भारत में कंटेंट सिनेमा के पोस्टर ब्वॉय रहे अभिनेता आयुष्मान खुराना का मानना है कि आज वह जैसे भी आर्टिस्ट बने हैं, उसे बनाने और गढ़ने में स्ट्रीट थिएटर का बड़ा हाथ रहा है! आयुष्मान ने पांच साल तक गंभीर थिएटर किया। अपने कॉलेज के दिनों में उन्होंने शिमला के गेयटी थिएटर में भी कई नाटक किए थे। वह डीएवी कॉलेज के ‘आगाज’ और ‘मंचतंत्र’ ग्रुप के फाउंडर मेंबर भी रहे, जो चंडीगढ़ में आज भी सक्रिय हैं।
World Theatre Day: नुक्कड़ नाटकों ने आयुष्मान को बनाया हिम्मती कलाकार, पढ़िए एक्टिंग का सक्सेस फॉर्मूला
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वर्ल्ड थिएटर डे के अवसर पर आयुष्मान कहते हैं, “एक्टिंग के साथ मेरा नाता स्ट्रीट थिएटर के माध्यम से ही जुड़ा और इसने मेरे मन में भरोसा जगाया कि अपने हुनर के दम पर मैं लोगों का मनोरंजन कर सकता हूं। स्ट्रीट थिएटर ने दरअसल मेरे एक निडर कलाकार बनने की नींव रखी। मैं जोखिम उठाने के मामले में भी निर्भीक हो गया था और इसके लिए मैं स्ट्रीट थिएटर का बड़ा आभारी हूं, क्योंकि इसी ने मेरा मौजूदा आकार गढ़ा है।”
आयुष्मान बताते हैं, “मेरी नजर में थिएटर आत्मनिरीक्षण का जरिया बन सकता है, यह हमारे समाज और हम क्या बनते जा रहे हैं- इसके बारे में क्रिटिकल हो सकता है और एक ऐसी दुनिया की कल्पना का प्रवेश द्वार भी बन सकता हैं जो फिलहाल मौजूद नहीं है। मैंने थिएटर से बहुत कुछ सीखा है क्योंकि यह आपके सामने अपनी क्षमताओं से आगे बढ़ कर काम करने की चुनौती पेश करता है, ताकि आप ऑडियंस के साथ ज्यादा गहरे व दुतरफा तरीके से जुड़ सकें और उनका मनोरंजन कर सकें। मैंने थिएटर से सीखी हुई चीजों का उपयोग अपने ऑनस्क्रीन पर्फॉर्मेंस और स्क्रिप्ट चुनने में किया है।”
आयुष्मान के मुताबिक थिएटर ने ही उनको संकोच से छुटकारा दिलाया। ‘विक्की डोनर’ में एक स्पर्म डोनर की भूमिका निभाने से लेकर ‘शुभ मंगल सावधान’ में इरेक्टाइल डिस्फंक्शन पीड़ित पुरुष, ‘शुभ मंगल ज्यादा सावधान’ में समलैंगिक व्यक्ति की भूमिका निभाने से लेकर फिल्म ‘चंडीगढ़ करे आशिकी’ में एक ट्रांसजेंडर प्रेमी के किरदारों को करने का हौसला उन्हें ऐसे ही मिला।
वह कहते हैं, "थिएटर सेल्फ-एक्सप्रेशन का एक उन्मुक्त रूप बन सकता है। मुझे तभी एहसास हो गया था कि अगर मैं एक अच्छा आर्टिस्ट बनना चाहता हूं, तो अपना संकोच दूर करने और एक्टिंग के स्वरूप को लेकर बनी अपनी धारणाओं को चुनौती देने वाले प्रोजेक्ट चुनने के लिए मुझे लगातार खुद ही सीमाएं तोड़नी पड़ेंगी। थिएटर और थिएटर के कलाकारों के लिए मेरे मन में बहुत सम्मान है और जब भी मुझे मौका मिलता है, मैं बेहतरीन पर्फॉर्मेंस और प्रोडक्शन देखने का समय निकाल ही लेता हूं।” आयुष्मान की आने वाली फिल्मों में अनुभव सिन्हा की ‘अनेक’, अनुभूति कश्यप की ‘डॉक्टर जी’ और अनिरुद्ध अय्यर निर्देशित ‘एक्शन हीरो’ शामिल हैं।