टेलीविजन के लोकप्रिय सितारे करण वाही छोटे परदे के कई लोकप्रिय शोज में काम कर चुके हैं। करण वाही का मानना है कि टेलीविजन शोज में कुछ भी वास्तिवक नहीं नहीं होता है जबकि ओटीटी प्लेटफार्म की सीरीज की कहानियां वास्तविकता के बहुत करीब होती हैं। हाल ही में शुरू हुए सोनी लिव के शो 'रायसिंघानी वर्सेस रायसिंघानी' में करण वाही भी हैं। उनसे एक खास बातचीत।
Karan Wahi Interview: 20 साल के अभिनय सफर पर बोले करण वाही, मैं तो एक्टर बनना ही नहीं चाह रहा था
करण वाही हाल ही में शुरू हुए सोनी लिव के शो 'रायसिंघानी वर्सेस रायसिंघानी' में नजर आ रहे हैं। अभिनेता ने अपने 20 साल के अभिनय करियर पर खुलकर बात की है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
माना जाता है कि टेलीविजन शोज में जो दिखाया जाता है, वैसी जिंदगी अब होती नहीं है, आपका अनुभव क्या कहता है?
यह सही है कि टेलीविजन पर कुछ भी वास्तविक नहीं दिखाया जाता है। बहुएं सुबह मेकअप करके और गहने पहनकर कैसे उठ सकती हैं? इनका वास्तविकता से कुछ भी लेना देना नहीं है। टेलीविजन एक अलग माध्यम है, उनका अपना एक फॉर्मेट है। वह शायद एक जरूरत है जो दर्शकों को पसंद आता है। जब से ओटीटी आया है तब से लोग इसे काफी पसंद कर रहे हैं। ओटीटी पर एक नई कहानी देखने को मिलती है। हम जैसे कलाकारों को ओटीटी पर तैयारी करने का पूरा समय मिलता है जबकि टीवी में सेट पर ही स्क्रिप्ट मिलती है और हम अपने किरदार को लेकर कोई तैयारी नहीं कर पाते हैं।
'रायसिंघानी वर्सेस रायसिंघानी' वास्तविकता के कितना करीब है?
यह शो एक कोर्ट ड्रामा है। कोर्ट में कैसे व्यवहार किया जाता है। कोर्ट की अपनी एक मर्यादा होती है, ऐसा नहीं होता है कि कोई कभी भी खड़ा होकर कुछ भी बोल दे। जब हम वकील के बारे में सोचते हैं तो मान लेते हैं कि सारे के सारे उम्रदराज ही होंगे। इस शो में ये सारी मिथ इसमें की कोशिश की गई है।
Yodha Teaser Date: हवा में लॉन्च हुआ 'योद्धा' का पोस्टर, इस दिन जारी होगा सिद्धार्थ मल्होत्रा की फिल्म की टीजर
जिंदगी में मिला पहला मौका दिल के बहुत करीब होता है, आप की किस तरह यादें हैं?
मैं दिल्ली से मुंबई 30 जून 2004 को आया और 23 अगस्त को मुझे स्टार वन का पहला शो 'रिमिक्स' मिला। हर किसी का पहला काम उसके दिल के बहुत ही करीब रहता है। मैं बहुत ही भाग्यशाली रहा कि मेरा पहला शो लोगों को काफी पसंद आया। इस शो से मुझे और काम मिला। मुझे लगता नहीं कि 20 साल हो गए हैं। उस शो ने ना सिर्फ मुझे बनाया बल्कि बहुत कुछ सीखा दिया। मुझे तो कुछ भी नहीं आता था। मैं तो एक्टर भी नहीं बनना चाह रहा था।
SRI: राजकुमार राव की 'श्री' की रिलीज डेट से उठा पर्दा, इस महीने सिनेमाघरों में देगी दस्तक
हां, आप तो क्रिकेटर बनाना चाह रहे थे, फिर एक्टिंग का ख्याल कैसे आया?
जब हम छोटे होते है तो दिमाग में दो ही बातें आती हैं कि या तो क्रिकेटर बनना है या फिर एक्टर। मुझे ऐसा नहीं लगता कि हिंदुस्तान का ऐसा कोई लड़का नहीं होगा जिसने यह न सोचा हो कि क्रिकेट खेलना है। क्रिकेटर बनने का शौक तो बहुत पहले था। उसे 17 साल की उम्र में छोड़ दिया। एक्टर इसलिए बन गया कि मुझे लगा कि घर से दूर रहेंगे, थोड़े बहुत पैसे कमा लेंगे और थोड़ी शोहरत भी मिल जाएगी।
Kiran Rao: 'अपनी पूर्व पत्नी से दोस्ती के इच्छुक लोगों को मैं टिप्स दूंगी', रीना दत्ता से रिश्तों पर बोलीं किरण