साल 2022 की सुपरहिट आरआरआर लगातार इतिहास रच रही है। इस फिल्म के गाने नाटू-नाटू ने पहले ओरिजिनल सॉन्ग कैटिगरी में गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड अपने नाम किया था। अब इस गाने को ओरिजिनल सॉन्ग कैटिगरी में ही ऑस्कर के लिए नामांकित किया गया है। आइए आपको इस गाने को कंपोज करने वाले एमएम कीरावानी के किस्से सुनाते हैं...
MM Keeravani: नाटू-नाटू के ऑस्कर नामांकन के बाद फिर चर्चा में एमएम कीरावनी, जानें क्यों बदला था अपना नाम?
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नाटू-नाटू गाने की सफलता के बाद इस गाने के कंपोजर एमएम कीरावनी एक बार फिर चर्चा में हैं। बता दें कि गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड के दौरान ज्यादातर लोगों ने कीरावनी को पहली बार देखा था। हालांकि, उनके गाने करीब 25 साल से सुने जा रहे हैं। ‘तुम मिले दिल खिले’, ‘तुम आए तो आया मुझे याद गली में आज चांद निकला’, जादू है नशा है, जैसे तमाम गाने कीरावनी ने ही कंपोज किए हैं।
चार साल की उम्र में हो गया था संगीत से जुड़ाव
कीरावनी ने गोल्डन ग्लोब जीतकर इतिहास रच दिया। उनके नाटू नाटू गाने को बेस्ट ओरिजिनल सॉन्ग का पुरस्कार मिला है। उन्हें इसके लिए देश भर में शुभकामनाएं दी गईं। यहां तक कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें और आरआरआर की पूरी टीम को शुभकामनाएं दीं। बता दें कि कीरावनी ने महज चार साल की उम्र से संगीत से रिश्ता जोड़ लिया था। उस दौरान उन्होंने वायलिन सीखना शुरू किया था। उन्होंने संगीत के साथ अपनी पूरी दुनिया बना ली थी। एमएम कीरावनी और एमएम करीम एक ही व्यक्ति का नाम है। इस तरह से उनके नाम को लेकर अक्सर कंफ्यूजन रहता था।
गुरु के कहने पर रहे घर से दूर
उनके इस नाम बदलने के पीछे एक कहानी है। एमएम कीरावनी की पत्नी एमएम श्रीवल्ली उस दौरान गर्भवती थी। तब उनके गुरु ने बताया था कि एमएम कीरावनी को अकाल मृत्यु का खतरा है और यह खतरा तभी टल सकता है, जब कीरावनी अपने परिवार से डेढ़ साल तक दूर संन्यासी की तरह जीवन बिताएं। इसके बाद कीरावनी ने अपने गुरु की कही हुई बात का पालन किया। गुरु के कहने पर उन्होंने नाम बदलकर काम शुरू किया। आपको बता दें कि कीरावनी ने तमिल फिल्मों में मराकादमनी के नाम से संगीत दिया था। इसके अलावा वह तेलुगू, बॉलीवुड और मलायालम फिल्मों में भी संगीत दे चुके हैं।
कई फिल्मों के लिए दिए गाने
एमएम कीरावनी ने अपने करियर की शुरुआत असिस्टेंट म्यूजिक डायरेक्टर के तौर पर की थी। उन्होंने साल 1987 में बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर तेलुगू फिल्म कलेक्टर गरी अभई से काम शुरू किया था। साल 1990 में निर्देशक एसएस राजामौली द्वारा तैयार फिल्म ‘मनसु ममता’ ने कीरावनी को पहचान दिलाई। उन्होंने बॉलीवुड की कई फिल्मों में म्यूजिक दिया है, जिसमें इस रात की सुबह नहीं, जख्म, साया, पहेली, जिस्म जैसी कई फिल्में शामिल हैं।