हॉलीवुड प्रशस्ति प्राप्त अभिनेता टॉम क्रूज की फिल्म 'टॉप गन’ 1986 में रिलीज हुई वो फिल्म थी, जिसने ताबड़तोड़ कई रिकॉर्ड धाराशायी किए थे। तीन दशक से ज्यादा 35 साल बाद इसकी अगली कड़ी 'टॉप गन: मेवरिक' 1 जुलाई 2021 में रिलीज होने जा रही है। फिल्म का ट्रेलर पहले ही सामने आ गया था।
टॉप गन: इस फिल्म ने युवाओं में भरा ऐसा देशप्रेम, सेना में भर्ती के लिए आ गए 20 हजार आवेदन
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यह फिल्म एविएशन के लिए एक लव लेटर जैसी है, जिसने कई इतिहास रच दिए थे। खास बात तो यह थी कि अमेरिकी नौसेना ने टॉम क्रूज और निर्माता जेरी ब्रुकहाइमर को फिल्म बनाकर नौसेना के प्रति उनके योगदान के लिए धन्यवाद देते हुए नौसेना पायलट का सम्मान दिया था, जो अब तक 34 बार दिया गया है और टॉम क्रूज को 35वें व जेरी ब्रुकहाइमर को 36वें नौसेना पायलट प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया था।
इतना ही नहीं दोनों सार्वजनिक रूप से इस सम्मान का उपयोग भी सकते थे। उन्हें उसी सम्मान से नवाजा गया था जो एक वास्तविक नौसेना पायलट को दिया जाता है। बता दें फिल्म 'टॉप गन' ने रिलीज होते ही न सिर्फ कमाई के मामले में बल्कि अमेरिकी फौज के एक 'सीक्रेट मिशन' को पूरा कर भी इतिहास रच दिया था। फौज का सीक्रेट मिशन नागरिकों में देशभक्ति के जज्बे को बढ़ावा देना था, जिसे फिल्म के माध्यम से पूरा किया गया।
इस फिल्म से जुड़ा एक दिलचस्प वाकया है। उस वक्त टॉम क्रूज की फिल्म 'टॉप गन' ने लोगों के बीच इस कदर देशभक्ति का जोश भर दिया था कि नागरिकों में नेवी में भर्ती होने का एक अलग ही जुनून देखा गया था। लोगों में सेना में भर्ती होने की ऐसी ललक जगी थी कि सिनेमा हॉल के बाहर उनकी भर्ती के लिए काउंटर तक खोलने पड़े थे। टाइम पत्रिका की एक रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म 'टॉप गन' की सफलता को भुनाने के लिए नौसेना ने बड़े सिनेमाघरों में रिक्रूटमेंट बूथ तक स्थापित कर दिए थे। उस साल सेना के पास सबसे ज्यादा आवेदन आए थे। एक रिपोर्ट के मुताबिक उस दौरान नेवल एविएटर्स की तादत में करीब 500 फीसदी का इजाफा हुआ था। बस फिर क्या था। फिल्म ने ऐसा जुनून भर दिया कि देखते ही देखते अमेरिकी सेना में सालभर के अंदर सैनिकों की संख्या 20 हजार ज्यादा बढ़ गई थी। इनमें सबसे अधिक 16 हजार भर्तियां नौसेना में हुई थीं। इसकी जानकारी अमेरिकी नौसेना की पत्रिका 'प्रोसीडिंग्स' में दी गई थी।
140 मिलियन डॉलर्स यानी 964 करोड़ रुपये के बजट से बनी इस फिल्म की पटकथा और निर्देशन तो जबरदस्त था ही एक्शन सीन्स भी हैरतअंगेज कर देने वाले थे। इसके लिए टॉप क्रूज ने कड़ी मेहनत भी की थी। सारे एक्शन उन्होंने खुद किए थे। बताया जाता है कि इस फिल्म के निर्माण के तहत अमेरिकी नेवी की बारीकियों को समझने के लिए उनके बेहद करीब काम किया गया था। इसके लिए मेकर्स और सेना के बीच सौदा भी हुआ था। युवाओं में नौसेना से जुड़ने, फाइटर प्लेन उड़ाने को लेकर हौंसला बढ़ाने और जुनून पैदा करने के मकसद से अमेरिकी सरकार और फिल्म के निर्माताओं के बीच ये डील हुई थी। इस बात का दावा फिल्म की तमाम समीक्षाओं में भी किया गया था।