दीपिका पादुकोण को दावोस की वार्षिक बैठक में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की ओर से क्रिस्टल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इस दौरान दीपिका ने अपने डिप्रेशन को लेकर भी बात की। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2020 पर दीपिका ने कहा कि लोग उनसे पूछते थे कि वह कैसी हैं और वह इसका झूठा जवाब अच्छी हूं देती थी।
'जितना समय मुझे अवॉर्ड लेने में लगा, उतनी देर में किसी एक शख्स ने सुसाइड कर लिया होगा': दीपिका
डब्ल्यूएचओ के डायरेक्टर से बात के दौरान दीपिका ने अपने संघर्ष के दिनों के बारे में बताया कि मैं उन दिनों मानसिक बीमारी से जूझ रही थी। लेकिन किसी को इस बारे में बताना नहीं चाहती थी। दीपिका ने कहा कि डिप्रेशन और तनाव के बारे में लोग खुलकर बात नहीं करते हैं लेकिन इसको भी दूसरी बीमारियों की तरह ही समझना चाहिए। इस दौरान दीपिका ने अपने साथ घटी एक घटना का भी जिक्र किया। जिसे सुनकर सभी हैरान रह गए।
दीपिका पादुकोण ने बताया- एक दिन मैं अपने बेड से नीचे गिरीं थी और घर पर कोई नहीं था। उस वक्त मेरी काम वाली आई और मुझे डॉक्टर के पास ले गई। उन्होंने कहा कि हर सुबह उठकर वह हंसने और खुश रहने की कोशिश करती लेकिन आखिरकार मैं उदास हो जाती थी।
दीपिका ने कहा- 'मेरी लव और हेट रिलेशनशिप ने मुझे बहुत कुछ सिखाया है और मैं इससे पीड़ित हर किसी को बताना चाहती हूं कि आप अकेले नहीं हैं, उन्होंने यह भी कहा कि जितना समय मुझे अवॉर्ड लेने में लगा है, उतनी ही देर में दुनिया में किसी एक शख्स ने डिप्रेशन की वजह से सुसाइड कर लिया होगा।'
As #wef20 gets underway, @deepikapadukone stresses the importance of addressing mental health issues when building a more sustainable and inclusive world.@TLLLFoundation
— World Economic Forum (@wef) January 20, 2020
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दीपिका पादुकोण को ये सम्मान मेंटल हेल्थ सेक्टर में उनके सराहनीय कार्य के लिए दिया गया है। बॉलीवुड एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण ने दुनिया के सामने न सिर्फ अपनी मानसिक बीमारी को स्वीकार किया बल्कि इसके खिलाफ एक अभियान भी छेड़ दिया। दीपिका ने सार्वजनिक मंच पर कई बार इस बात को स्वीकार किया है कि ब्रेकअप के बाद वह डिप्रेशन में चली गई थीं।