किसी एक खेमे की तरफ लगातार कथित झुकाव का किसी फिल्म फेस्टिवल पर कितना विपरीत असर हो सकता है, उसका ताजा उदाहरण है मामी मुंबई फिल्म फेस्टिवल को इस बार टायटल स्पॉन्सर न मिलना। फेस्टिवल की तरफ से इस बात को रविवार की सुबह सार्वजनिक किया गया है और फिल्मों के सुधी दर्शकों से इस संक्रमण काल में मदद देने की अपील भी की गई है। उल्लेखनीय यहां ये है कि मामी फिल्म फेस्टिवल के बोर्ड मेंबर्स में उद्योगपति ईशा अंबानी, आनंद महिंद्रा और अजय बिजली जैसे लोग शामिल हैं, फिर भी इस फेस्टविल का टायटल स्पॉन्सर बनने को कोई ब्रांड इस साल आगे नहीं आया है।
Mami Mumbai Festival 2024: अंबानी, महिंद्रा और बिजली का आभामंडल बेअसर, मामी को नहीं मिला टाइटल स्पॉन्सर!
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मुंबई अकादमी ऑफ मूविंग इमेजेस (मामी) के बैनर तले इस फिल्म फेस्टिवल की शुरुआत साल 1997 में की गई थी। निर्माता-निर्देशक विधु विनोद चोपड़ा की पत्नी और पत्रकार अनुपमा चोपड़ा इसकी संस्थापक हैं। अनुपमा ने अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थान विस्टास मीडिया द्वारा प्रायोजित एक फिल्म क्रिटिक्स गिल्ड भी बनाई है। फेस्टिवल और गिल्ड की वह साझा कड़ी हैं। विस्टास मीडिया के बारे में चर्चा है कि वह जल्द ही मुंबई की एक बड़ी फिल्म निर्माण कंपनी का अधिग्रहण करने वाला है और अनुपमा चोपड़ा विस्टास मीडिया के लिए ही फिल्म क्रिटिक्स गिल्ड का काम देखती रही हैं।
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जानकारी के मुताबिक बीते दिनों अनुपमा चोपड़ा ने एक बड़ा फैसला लेते हुए अपनी एंटरटेनमेंट वेबसाइट फिल्म कंपेनियन को बंद करने का फैसला लिया और हॉलीवुड रिपोर्टर की भारतीय शाखा की प्रमुख बन गईं। हॉलीवुड रिपोर्टर और एक मिनरल वाटर कंपनी के साथ मिलकर उन्होंने अपना नया शो भी शुरू कर दिया है, जिसके तहत निर्माता-निर्देशक संजय लीला भंसाली का इंटरव्यू उन्होंने हाल ही मे किया है। अनुपमा चोपड़ा हिंदी सिनेमा के एक खास खेमे का लगातार समर्थन करने वाली पत्रकार की छवि रखती हैं और उनकी जेबी संस्था फिल्म क्रिटिक्स गिल्ड में भी बताते हैं कि वही समीक्षक रह सकते हैं, जो उनकी हां में हां मिलाते हों।
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मामी फिल्म फेस्टिवल की जूरी और अन्य समितियों के गठन में भी अनुपमा चोपड़ा का ही दखल रहा है और इस साल अब तक जितनी भी जूरी फिल्म फेस्टिवल के लिए घोषित हुई हैं, उनमें भी उनका नजरिया और उनके निकटवर्ती फिल्मकारों का शामिल होना चर्चा मे रहा है। मामी फिल्म फेस्टिवल 19 अक्तूबर से शुरू होने वाला है। रविवार को फिल्म फेस्टिवल के आयोजकों की तरफ से सोशल मीडिया पर एक अपील जारी की गई जिसमें फेस्टिवल के प्रशंसकों और सुधी दर्शकों से हर साल की तरह इस साल भी सहयोग मांगा गया। इसी अपील में स्वीकार किया गया कि इस साल फेस्टिवल को कोई भी टायटल स्पॉन्सर नहीं मिला है और ये अपील उस प्रेस रिलीज के ठीक एक दिन बाद आई है जिसमें अनुपमा के नए शो का बखान है, इस शो की स्पॉन्सर एक मिनरल वाटर कंपनी है।
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इस साल के मामी फेस्टिवल के कंपटीशन सेक्शन में 11 दक्षिण एशियाई फिल्में हैं, जिनमें ‘पूजा, सर’, ‘संतोष’ ‘विलेज रॉकस्टार्स 2’, ‘लिटिल जाफना’ की चर्चा इनके दूसरे फिल्म फेस्टिवलों मे शामिल होते समय भी काफी चर्चा में रही हैं। जियो स्टूडियोज की कुख्यात डाकू ददुआ के एनकाउंटर पर बनी उत्तर प्रदेश पुलिस के अफसर अमिताभ यश की बायोपिक ‘घमासान’ के अलावा मनोज बाजपेयी की फिल्म ‘डेस्पैच’ का प्रीमियर भी मामी फिल्म फेस्टिवल मे होने जा रहा है। फेस्टिवल की क्लोजिंग फिल्म इस साल कान फिल्म फेस्टिवल का सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार पाम डि ओर जीतने वाली फिल्म ‘अनोरा’ होगी।
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