भारत में फैले कोरोना वायरस को रोकने के लिए लागू किए लॉकडाउन के चलते सभी सिनेमाघरों पर ताला लगा हुआ है इसलिए रिलीज के लिए तैयार हो चुकी फिल्में अब सीधे डिजिटल प्लेटफॉर्म का रास्ता देख रही हैं। छोटी फिल्मों को छोड़कर बात करें अगर बड़ी फिल्मों की तो अमिताभ बच्चन और आयुष्मान खुराना की फिल्म 'गुलाबो सिताबो' और विद्या बालन की फिल्म 'शकुंतला देवी' के सीधे ओटीटी पर रिलीज होने की आधिकारिक घोषणा हो चुकी है।
क्या अमिताभ के लिए बदल जाएंगे राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के नियम, ऐसा हुआ तो होगी पांचवें पुरस्कार की दावेदारी
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हिंदी सिनेमा की इन दो बड़ी फिल्मों के ओटीटी पर रिलीज होने के बाद फिल्मी दुनिया में मुद्दे तो कई बने लेकिन एक ताजा मुद्दा यह भी है कि इन फिल्मों में काम करने वाले कलाकारों और फिल्म को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के दायरे में रखा जाएगा या नहीं? केंद्र सरकार के सूचना और प्रसारण मंत्रालय को इस आशय के संदेश मिल रहे हैं कि वर्ष 2020 में लॉकडाउन की वजह से और सिनेमाघरों के बंद होने के चलते डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने वाली फिल्मों को भी राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के दायरे में रखा जाए।
सूत्र बताते हैं कि लॉकडाउन की वजह से सिनेमाघरों के बंद होने के कारण हिंदी समेत भारत की अन्य भाषाओं में बनने वाली कई फिल्में डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने के लिए तैयार हैं। ऐसे में अगर सरकार ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने वाली फिल्मों को भी राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के दायरे में रखना उचित समझती है तो इससे सबका फायदा होगा। सरकारी सूत्र बताते हैं कि इस मुद्दे पर पूरी तरह से विचार- विमर्श करने के बाद बहुत ही जल्द सरकार इसकी आधिकारिक घोषणा कर सकती है।
हिंदी सिनेमा की अगर बात करें तो परेश रावल के बेटे आदित्य रावल की फिल्म बम्फाड़, प्रियमणि की फिल्म अतीत के बाद 'गुलाबो सिताबो' और 'शकुंतला देवी' के ओटीटी पर रिलीज होने की बारी है। इनके अलावा अनुराग कश्यप निर्देशित फिल्म चोक्ड और विनय पाठक की फिल्म चिंटू का बर्थडे भी ओटीटी पर रिलीज हो रही हैं। इन फिल्मों में काम करने वाले मुख्य कलाकारों में अमिताभ बच्चन चार बार, प्रियमणि, आयुष्मान खुराना और विद्या बालन भी एक-एक बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीत चुके हैं। अगर सरकार इस नए नियम की घोषणा करती है तो अमिताभ बच्चन पांचवीं बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीतने के दावेदार होंगे।
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार को लेकर इस समय छिड़ी इस नई बहस का कारण यह भी है कि अभी कुछ ही समय पहले हॉलीवुड फिल्मों के सबसे प्रतिष्ठित फिल्म पुरस्कार ऑस्कर्स ने भी ओटीटी पर रिलीज होने वाली अपनी फिल्मों को ऑस्कर पुरस्कार के दायरे में लाने की घोषणा की है। हालांकि उनका यह विचार फिलहाल इसी साल के लिए सीमित है।
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