हिंदी सिनेमा में एक जैसे ही कथानक पर बनी दो फिल्मों के एक साथ रिलीज होने का ताजातरीन मामला फिल्म उजड़ा चमन और बाला अब कानूनी दांव पेंच में उलझता नजर आ रहा है। फिल्म उजड़ा चमन के निर्देशक अभिषेक पाठक जहां अपनी फिल्म को एक कन्नड़ फिल्म का आधिकारिक हिंदी रीमेक बता रहे हैं, वहीं फिल्म बाला के हीरो आयुष्मान खुराना इस विवाद से बेपरवाह नजर आ रहे हैं। ऐसा ही विवाद बरसों पहले अमिताभ बच्चन और राजेश खन्ना की फिल्मों को लेकर भी हो चुका है।
जब एक जैसी कहानी को लेकर भिड़े थे बिग बी और राजेश खन्ना, बाला और उजड़ा चमन के विवाद में नया ट्विस्ट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अभिषेक पाठक ने 1 अक्टूबर को अपने निर्देशन की पहली फिल्म उजड़ा चमन का ट्रेलर लॉन्च किया। ट्रेलर में एक ऐसे व्यक्ति की कहानी सामने आई जो कम उम्र में ही गंजेपन का शिकार हो जाता है। मेकर्स ने इस फिल्म को गंजेपन पर आधारित पहली फिल्म के तौर पर पेश किया जो 8 नवंबर को रिलीज होनी है। तब आयुष्मान खुराना की फिल्म बाला 15 नवंबर को रिलीज होने वाली थी। बाला भी गंजेपन की समस्या पर आधारित फिल्म है।लेकिन, गुरुवार को टी सीरीज के मालिक भूषण कुमार और बाल के निर्माता दिनेश विजन की आपसी सहमति के बाद बाला अब 7 नवंबर को रिलीज होने जा रही है। इस फिल्म के लिए भूषण कुमार ने अपनी फिल्म मरजावां की रिलीज डेट बदलकर 15 नवंबर कर दी है।
मशहूर फिल्म निर्माता कुमार मंगत ने अचानक हुए इस बदलाव को गलत बताया है। फिल्म उजड़ा चमन का निर्देशन उनके बेटे अभिषेक पाठक कर रहे हैं। वह कहते हैं, “उजड़ा चमन 2017 में आई कन्नड़ फिल्म ओंदू मोत्तेया कथे की रीमेक है। हमारी कंपनी पैनोरोमा स्टूडियोज ने इसके रीमेक राइट्स पिछले साल ले लिए थे। हमारी फिल्म रिलीज के लिए 8 नवंबर की तारीख तय हुई। बाला पहले 22 नवंबर को रिलीज होनी थी फिर इसकी तारीख 15 नवंबर रखी गई वहीं अब यह फिल्म 7 नवंबर यानी की मेरी फिल्म से एक दिन पहले रिलीज हो रही है।”
निर्माता कुमार मंगत के करीबी सूत्रों का कहना है कि इस बारे में उनकी लीगल टीम भी हर संभव कोशिश कर रही है कि किसी तरह यह मुकाबला टल जाए और बाला की रिलीज पर किसी तरह रोक लग सके। बाला की शूटिंग शुरू होने के तुरंत बाद इस फिल्म पर कहानी चोरी का आरोप भी लग चुका है। वहीं फिल्म बाला के हीरो इस विवाद से अनजान बने हुए हैं। वह कहते हैं, "बेहतरीन सिनेमा पसंद करने वालों के लिए मेरी इस फिल्म में सबकुछ है और मैं गारंटी दे सकता हूं कि एक ही समय में यह सामाजिक रूप से प्रासंगिक और विचारणीय होने के साथ ही उनके लिए पूरी तरह से पैसा वसूल फिल्म साबित होगी।”
एक जैसे कथानक पर बनी फिल्मों के आसपास ही रिलीज होने के मामले इससे पहले भी हिंदी सिनेमा में हो चुके हैं। अमिताभ बच्चन की फिल्म इंकलाब और राजेश खन्ना की फिल्म आज का एमएलए राम अवतार की कहानी भी करीब करीब एक जैसी थी और दोनों फिल्में बॉक्स ऑफिस पर आगे पीछे रिलीज हुईं। यही नहीं अमिताभ बच्चन की दो फिल्मों तूफान और जादूगर के कथानक एक जैसे रहे और अमिताभ बच्चन ने दोनों फिल्मों के निर्देशकों यानी मनमोहन देसाई और प्रकाश मेहरा से इसका जिक्र तक रिलीज से पहले नहीं किया। ये दोनों फिल्में बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो गईं और इसी के बाद अमिताभ के इन दोनों निर्देशकों से रिश्ते भी बिगड़ गए।
पढ़ें: सलमान के बंगले पर क्राइम ब्रांच का छापा और रेखा के जन्मदिन सहित ये हैं आज की बड़ी खबरें