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EXCLUSIVE: विवेक ओबेरॉय बोले- फिल्म पीएम मोदी एक जश्न है, पूरा देश शुक्रवार को मनाएगा ये जलसा
Tue, 21 May 2019 07:09 AM IST
Mishra Mishra
एंटरटेनमेंट डेस्क, मुंबई
एंटरटेनमेंट डेस्क, मुंबई
Published by: Mishra Mishra
Updated Tue, 21 May 2019 07:09 AM IST
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Vivek Oberoi
- फोटो : social media
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इस साल की शुरूआत विवेक ओबेरॉय के लिए धमाकेदार रही। उनकी तेलुगू फिल्म विनया विधेया रामा बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रही। उनकी इसी साल की सुपरहिट मलायलम फिल्म लुसिफर दो दिन पहले ही प्राइम वीडियो पर रिलीज हुई है। अब वह तैयार हैं अपने करियर की सबसे कठिन चुनौती पीएम नरेंद्र मोदी के साथ। विवेक ने इस खास मुलाकात में इस फिल्म की तैयारियों से लेकर ऐश्वर्या राय, सलमान खान और हर उस मुद्दे पर खुलकर बात की, जिससे वह अक्सर बचते बचाए जाते हैं। पेश हैं इस खास मुलाकात के कुछ अंश:
Vivek Oberoi
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तो ऐसा क्या है इस फिल्म में जो नरेंद्र मोदी के बारे में देश की जनता को नहीं पता?
ये तो खैर लोगों को फिल्म देखने के बाद ही पता चलेगा लेकिन ये सिर्फ एक राजनीतिक व्यक्ति की जीवनगाथा ही नहीं है। ये फिल्म इस देश का एक ऐसा इतिहास है जिससे करोड़ों लोग काफी कुछ सीख रहे हैं और सीखने जा रहे हैं। ये एक प्रेरणादायक फिल्म है कि कैसे ट्रेन में चाय बेचने वाला एक बालक एक दिन इस देश का प्रधानमंत्री बन सकता है। ये सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए की जाने वाली मेहनत को दिखाता है। इसे देखकर वे लोग भी काफी कुछ सीख सकते हैं जो राजनीतिक तौर पर बीजेपी के समर्थक नहीं हैं।
ये तो खैर लोगों को फिल्म देखने के बाद ही पता चलेगा लेकिन ये सिर्फ एक राजनीतिक व्यक्ति की जीवनगाथा ही नहीं है। ये फिल्म इस देश का एक ऐसा इतिहास है जिससे करोड़ों लोग काफी कुछ सीख रहे हैं और सीखने जा रहे हैं। ये एक प्रेरणादायक फिल्म है कि कैसे ट्रेन में चाय बेचने वाला एक बालक एक दिन इस देश का प्रधानमंत्री बन सकता है। ये सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए की जाने वाली मेहनत को दिखाता है। इसे देखकर वे लोग भी काफी कुछ सीख सकते हैं जो राजनीतिक तौर पर बीजेपी के समर्थक नहीं हैं।
Vivek Oberoi
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फिल्म की रिलीज पर चुनाव आयोग ने रोक लगाई, क्या आपको लगता है कि कोई फिल्म मतदाताओं को प्रभावित कर सकती है?
फिल्म और सियासत का रिश्ता तो है लेकिन ऐसा नहीं जैसा तमाम नेता समझते हैं। अगर ऐसा होता तो नेता बनने के बाद उन्हें कहीं कोई प्रचार करने नही जाना होता। वे अपने ऊपर फिल्में बनवाते और घर में आराम करते। राजनीति और सिनेमा दोनों मेहनत के काम हैं, लेकिन दोनों के रास्ते अलग अलग हैं। मुझे तो लगता है जैसे मोदी जी को प्रधानमंत्री बनने से रोकने के लिए एक महागठबंधन काम कर रहा था वैसा ही एक गठबंधन हमारी फिल्म की रिलीज रोकने के लिए भी काम करता रहा।
फिल्म और सियासत का रिश्ता तो है लेकिन ऐसा नहीं जैसा तमाम नेता समझते हैं। अगर ऐसा होता तो नेता बनने के बाद उन्हें कहीं कोई प्रचार करने नही जाना होता। वे अपने ऊपर फिल्में बनवाते और घर में आराम करते। राजनीति और सिनेमा दोनों मेहनत के काम हैं, लेकिन दोनों के रास्ते अलग अलग हैं। मुझे तो लगता है जैसे मोदी जी को प्रधानमंत्री बनने से रोकने के लिए एक महागठबंधन काम कर रहा था वैसा ही एक गठबंधन हमारी फिल्म की रिलीज रोकने के लिए भी काम करता रहा।
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Vivek Oberoi
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इस फिल्म ने आपको कितना प्रभावित किया?
