फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कौन हैं वसीम बरेलवी, क्यों कहलाते हैं शायरी के बादशाह, यहां जानिए उनसे जुड़ी हर बात

Mon, 03 Sep 2018 06:45 PM IST
श्रीलता बिश्वास, अमर उजाला
श्रीलता बिश्वास, अमर उजाला Updated Mon, 03 Sep 2018 06:45 PM IST
विज्ञापन
wasim barelvi profile facts about his life
wasim barelvi

उर्दू के मशहूर शायर वसीम बरेली अपनी शायरी और गजल के जरिए लाखों दिलों पर राज करते हैं। उर्दू के अदब को उन्होंने अपनी शायरी में बखूबी पिरोया है। कोई भी मुशायरा उनके बगैर पूरा नहीं माना जाता। 

wasim barelvi profile facts about his life
वसीम बरेलवी

18 फरवरी 1940 को वसीम बरेलवी का जन्म बरेली में हुआ था। वसीम बरेलवी के पिता जनाब शाहिद हसन थे। उनके पिता के रईस अमरोहवी और जिगर मुरादाबादी से बहुत अच्छे संबंध थे। दोनों का आना-जाना अक्सर उनके घर पर होता रहता था। जिस वजह से वसीम बरेलवी का झुकाव बचपन से शेर-ओ-शायरी की ओर हो गया। वसीम बरेलवी ने अपनी पढ़ाई बरेली के ही बरेली कॉलेज से की। उन्होंने एमए उर्दू में गोल्ड मेडल हासिल किया। बाद में इसी कॉलेज में वो उर्दू विभाग के अध्यक्ष भी बने। 60 के दशक में वसीम बरेलवी मुशायरों में जाने लगे और अपनी लिखी गजलों और शायरी सुनाने लगे।

wasim barelvi profile facts about his life
वसीम बरेलवी

वसीम बरेलवी का ये शौक धीरे-धीरे उनका जुनून बन गया। अपने इसी जुनून पर उन्होंने लिखा कि 'शेर लफ्ज से पैदा नहीं होता, शेर एहसास से जन्म लेता है।' शायरी में उनके काम को देखते हुए फिराक इंटरनेशन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। वसीम बरेलवी नेशनल काउंसिल फॉर प्रमोशन ऑफ उर्दू लैंग्वेज (NCPUL) के वो वाइस चेयरमैन हैं। वसीम बरेलवी की ज्यादातर गजलों को जगजीत सिंह ने अपनी आवाज दी है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
wasim barelvi profile facts about his life
वसीम बरेलवी

तुझे पाने की कोशिश में कुछ इतना खो चुका हूं मैं
कि तू मिल भी अगर जाए तो अब मिलने का गम होगा।

तू छोड़ रहा है, तो खता इसमें तेरी क्या
हर शख्स मेरा साथ, निभा भी नहीं सकता।

मैं बोलता गया हूं वो सुनता रहा खामोश
ऐसे भी मेरी हार हुई है कभी-कभी।

विज्ञापन
wasim barelvi profile facts about his life
वसीम बरेलवी

मोहब्बत में बिछड़ने का हुनर सब को नहीं आता
किसी को छोड़ना हो तो मुलाकातें बड़ी करना।

प्यार के बारे में इतना नहीं सोचा जाता
उससे कह दो मेरी आंखों का सफर खत्म करे।

शर्तें लगाई जाती नहीं दोस्ती के साथ
कीजे मुझे क़ुबूल मेरी हर कमी के साथ। 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें मनोरंजन समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। मनोरंजन जगत की अन्य खबरें जैसे बॉलीवुड न्यूज़, लाइव टीवी न्यूज़, लेटेस्ट हॉलीवुड न्यूज़ और मूवी रिव्यु आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed