‘साराभाई’ व्हॉट्सएप ग्रुप अब भी एक्टिव; दिवंगत सतीश शाह को याद भावुक हुए देवेन भोजानी, बोले- बहुत याद आते हैं
Deven Bhojani Exclusive Interview: अभिनेता देवेन भोजानी ने कई चर्चित सीरियल्स में काम किया है। हाल ही में अमर उजाला के साथ खास बातचीत में वे अपने करियर को लेकर बात करते दिखे। इस दौरान उन्होंने दिवंगत एक्टर सतीश शाह को भी याद किया।
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टीवी के चर्चित शो 'साराभाई वर्सेज साराभाई' को लेकर आज भी दर्शकों के बीच एक खास लगाव है। लेकिन इसके पीछे की कहानी उतनी आसान नहीं रही। अभिनेता देवेन भोजानी बताते हैं कि जिस शो को आज कल्ट कहा जाता है, उसे शुरुआत में वैसा रिस्पांस नहीं मिला था।
‘शुरुआत में लोगों को ह्यूमर समझ नहीं आया, बाद में बना कल्ट’
अमर उजाला डिजिटल से बातचीत के दौरान, देवेन भोजानी कहते हैं, ‘सच कहूं तो जब हमने ‘साराभाई…’ किया था, उस वक्त यह इतना पॉपुलर नहीं हुआ था। लोगों को उसका ह्यूमर तुरंत समझ नहीं आ रहा था। लेकिन धीरे-धीरे जब रिपीट टेलीकास्ट होने लगे, तब जाकर लोगों ने उसे समझना शुरू किया और फिर उसका ह्यूमर ग्रो करता गया। 2004 में शुरू हुआ शो आज 2026 में भी यंगस्टर्स को पसंद आता है, और कई लोग इसे इंटरनेशनल लेवल के ह्यूमर से कंपेयर करते हैं, यह हमारे लिए बहुत बड़ी बात है।’
‘दूसरा सीजन बनाना सबसे मुश्किल फैसला था’
देवेन बताते हैं कि पहले सीजन की सफलता के बाद दूसरा सीजन बनाना आसान नहीं था। ‘ऑडियंस की डिमांड बहुत थी, तो हमने सोचा कि कोशिश करते हैं। लेकिन सबसे बड़ी दिक्कत यही थी कि हम तय नहीं कर पा रहे थे कि पुराना फ्लेवर रखें या कुछ नया करें। अगर नया डालते तो लोग कहते कि पहले जैसा मजा नहीं है, और अगर वही रखते तो सवाल उठता कि इसमें नया क्या है। इसलिए दूसरा सीजन हमारे लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहा।’
वह आगे जोड़ते हैं, ‘दूसरे सीजन को ठीक-ठाक रिस्पॉन्स मिला, ना बहुत अच्छा, ना बहुत खराब। लेकिन पहले सीजन का जो जादू था, वो अलग ही था। इसलिए हमने तय किया कि तीसरा सीजन तभी बनाएंगे जब हमें 110 प्रतिशत भरोसा होगा कि हम कुछ वैसा या उससे बेहतर दे सकते हैं। अभी के हालात में यह और भी मुश्किल हो गया है। सतीश जी नहीं रहे। इसलिए कहना मुश्किल है कि आगे यह मुमकिन होगा भी या नहीं।’
‘सतीश शाह आज भी हमारी यादों में जिंदा हैं’
शो के साथ जुड़ी यादों में सतीश शाह का नाम आते ही देवेन भावुक हो जाते हैं। वह कहते हैं, ‘हमारा ‘साराभाई’ ग्रुप आज भी बना हुआ है। हम लोग आज भी जुड़े हुए हैं। सतीश जी की फैमिली से भी मिलना-जुलना होता रहता है, लेकिन उनकी कमी बहुत महसूस होती है।’
देवेन आगे बताते हैं, ‘वॉट्सएप ग्रुप में सबसे ज्यादा एक्टिव वही रहते थे। उनके मैसेज इतने मजेदार होते थे, फनी भी और नॉलेज से भरे हुए भी। आज भी जब हम ग्रुप देखते हैं, तो उनकी कमी साफ महसूस होती है। हम सब उन्हें बहुत मिस करते हैं।’
