कलाकार: बेनी दयाल, प्रकृति कक्कड़ (गायक), मीत ब्रदर्स (संगीतकार), स्वानंद किरकिरे (गीतकार), ऋचा चड्ढा, अंकित डिसूजा (अदाकार)।
यूट्यूब चैनल: जी म्यूजिक।
बीते साल नवंबर में अंडमान निकोबार द्वीप समूह पर एक अमेरिकी धर्म प्रचारक की वहां के आदिवासियों के हाथों हुई मौत की खबर को एक फोटोग्राफर की इन आदिवासियों की फोटो खींचने की कहानी में तब्दील करके जी म्यूजिक ने बनाया है नया सिंगल, नील समंदर।
वहां के आदिवासियों के हाथों हुई मौत की खबर को एक फोटोग्राफर की इन आदिवासियों की फोटो खींचने की कहानी में तब्दील करके जी म्यूजिक ने बनाया है नया सिंगल, नील समंदर।
अपनी अगली फिल्म शकीला को लेकर अरसे से सुर्खियों में रहीं ऋचा चड्ढा इस वीडियो की लीड कलाकार हैं। जी म्यूजिक कंपनी इन दिनों थोक के भाव म्यूजिक सिंगल्स रिलीज कर रही है। कंपनी का इरादा अपनी म्यूजिक लाइब्रेरी में ज्यादा से ज्यादा गाने भरते जाना है और इस कोशिश में अक्सर अच्छे गाने कहीं भीड़ में दबकर रह जाते हैं।
नील समंदर से तमाम बड़े नाम जुड़े हैं, और इनमें सबसे खास नाम है स्वानंद किरकिरे का। स्वानंद के लिखे की एक पूरी पीढ़ी कायल रही है लेकिन उन्हें ऐसा गाना करने की नौबत क्यों आई, इसे कभी नीलेश मिसरा के लिखे गाने दिल मेरा मुफ्त का से भी समझा जा सकता है।
सिर्फ लिखने के लिए लिखे गाए गाने जैसा ये गाना मीत ब्रदर्स को भी दो कदम पीछे ले जाता है। उनका कंपोज किया गाना, मुझे कैसे पता न चला, हाल के दिनों का चार्टबस्टर रहा है, लेकिन नील समंदर इन्हें फिर ऐसे पार्टी सॉन्ग की दुनिया में खींच लाया है जिनकी उम्र हफ्ते, महीने भर से ज्यादा नहीं होती।
म्यूजिक वीडियो का स्टोरी बोर्ड औसत से कमतर है और ऋचा चड्ढा को अपनी ब्रांड वैल्यू बचाए रखने के लिए ऐसे प्रयोगों से परहेज करने की जरूरत महसूस होती है।
बेनी दयाल और प्रकृति कक्कड़ की जुगलबंदी भी कुछ खास नहीं है और पूरे गाने की पैकेजिंग देखकर लगता नहीं कि इससे इतने बड़े बड़े नाम जुड़े हैं।