर बनी थी और इसने 55 लाख रुपये से अधिक की कमाई की थी।
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विक्रम ने ट्विटर पर भी अपने दादा की फिल्म के कुछ किस्से साझा किए और लिखा, ‘यह उनके भगवान में उनके विश्वास का एक प्रमाण था और यह वही विश्वास था जिसे उन्होंने अपने जीवन के आखिरी दिन तक कायम रखा था। कुछ फिल्में महज मनोरंजन से भी आगे निकल जाती हैं। वे गहरी आस्था और पूजा के दायरे में चले जाते हैं।'