फिल्म के निर्माता संदीप सिंह मेरे पास जब इस फिल्म का प्रस्ताव लेकर आए तो मैंने उन्हें सिर्फ 30 सेकेंड में हां कर दी। इसके बाद मैंने ओमंग कुमार को इस फिल्म के निर्देशन के लिए लिया। फिर मैंने मोदी जी के बारे में खूब पढ़ा और इतना पढ़ा कि मेरा पूरा जीवन इस कहानी ने बदल दिया। अब मैं सुबह 4 बजे उठता हूं, पूजा पाठ करता हूं, सामाजिक कार्यों की देखरेख करता हूं और फिर अपना काम शुरू करता हूं। शाकाहारी तो मैं पहले से था लेकिन अब मैं पूरा सात्विक भोजन करने लगा हूं।
फिल्म के निर्माता संदीप सिंह मेरे पास जब इस फिल्म का प्रस्ताव लेकर आए तो मैंने उन्हें सिर्फ 30 सेकेंड में हां कर दी। इसके बाद मैंने ओमंग कुमार को इस फिल्म के निर्देशन के लिए लिया। फिर मैंने मोदी जी के बारे में खूब पढ़ा और इतना पढ़ा कि मेरा पूरा जीवन इस कहानी ने बदल दिया। अब मैं सुबह 4 बजे उठता हूं, पूजा पाठ करता हूं, सामाजिक कार्यों की देखरेख करता हूं और फिर अपना काम शुरू करता हूं। शाकाहारी तो मैं पहले से था लेकिन अब मैं पूरा सात्विक भोजन करने लगा हूं।
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जीवन की और भी घटनाओं ने आपको बदला है, जैसे कि ऐश्वर्या राय प्रकरण। क्या आपके करियर को सलमान खान की अदावत ने नुकसान पहुंचाया?
ऐश्वर्या अब एक शादीशुदा महिला हैं और अतीत गुजर चुका है। हमारे बीच जो था, वह बीती बात है और मैं उसका अब भी सम्मान करता हूं। मेरा तो एक ही सिद्धांत है कि मित्रता कम करो लेकिन जब करो तो आखिर तक उसके लिए कटिबद्ध रहो। दूसरों की मदद करने का मेरा अपना उसूल है, सामने वाला उस मदद को पाने का हकदार था या नहीं, इस पर मैं ज्यादा विचार नहीं करता। मेरा करियर निश्चित रूप से प्रभावित हुआ लेकिन मुझे किसी से कोई गिला शिकवा नहीं है। मैं सार्वजनिक कार्यक्रमों में सलमान से मिलता हूं। हमारी दुआ सलाम होती है। मेरे भीतर किसी बात के लिए कोई कड़वाहट नहीं है।
ऐश्वर्या अब एक शादीशुदा महिला हैं और अतीत गुजर चुका है। हमारे बीच जो था, वह बीती बात है और मैं उसका अब भी सम्मान करता हूं। मेरा तो एक ही सिद्धांत है कि मित्रता कम करो लेकिन जब करो तो आखिर तक उसके लिए कटिबद्ध रहो। दूसरों की मदद करने का मेरा अपना उसूल है, सामने वाला उस मदद को पाने का हकदार था या नहीं, इस पर मैं ज्यादा विचार नहीं करता। मेरा करियर निश्चित रूप से प्रभावित हुआ लेकिन मुझे किसी से कोई गिला शिकवा नहीं है। मैं सार्वजनिक कार्यक्रमों में सलमान से मिलता हूं। हमारी दुआ सलाम होती है। मेरे भीतर किसी बात के लिए कोई कड़वाहट नहीं है।