सबसे कम उम्र में सबसे तेज 100 करोड़ यूट्यूब व्यूज पाने वाली गायिका ध्वनि भानुशाली ने इस शुक्रवार बतौर हीरोइन बड़े परदे पर दस्तक दी है। महिला सशक्तिकरण की बात करती उनकी फिल्म 'कहां शुरू कहां खतम' ने कम बजट की फिल्मों के कारोबार की एक नई राह भी खोली है। ध्वनि से ये खास बातचीत की 'अमर उजाला' के सलाहकार संपादक पंकज शुक्ल ने।
Dhvani Bhanushali: सितारों का पता नहीं, मैंने दिलों में जगह बनाई है, मैं जो कुछ भी हूं अपनी मां की वजह से हूं
मुझे लगता है कि युवा पीढ़ी को अपनी जिम्मेदारी का एहसास अब बहुत शुरू से हो जाता है। तमगों के पीछे हम नहीं भागते लेकिन, हमारी मेहनत को जब ऐसा कोई नाम या इनाम मिलता है तो सिर्फ एक कलाकार ही नहीं बल्कि उसे यहां तक लाने में जो भी लोग हमसफर रहे होते हैं, सबको इस बात पर नाज होता है। गायकी अपने आप में एक बड़ी जिम्मेदारी है और ये सुर में रहे, ताल में रहे, इसके लिए लगातार रियाज करते रहने की ये सीख भी देती है।
सोशल मीडिया और कॉलेज के युवाओं के बीच ध्वनि भानुशाली का नाम मॉडर्न डे पॉप आइकन के रूप मे लिया जाता है, इस कामयाबी में आपके परिवार का कितना बड़ा हाथ है?
मैं आज जो भी हूं, जहां भी अपनी मां रिंकू भानुशाली की वजह से हूं। वह मुझे हर क्लास, हर ट्रेनिंग पर लेकर जाती रहीं। मेरे साथ हरदम मौजूद रहीं। मैं अपने पूरे परिवार की एहसानमंद हूं कि उन्होंने मेरे हर फैसले में मेरा साथ दिया और ये भरोसा दिलाया कि मैं जो करना चाहती हूं वह कर सकती हूं, वे सब हरदम मेरे पीछे खड़े मिलेंगे।
जब आपने गायिका बनने का फैसला किया तो घरवालों की प्रतिक्रिया क्या रही? और गायकी आपने कब से सीखनी शुरू की। कौन कौन लोग आपके गुरु रहे?
गायक बनने का मेरा फैसला किसी के लिए भी चौंकाने वाला इसलिए नहीं रहा क्योंकि मैंने दूसरे गायकों के गाने (कवर वर्जन) गाकर अपनी शुरुआत काफी पहले कर दी थी। फिर मैंने अपनी गुरु गीता जोशी जी से शास्त्रीय संगीत की बाकायदा शिक्षा प्राप्त की। उनके साथ अब भी मैं सीखने जाती हूं। कुछ और टीचर भी हैं जिनका साथ मुझे पश्चिमी संगीत सीखने में मिलता रहा है।
ये दौर तो आज भी है। मुझे लगता है कि हर कलाकार एक संपूर्ण कलाकार बनना चाहता है। कुछ कुछ वैसा ही जैसे दिलजीत दोसांझ हैं। वह कमाल के गायक है और उतन ही बेमिसाल अभिनेता भी हैं। किशोर कुमार ने ये बहुत पहले करके दिखाया था। मुझे लगता है कि इंसान का दिल साफ हो तो वह किसी भी हुनर को अपने रियाज से हासिल कर सकता है। गायक और अभिनेता एक साथ होने वाली बात बहुत ही सुंदर बात है। मेरा भी सपना शुरू से एक संपूर्ण कलाकार बनने का ही रहा है। पहले मैंने गाना सीखा। फिर रंगमंच पर गई और वहां से अब फिल्मों में।