Dupatta Killer: गोवा के महानंद का नाम सुना है?, 15 साल तक हर साल मारता रहा सबसे सुंदर युवती, पढ़िए पूरी कहानी
क्राइम डॉक्यूमेंट्री ‘दुपट्टा किलर’ के जरिए गोवा के एक सीरियल किलर के आंतक की कहानी दर्शकों को जल्द ही देखने को मिलेगी। यह कहानी लंबी रिसर्च के बाद तैयार की गई है। जानिए, कौन था दुपट्टा किलर?
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15 साल से भारत में रह रहे ब्रिटिश लेखक-निर्देशक पैट्रिग ग्राहम ने डॉक्यूमेंट्री ‘दुपट्टा किलर’ लंबे शोध के बाद बनाई है। पैट्रिक ग्राहम ने नेटफ्लिक्स के लिए ‘घूल’, ‘लैला’ और ‘वेताल’ जैसी सीरीज की रचना की है। भारत की नंबर वन फिल्म प्रोडक्शन कंपनी यशराज फिल्म्स ने जब वाई फिल्म्स के नाम से युवाओं के लिए अलग तरह की फिल्में व सीरीज बनाने का फैसला किया था, तो पैट्रिक ग्राहम उस मुहिम के लीडर्स में शामिल रहे।
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ग्राहम बताते हैं, “डॉक्यूमेंट्री ‘दुपट्टा किलर’ को बनाना किसी चुनौती से कम नही था। एक ऐसी कहानी जो पहले भी कही जा चुकी है, लेकिन हमेशा अधूरी रही, अब उसे एक नए दृष्टिकोण से देखा गया है। यह सिर्फ अपराध की परतें खोलने की कोशिश नहीं, बल्कि उस सिस्टम की विफलताओं की पड़ताल है जिसने एक सीरियल किलर को सालों तक बेखौफ घूमने दिया। ‘दुपट्टा किलर’ महज एक अपराध कथा नही, बल्कि एक ऐसी फिल्म है जो न्याय, अन्याय और हमारी व्यवस्था की चुप्पी पर सवाल उठाती है।”
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डॉक्यूमेंट्री ‘दुपट्टा किलर’ का टीजर जारी हो चुका है और इसके निर्माताओं को उम्मीद है कि इस डॉक्यूमेंट्री से अपराध कथाओं को शोध के साथ कहने के उनके उद्देश्य को समाज में स्वीकार्यता मिलेगी। निर्माता समर खान के मुताबिक, इस डॉक्यूमेंट्री का उद्देश्य लोगों को सतर्क करना और सिस्टम को सजग करना है। अपराध को रोकने के लिए यही दो बातें सबसे कारगर साबित होती हैं। थोड़ी सी अतिरिक्त सतर्कता बड़े अपराधों की रोकथाम में काम आ सकती है।