गुरमीत चौधरी और देबिना बनर्जी की गिनती टेलीविजन के पावर कपल में होती है। यह जोड़ा अक्सर अपनी जिंदगी से जुड़ी झलकियों को सोशल मीडिया पर पोस्ट करता नजर आता है। साथ ही प्रशंसकों को भी कपल की पोस्ट पर दिल खोलकर प्यार लुटाते देखा जाता है। हालांकि, मनोरंजन जगत के अन्य सितारों की तरह यह जोड़ा भी ट्रोलिंग की मार से अछूता नहीं रहा है। सोशल मीडिया पर एक ऐसा वर्ग है जो उन्हें और उनके बच्चों को भी ट्रोल करता है। लेकिन, गुरमीत को लगता है कि यह मशहूर होने का सबसे बड़ा जाल है और इसका असर उन पर या उनके परिवार पर नहीं पड़ता।
Gurmeet Choudhary: 'यह स्टारडम के साथ आता है...,' बच्चों की ट्रोलिंग पर गुरमीत चौधरी की दो टूक
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गुरमीत ने 15 फरवरी, 2011 को देबिना से शादी की। पिछले साल अप्रैल में उनकी पहली बेटी लियाना पैदा हुईं और उसी साल नवंबर में दिविशा का स्वागत हुआ। हाल ही में उन्होंने अपने जीवन को सोशल मीडिया पर साझा करना शुरू किया है, जिसे देखने के बाद नेटिजन्स भी एक्टिव हो उठे हैं और जोड़े को ट्रोल करने का कोई मौका हाथ से जाने नहीं देते हैं।
इस पर अभिनेता गुरमीत चौधरी कहते हैं, 'जब आप एक अभिनेता और सार्वजनिक हस्ती हैं, तो आपका जीवन सिर्फ आपका नहीं है…हम इसे सार्वजनिक करते हैं। हम सभी लोगों के लिए और उनका प्यार पाने के लिए काम कर रहे हैं।' वह आगे कहते हैं, 'इस पेशे में आना और सार्वजनिक हस्ती बनना हमारा निर्णय था। हम स्टार बनना चाहते थे और सभी के लिए खुला सार्वजनिक जीवन जीना, उस क्षेत्र के साथ आने वाला नकारात्मक पक्ष है।'
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शुरुआत में, गुरमीत ने कभी नहीं सोचा था कि उनके बच्चों को उनकी प्रसिद्धि की कीमत चुकानी पड़ेगी, लेकिन अब उन्होंने इससे निपटना सीख लिया है। अभिनेता ने अपनी बात में आगे जोड़ा, 'हमने सीखा है कि नकारात्मकता से कैसे निपटना है। जब हमारी सोशल मीडिया उपस्थिति की बात आती है, तो 80-85 प्रतिशत अच्छी और सकारात्मक कंटेंट से भरी होती है, और पांच प्रतिशत लोग हमें और हमारे बच्चों को ट्रोल करते हैं।'
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गुरमीत कहते हैं, 'मैं ट्रोलिंग पर प्रतिक्रिया नहीं देता। जब मुझे लगता है कि सोशल मीडिया पर कोई जानबूझकर मुझे परेशान कर रहा है तो मैं उस टिप्पणी को छोड़ देता हूं। मैं सोशल मीडिया पर अच्छी टिप्पणियों पर ध्यान केंद्रित करना चाहता हूं और यही वह चीज है जिसका मैं अभ्यास करता हूं। मेरा ध्यान हमेशा अच्छी और सकारात्मक टिप्पणियों और मेरे काम के बारे में आलोचकों की टिप्पणियों पर रहता है। इरादा यह जानना है कि मैं कैसे आगे बढ़ रहा हूं और मैं अपनी कला में बेहतरी लाने के लिए रास्ता कैसे सुधार सकता हूं। मैं ट्रोल्स को पूरी तरह से नजरअंदाज करता हूं।'