करण जौहर के पिता और प्रोड्यूसर यश जौहर की फिल्मों की विशेषता भव्य सेट और विदेशी लोकेशंस रहे हैं। उनका जन्म 6 सितंबर 1929 को लाहौर में हुआ था। यश जौहर धर्मा प्रोडक्शन के संस्थापक हैं। उन्होंने 'कल हो ना हो', 'कुछ कुछ होता है' जैसी सुपरहिट फिल्में प्रोड्यूस की हैं। 26 जून 2004 को 74 साल की उम्र में यश जौहर ने दुनिया को अलविदा कह दिया।
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यश जौहर
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बंटवारे के बाद यश जौहर का परिवार दिल्ली आ गया। यहां आकर यश जौहर के पिता ने 'नानकिंग स्वीट्स' नाम से मिठाई की दुकान खोली। यश अपने 9 भाई बहनों में सबसे ज्यादा पढ़े-लिखे थे। इस वजह से उनके पिता ने दुकान पर बैठा दिया, जिससे वो हिसाब किताब कर सकें, हालांकि उन्हें यह काम करना बिल्कुल पसंद नहीं था।
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यश जौहर
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यश जौहर की मां ने उनका साथ दिया और कहा कि 'तुम मुंबई चले जाओ मिठाई की दुकान संभालने के लिए तुम बने भी नहीं हो।' मां ने यश को मुंबई भेजने के लिए घर से गहने और पैसे गायब कर दिए। इसका शक सिक्योरिटी वाले पर गया और उसकी पिटाई भी हुई। जबकि यश की मां बेटे के लिए पैसे का जुगाड़ कर रही थीं जिससे वो मुंबई जा सके।
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madhubala
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यश मुंबई तो पहुंचे लेकिन शुरुआती दिनों में उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा। वो यहां टाइम्स ऑफ इंडिया अखबार में फोटोग्राफर बनने की कोशिश कर रहे थे। उन दिनों डायरेक्टर के. आसिफ 'मुगल-ए-आजम' की शूटिंग कर रहे थे। उस दौरान उन्होंने मधुबाला की फोटो खींची थी। मधुबाला के बारे में कहा जाता था कि वो किसी को अपनी तस्वीर खींचने नहीं देती थीं। यश जौहर उस दौर में भी अंग्रेजी बोल लेते थे और काफी पढ़े लिखे थे। जिससे इम्प्रेस होकर मधुबाला ने उन्हें तस्वीर लेने की इजाजत दे दी। बस फिर क्या था यश जब फोटो खींचकर ऑफिस पहुंचे तो उन्हें नौकरी मिल गई।
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yash johar
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यश जौहर पूजा पाठ में काफी यकीन रखते थे। सुबह-सुबह नहाकर वो करीब 3 मिनट तक प्रार्थना करते थे। उन्होंने घर में ही छोटा सा मंदिर बनाकर रखा था। शायद इसी की छाप उनके फिल्मों में भी दिखाई देती है।