डांस रियलिटी शो 'झलक दिखला जा सीजन 10' में ज्यादातर टेलीविजन की दुनिया से जुड़े सितारे हिस्सा ले रहे है। लेकिन इनमें से एक नाम ऐसा भी है, नाचने से दूर दूर तक कोई नाता नहीं है। वह पकवानों के राजा हैं लेकिन इस बार अपने खाने की खुशबू से नहीं बल्कि अपने नाच से लोगों को प्रभावित करने की कोशिश करने जा रहे हैं। नाम है उनका जोरावर कालरा और अगर नाम पढ़कर भी कुछ याद ना आ रहा हो तो आपको बता देते हैं कि जोरावार कालरा का नाम दुनिया भर में मास्टर शेफ के तौर पर इज्जत से लिया जाता है और उनके अपने कई देशों में रेस्तरां चलते हैं। उनका बस एक ही अरमान है और वह ये कि फास्ट फूड को दिल से लगा बैठी युवा पीढ़ी का दिमाग फिर से भारतीय व्यंजनों की तरफ लौटे।
2 of 5
जोरावर कालरा
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
दिल्ली में 26 मई 1977 को जन्मे जोरावर कालरा को मुख्य रूप से भारतीय खाने के लिए जाना जाता है। अमेरिका, इंग्लैंड, कनाडा, दुबई, कुवैत, कतर, ओमान और बांग्लादेश जैसे कई देशों में उनके रेस्तरां हैं। अकेले भारत के 14 शहरों में उनके रेस्तरां चलते हैं। पहली बार कलर्स चैनल के रियलिटी शो 'झलक दिखला जा' में भाग ले रहे जोरावर कालरा कहते है, 'डांस से मेरा कभी नाता नहीं रहा। मेरी पार्टनर कोरियोग्राफर सुचित्रा मेरी बॉडी के हिसाब से मुझे डांस के स्टेप्स सिखा रही हैं।'
3 of 5
जोरावर कालरा
- फोटो : सोशल मीडिया
रावर कालरा साल 2016 में स्टार प्लस के शो 'मास्टर शेफ इंडिया सीजन 5' की मेजबानी कर चुके हैं। जोरावर कहते है, 'इस शो के दौरान टीवी को फेस करना तो मैं सीख गया। बिग बॉस में भी मैं अतिथि के रूप में आ चुका हूं। लेकिन डांस करना मेरे लिए बहुत बड़ी चुनौती है। अगर मैं डांस कर सकता हूं तो कोई भी कर सकता है। मेरे डांस से लोगों को प्रेरणा मिलेगी। यहां से निकलने के बाद डांस मेरी जिंदगी का एक अहम हिस्सा बन चुका होगा।'
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 5
जोरावर कालरा
- फोटो : सोशल मीडिया
रेस्तरां का बिजनेस जोरावर कालरा को अपने पिता जिग्स कालरा से विरासत में मिला। जोरावर कालरा कहते है, 'मेरे पिता जी को खाने का बहुत शौक था। खाने के बारे में गहरी जानकारी उन्हें दादी जी से मिली। भारतीय खाने के लिए उन्होंने अपनी जिंदगी के बहुत साल दे दिए। भारतीय खाने को वह विश्व स्तर तक लेकर गए।
विज्ञापन
5 of 5
जोरावर कालरा
- फोटो : सोशल मीडिया
जोरावर कालरा के दादा मिलिट्री में थे, लेकिन पिता ने भारतीय व्यंजन में ही अपना करियर बनाया। जोरावर कालरा कहते है, 'मेरे पिता जी जर्नलिस्ट थे। उनके खाने के बारे में लिखे गए फीचर अखबारों में छपते थे। उन्होंने भारतीय खाने पर 'कुकिंग विद इंडियन मास्टर्स' नाम से किताब लिखी। आज की पीढ़ी भारतीय खाने को छोड़कर फास्ट फूड को अपना रही है। मेरी कोशिश यही है कि आज की पीढ़ी भी भारतीय व्यंजनों के बारे में जाने।'
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।