{"_id":"68c1455b7a3087a3920df1d8","slug":"malayalam-movie-lokah-inspired-by-kerala-folklore-yakshini-or-yakshi-story-explained-2025-09-10","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Movie Lokah: मलयालम फिल्म ‘लोका’ की सुपरहीरो चंद्रा क्या यक्षिणी है? केरल की लोककथा से प्रेरित है कहानी","category":{"title":"South Cinema","title_hn":"साउथ सिनेमा","slug":"south-cinema"}}
Movie Lokah: मलयालम फिल्म ‘लोका’ की सुपरहीरो चंद्रा क्या यक्षिणी है? केरल की लोककथा से प्रेरित है कहानी
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: पूनम कंडारी
Updated Wed, 10 Sep 2025 05:09 PM IST
सार
मलयालम सिनेमा अपनी अलग तरह की कहानियों, फिल्मों के लिए जाना जाता है। इन दिनों एक मलयालम फिल्म ‘लोका’ खूब चर्चा में है। जानिए, इस फिल्म की कहानी का कनेक्शन मलयालम लोककथाओं के मिथकीय किरदार यक्षिणी से कैसे जुड़ता है?
विज्ञापन
1 of 5
फिल्म 'लोका'
- फोटो : एक्स (ट्विटर)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
इन दिनों एक मलयालम फिल्म ‘लोका’ बॉक्स ऑफिस पर जमकर कमाई कर रही है। वुमन सुपरहीरो वाली इस फिल्म ने दर्शकों को हैरान कर दिया है। इसकी कहानी और किरदार के बारे में चर्चा है कि यह केरल लोककथाओं के किरदार यक्षिणी से प्रेरित है। जानिए कौन होती है यक्षिणी? ‘लोका’ ने इस किरदार को कैसे नए जमाने के हिसाब से ढाला है।
2 of 5
फिल्म 'लोका'
- फोटो : एक्स (ट्विटर)
यक्षिणी को सुपरहीरो बनाती है ‘लोका’
फिल्म ‘लोका’ में कल्याणी प्रियदर्शन ने चंद्रा नाम की लड़की का किरदार निभाया है। यह एक रहस्यमयी लड़की है, जो बेंग्लुरु में रहने आई है। इसके पास अलौकिक शक्तियां हैं, वह उड़ सकती है, उसके भीतर लड़ने की अपार क्षमता है। चंद्रा अपनी शक्तियों का इस्तेमाल असहाय महिला और पुरुषों की मदद के लिए करती है, बुरे लोगों से उनकी रक्षा करती है। वह मॉर्डन ड्रेसअप में नजर आती है। जरूरत पड़ने पर बुरे लोगों को अपने खूंखार दांतों से चोट पहुंचाती है।
3 of 5
फिल्म 'लोका'
- फोटो : एक्स (ट्विटर)
केरल की लोककथाओं से कैसे प्रेरित है ये कहानी
केरल की लोककथाओं में एक मिथकीय किरदार है, यक्षिणी। आज भी केरल में इनकी चर्चा होती है। लोककथाओं के अनुसार यक्षिणी, एक प्रकार की शक्तिशाली आत्मा या प्रेत होती है, यह प्रकृति से जुड़ी है। जंगलों में पेड़ों पर इनका वास होता है। यह सुंदर होती हैं, साथ ही कई शक्तियां इनके पास होती हैं। अगर कोई इन्हें नाराज करता है, तो इनका खतरनाक रूप सामने आता है। यह सामने वाले व्यक्ति को बहुत नुकसान पहुंचाती हैं। इसी यक्षिणी के किरदार से ‘लोका’ फिल्म की चंद्रा का किरदार प्रेरित है। केरल में ही कल्लियांकट्टू नीली नाम की एक यक्षिणी की कहानी भी काफी प्रचलित है, इससे भी फिल्म ‘लोका’ प्रेरित बताई जाती है। ऐसा मेकर्स तो नहीं कहते लेकिन चंद्रा को देखकर दक्षिणी भारतीय दर्शकों को यक्षिणी की याद आती है, इस बात को लेकर सोशल मीडिया पर अच्छी-खासी चर्चा हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 5
'लोका'
- फोटो : एक्स (ट्विटर)
मलयालम साहित्य में भी दिखती है यक्षिणी की झलक
सिनेमा से पहले मलयालम साहित्य में यक्षिणी को लेकर काफी कुछ लिखा गया है। कई नॉवेल, कहानी इस किरदार के ईद-गिर्द बुनी गई हैं। साल 1967 में ‘यक्षी’ नाम से मलयाट्टूर रामकृष्णन का लिखा नॉवेल काफी फेमस हुआ। इस नॉवेल पर साल 1968 में एक फिल्म बनी। साल 1995 में हेमा मालिनी ने सुदेश बेरी और मधु के साथ ‘मोहिनी’ नाम की टेलीफिल्म बनाई, जो इसी नॉवेल पर बेस्ड थी।
विज्ञापन
5 of 5
फिल्म 'लोका'
- फोटो : एक्स (ट्विटर)
100 करोड़ क्लब में शामिल होगी ‘लोका’
बॉक्स ऑफिस पर ‘लोका’ के कलेक्शन ने दर्शकों को हैरान कर दिया है। इस फिल्म ने मंगलवार को 5.25 करोड़ रुपये की कमाई की है। कुल कलेक्शन भी अब तक 94.33 करोड़ रुपये हो चुका है। यह फिल्म सिर्फ 35 करोड़ रुपये में बनी है, अपनी लागत से तीन गुना कमा चुकी है। अब 100 करोड़ क्लब में शामिल होने को तैयार है।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।