{"_id":"68b420ca24fd0540ab0957a4","slug":"know-about-prem-sagar-who-was-son-of-famous-director-ramanand-sagar-2025-08-31","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Prem Sagar Death: पिता रामानंद सागर की धरोहर को प्रेम सागर ने बढ़ाया आगे, FTII से की पढ़ाई; बीमारी से हुआ निधन","category":{"title":"Entertainment","title_hn":"मनोरंजन","slug":"entertainment"}}
Prem Sagar Death: पिता रामानंद सागर की धरोहर को प्रेम सागर ने बढ़ाया आगे, FTII से की पढ़ाई; बीमारी से हुआ निधन
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: कामेश द्विवेदी
Updated Sun, 31 Aug 2025 03:49 PM IST
सार
Prem Sagar Passes Away: महान निर्देशक रामानंद सागर, जिन्होंने 'रामायण' बनाई थी उनके बेटे प्रेम सागर का 84 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। इस घटना से मनोरंजन जगत में शोक की लहर छा गई है। जानिए प्रेम सागर के बारे में।
विज्ञापन
1 of 2
प्रेम सागर
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
90 के दशक में कई शानदार सीरियल और मुख्यत: 'रामायण' का निर्माण करने वाले डायरेक्टर रामानंद सागर के बेटे प्रेम सागर का निधन हो गया। प्रेम सागर ने भी मनोरंजन की दुनिया में शानदार काम किया था और अपने पिता की धरोहर को आगे बढ़ाने का काम किया था। आइए जानते हैं उनके बारे में।
2 of 2
प्रेम सागर
- फोटो : एक्स
प्रेम सागर ने FTII से की पढ़ाई
प्रेम सागर ने 84 साल की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कह दिया। प्रेम सागर एक वरिष्ठ निर्माता और जाने-माने फोटोग्राफर थे, जिन्होंने भारतीय सिनेमा और टेलीविजन में सागर परिवार की विरासत को आगे बढ़ाया। उन्होंने शुरुआती शिक्षा ग्रहण करने के बाद भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (FTII), पुणे से फोटग्राफी और सिनेमैटोग्राफी की ट्रेनिंग ली, जिसने उनकी कला को निखारने का काम किया। इसके बाद उन्होंने अपने पिता द्वारा स्थापित प्रोडक्शन हाउस, सागर आर्ट्स, के तहत कई परियोजनाओं के दृश्यों की बारीकियों पर काम किया। रामानंद सागर के पॉपुलर टीवी शो 'रामायण' के निर्माण में अनोखे योगदान के लिए भी उन्हें सबसे अधिक याद किया जाता था।
फिल्मों में दिया योगदान
प्रेम सागर ने फिल्मों में भी अपनी टैलेंट को प्रदर्शित किया था। वो साल 1968 में आई 'आंखें' फिल्म में इलेक्ट्रिकल डिपार्टमेंट में थे, तो वहीं 1976 में रिलीज हुई 'चरस' में बतौर सिनेमैटोग्राफर शामिल थे।
टेलीविजन में प्रेम सागर की अहम भूमिका
प्रेम सागर के पिता रामानंद सागर ने ‘रामायण’ सीरियल बनाकर इतिहास रचा। प्रेम सागर ने पिता की धरोहर को आगे बढ़ाया और वे सागर आर्ट्स प्रोडक्शन हाउस का महत्वपूर्ण हिस्सा बने और उन्होंने ‘जय गंगा मैया’, ‘अलिफ लैला’, ‘विष्णु पुराण’, ‘हनुमान’, ‘जय महालक्ष्मी’ जैसे धारावाहिकों में सिर्फ पर्दे के पीछे रहकर कैमरा ही नहीं संभाला, बल्कि प्रोडक्शन में भी अहम भूमिका निभाई।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।