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Qamar Jalalabadi: 7 साल की उम्र में लिखने लगे थे कविता, नूरजहां से लेकर लता मंगेशकर तक ने गाए जलालाबादी के गीत

Thu, 09 Jan 2025 11:16 AM IST
सुवेश शुक्ला एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: सुवेश शुक्ला Updated Thu, 09 Jan 2025 11:16 AM IST
सार

Qamar Jalalabadi Death Anniversary: आज मशहूर शायर और गीतकार कमर जलालाबादी की पुण्यतिथि है। इस अवसर पर हम उनके द्वारा हिंदी सिनेमा में दिए योगदान के बारे में जानेंगे। साथ ही हम उनके निजी जीवन के कुछ किस्सों को भी पढ़ेंगे।
 

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Qamar Jalalabadi Death Anniversary unknown facts of songwriter who worked with rafi and lata mangeshkar
कमर जलालाबादी - फोटो : अमर उजाला

‘मेरा नाम चिन चिन चू’, ‘आइए मेहरबान’, ‘डम डम डिगा डिगा’, ‘इक दिल के टुकड़े हुए हजार’, ‘राह में उनसे मुलाकात हो गई’, ‘खुश है जमाना आज पहली तारीख है’ और ऐसे ही कई दिल को छू लेने वाले मशहूर गीत लिखने वाले गीतकार और शायर कमर जलालाबादी की आज पुण्यतिथि है। कमर जलालाबादी ने अपने करियर में 156 फिल्मों में 700 से ज्यादा गीत लिखे। कमर जलालाबादी का जन्म 9 मार्च 1917 को पंजाब के जलालाबद शहर में हुआ था। सात साल की उम्र में ही उन्होंने उर्दू कविता लिखनी शुरू कर दी थी। आगे चलकर वह फिल्मी दुनिया के बड़े गीतकार के रूप में उभर कर सामने आए। आइए जानते हैं उनके जीवन से जुड़े कुछ किस्सों को…



कमर जलालाबादी का असली नाम क्या था?
कमर जलालाबादी का ने बहुत छोटी उम्र में ही कविता लिखना शुरू कर दिया था। उनकी लेखनी को घर से कोई प्रोत्साहन नहीं मिला, लेकिन एक दिन उनकी मुलाकात अमर चंद अमर नाम के घुमक्कड़ कवि से हुई। उन्होंने उनकी प्रतिभा और क्षमता को पहचाना और कविता करने के लिए प्रोत्साहित किया। इसी कवि ने उनका नाम कमर रखा, जिसका अर्थ होता है चांद। जलालाबादी उनके नाम में उनके गृह नगर के नाम के तौर पर जोड़ा गया था। उस दौर में कवि आमतौर पर अपने नाम के आगे शहर का नाम जोड़ा करते थे। उनका असली नाम ओम प्रकाश भंडारी था।

पत्रकारिता से की करियर की शुरुआत
अमृतसर से मैट्रिकुलेशन पूरा करने के बाद उन्होंने लाहौर के समाचार पत्र जैसे ‘दैनिक मिलाप’, ‘दैनिक प्रताप’, ‘निराला’, ‘स्टार सहकार’ के लिए लिखकर अपनी पत्रकारिता करियर की शुरुआत की। इसके बाद फिल्म जगत में करियर की तलाश करते हुए 1940 के दशक की शुरुआत में पुणे आ पहुंचे। साल 1942 में उन्होंने अपनी पहली फिल्म ‘जमींदार’ के गीत के बोल लिखे। इस फिल्म में शमशाद बेगम द्वारा गाया गया गीत ‘दुनिया में गरीबों को आराम नहीं मिलता’ गीत को काफी पसंद किया गया था।

संगीत की दुनिया के इन दिग्गजों ने गाए कमर जलालाबादी के लिखे गीत
जलालाबाद छोड़कर वह मुंबई चले आए। यहां आकर लगभग चार दशकों तक एक गीतकार के रूप में काम किया। उनके गीतों को शिव दयाल बटिश, नूर जहां, जीएम दुर्रानी, जेनेट बेगम, मांजू, अमीरबाई कर्नाटकी, मोहम्मद रफी, तलत महमूद, गीता रॉय, सुरैया, मुकेश, मन्ना डे, आशा भोंसले, किशोर कुमार और लता मंगेशकर समेत कई दिग्गज गायकों द्वारा गाया गया था। 

धार्मिक व्यक्ति थे कमर जलालाबादी
अपने व्यक्तिगत जीवन में कमर जलालाबादी काफी धार्मिक प्रवृत्ति के आदमी थे। उन्होंने भगवद् गीता, कुरान के साथ-साथ बाइबिल के उद्धरणों का जिक्र किया। वह अधिकांश समय या तो ध्यान में रहते थे या लेखन का कार्य करते थे।

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