हॉकी के राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी राम चंद्र डोगरा के बेटे अमित साध ने लखनऊ से स्नातक की पढ़ाई पूरी की और उनकी असल कढ़ाई हुई मुंबई के फिल्म जगत में। नीना गुप्ता बनाए धारावाहिक ‘क्यूं होता है प्यार’ से कोई 22 साल पहले अपनी अभिनय यात्रा शुरू करने वाले अमित साध ने फिल्म ‘गोल्ड’ में खुद भी एक हॉकी खिलाड़ी का किरदार निभाया। वेब सीरीज ‘ब्रीद’ से दुनिया भर में पहचाने गए अमित साध को सफर का शौक है। अपनी मोटरसाइकिल पर लंबी लंबी सैर करना उनका शगल रहा है और हाल ही में उन्होंने करीब सवा पांच हजार किलोमीटर की यात्रा अपने दुपहिया वाहन से पूरी की है। 5 जून 1979 को दिल्ली में जन्मे अमित साध अपने जन्मदिन पर इस पूरी यात्रा की फुटेज अपने यूट्यूब चैनल पर साझा कर रहे हैं।
Happy Birthday Amit Sadh: सवा पांच हजार किमी की सड़क यात्रा कर लौटे अमित साध, पिता को बताया रोमांच की प्रेरणा
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बाइकिंग के शौकीन अभिनेता अमित साध का कहना है कि सड़क यात्राएं उन्हें जमीन से जुड़े रहने में मदद करती हैं और मुंबई से लेह तक की उनकी नवीनतम यात्रा लोगों से जुड़ने का उनका तरीका है। ‘काई पो चे’ और ‘सुल्तान’ जैसी फिल्मों में अपने किरदारों के लिए चर्चित रहे अमित साध कहते हैं, “मेरा व्यक्तिगत दर्शन यह है कि मैं जमीन से जुड़े रहने की कोशिश करता हूं और बाइक चलाना एक कदम है। यह आपको जमीन पर रखता है, यह आपको मजबूत रखता है।”
बाइकिंग के शौकीन अभिनेता अमित साध का कहना है कि सड़क यात्राएं उन्हें जमीन से जुड़े रहने में मदद करती हैं और मुंबई से लेह तक की उनकी नवीनतम यात्रा लोगों से जुड़ने का उनका तरीका है। ‘काई पो चे’ और ‘सुल्तान’ जैसी फिल्मों में अपने किरदारों के लिए चर्चित रहे अमित साध कहते हैं, “मेरा व्यक्तिगत दर्शन यह है कि मैं जमीन से जुड़े रहने की कोशिश करता हूं और बाइक चलाना एक कदम है। यह आपको जमीन पर रखता है, यह आपको मजबूत रखता है।”
अमित साध के मुताबिक उन्हें बाइकिंग का शौक अपने पिता राम चंद्र डोगरा से विरासत में मिला, जो एक पेशेवर हॉकी खिलाड़ी थे। वह बताते हैं, “मुझे लगता है कि आपको कुछ चीजें विरासत में मिलती हैं। बाइकिंग का शौक मुझे अपने पिता से मिला। मैं बस उनकी विरासत को आगे बढ़ा रहा हूं। एक देश के रूप में भारत बढ़ रहा है और यहां तक कि बाइकिंग समुदाय में भी, लड़के, लड़कियां, युवा और बूढ़े, हर कोई बाइक चला रहा है। समुदाय बढ़ रहा है, एकजुटता बढ़ रही है। मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूं कि मैं भारत में बाइक चला सकता हूं और यात्रा कर सकता हूं और उस यात्रा को मीडिया और लोगों के साथ साझा कर सकता हूं। मैं बहुत सौभाग्यशाली महसूस करता हूं कि मेरे पास वह बंधन है, जो भारत के साथ जुड़ता है।”
जब अमित साध की टीम ने सुझाव दिया कि उन्हें अपने साहसिक कार्य को अपने प्रशंसकों और मीडिया के साथ साझा करना चाहिए, तो उन्हें यह विचार पसंद आया। अमित कहते हैं, “मैं आमतौर पर अपनी निजी जिंदगी को गुप्त ही रखता हूं। मैं सोशल मीडिया के माध्यम से अपने प्रशंसकों और दर्शकों से जुड़ा हुआ हूं, लेकिन कुछ पल ऐसे हैं जिन्हें मैं निजी रखना पसंद करता हूं। हमने इस यात्रा को फिल्माया भी है जिसे दर्शक यूट्यूब पर 5 जून से देख सकते हैं।”