बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री वहीदा रहमान का आज जन्मदिन है। आज भी लोग उनकी एक्टिंग और डांसिंग के दीवाने हैं। वहीदा रहमान ने अपनी काबिलियत से हिंदी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई है। वहीदा रहमान ने इंडस्ट्री को बहुत सी हिट फिल्में दी हैं और इसके साथ ही वह एक काबिल डांसर भी हैं लेकिन इतनी काबिलीयत के बावजूद एक समय ऐसा था जब उन्हें उनके धर्म की वजह से डांस सिखाने से मना कर दिया गया था।
Waheeda Rehman: धर्म की वजह से वहीदा रहमान को झेलना पड़ा रिजेक्शन, गुरुदत्त से जुड़ा नाम
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भरतनाट्यम सिखाने से किया इंकार
अभिनेत्री ने 'डांस दीवाने' के सेट पर इस किस्से को साझा किया था कि कैसे जब उन्हें उनके मुस्लिम धर्म की वजह से डांस सिखाने से मना कर दिया गया था। वहीदा को इसके लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। हालांकि कुंडली दिखाने के बाद गुरु जी ने उन्हें भरतनाट्यम सिखाया था।
दिग्गज अभिनेत्री ने आगे बताते हुए कहा, "मेरे दिमाग में तो उन्हीं से सीखने की धुन थी। मैं अपने दोस्त को उनके पास भेजती रही। फिर उन्होंने उससे मेरी कुंडली लाने को कहा पर हमारे यहां कुंडली नहीं बनवाते हैं। तब उन्होंने मेरी बर्थ डेट मांगी और खुद मेरी कुंडली बनाई। कुंडली देखकर वह आशचर्य से बोले कि यह लड़की मेरी आखिरी और सबसे अच्छी स्टूडेंट होगी।"
वहीदा रहमान का नाम गुरुदत्त से जुड़ा। साल 1957 में गुरुदत्त और गीता दत्त की शादीशुदा जिंदगी में दरार आ गई और दोनों अलग रहने लगे। कहा जाता है कि गुरुदत्त वहीदा के साथ शादी करना चाहते थे। लेकिन शादीशुदा होने की वजह से वे ऐसा नहीं कर पाए और आखिरकार दोनों अलग हो गए। वहीदा को गुरुदत्त ने अपनी प्रोडक्शन की फिल्म सीआईडी में वहीदा को पहला मौका दिया था।
साउथ इंडस्ट्री से की शुरुआत
वहीदा रहमान ने तेलुगू फिल्म 'रोजुलु मारायई' से अपने करियर की शुरुआत की थी। यह फिल्म साल 1955 में आई थी। इसके बाद वहीदा रहमान ने हिंदी सिनेमा में 'प्यासा', 'कागज के फूल', 'चौदवीं का चांद' और 'साहब बीबी और गुलाम' में काम किया। लेकिन उन्हें बॉलीवुड में देवानंद की फिल्म 'गाइड' से अलग पहचान मिली। वहीदा रहमान को पद्मश्री, पद्मभूषण और नेशनल फिल्म अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है।