छत्तीसगढ़ के बस्तर की चर्चा आम तौर पर माओवादी हिंसा के लिए होती है लेकिन इन दिनों केबीसी सीजन 12 में करोड़पति बनने वाली अनूपा दास के कारण बस्तर चर्चा में है। अनूपा दास कहती हैं, "मैं पिछले 20 सालों से किसी प्रतियोगी की तरह कौन बनेगा करोड़पति की तैयारी कर रही थी और मैं न केवल केबीसी में पहुंची बल्कि मैंने एक करोड़ रुपये भी जीते। यह मेरे सपनों के सच होने की तरह है।"
KBC जीतने के बाद कितनी बदली है अनूपा दास की जिंदगी, 20 साल से कर रहीं थीं शो में आने की तैयारी
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बस्तर के एक स्कूल में शिक्षिका के पद पर कार्यरत अनूपा दास केबीसी सीजन 12 में एक करोड़ रुपये जीतने वालीं तीसरी महिला प्रतिभागी हैं। इससे पहले केबीसी सीजन 12 में दिल्ली की नाजिया नसीम और हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा की रहने वालीं आईपीएस अधिकारी मोहिता शर्मा ने एक करोड़ रुपये जीते हैं। बस्तर जिले के मुख्यालय जगदलपुर में पली-बढ़ीं 42 साल की अनूपा दास बचपन से ही पढ़ने-लिखने में कुशल रही हैं। उनके घर के पास ही स्कूल था और पास में ही लाइब्रेरी भी थी, जहां वे अक्सर जाया करती थीं।
अनूपा ने भौतिक विज्ञान में स्नातकोत्तर की पढ़ाई की है और वे पिछले 13 सालों से आसना के हायर सेकेंडरी स्कूल में भौतिक विज्ञान की शिक्षिका के बतौर काम कर रही हैं। उनके पिता दिनेश चंद्र दास ज्योतिषाचार्य हैं और मां सरस्वती दास कुछ समय पहले ही बैंक से सेवानिवृत्त हुई हैं। जगदलपुर में अपने माता-पिता के साथ रहने वालीं तीन बहनों में सबसे बड़ी अनूपा बताती हैं कि उन्होंने पहले सिविल सर्विस परीक्षा की तैयारी की थी लेकिन उसमें उन्हें सफलता नहीं मिली। वे कहती हैं, "शिक्षक का पेशा मेरे लिये बहुत सम्मानजनक था। इसके अलावा मुझे बच्चों से गहरा लगाव रहा है। इसलिये मैंने बतौर शिक्षक काम करना शुरू किया।"
2009 में अनूपा दास की अरेंज मैरिज हुई लेकिन महीने भर के भीतर ही यह शादी टूट गई। अनूपा कहती हैं, "वह मेरे लिये बहुत बुरा दौर था। उस समय हमें बहुत कम लोगों का सहारा मिला। मुझे और मेरे परिवार को ही कटघरे में खड़ा करने की कोशिश की गई। मेरे माता-पिता, परिवार के दूसरे सदस्यों और स्कूल के बच्चों के कारण मैं फिर से सामान्य जिंदगी में लौट पाई। मुझे समझ में आया कि शादी के अलावा भी जिंदगी होती है। उस बुरे दौर को हमने जिया और कई कठिन परीक्षाएं दीं। शायद उन परीक्षाओं ने ही मुझे केबीसी तक पहुंचने और जीतने का हौसला दिया।" उनका कहना है कि सिविल सर्विस परीक्षा की पढ़ाई के दौरान ही केबीसी की ओर उनका झुकाव हुआ और फिर उन्होंने इसके लिये कड़ी मेहनत की।
अनूपा का कहना है कि जब केबीसी के लिये उनका चयन हुआ तो पूरा घर खुशियों से भर गया। पिता ने कहा कि तुम्हारे चयन ने ही हमें करोड़पति बना दिया। लेकिन चयन के बाद हॉट सीट तक पहुंचना इतना आसान नहीं था। प्रतियोगिता में अपनी बारी आने तक अनूपा दास को दो दिन का इंतजार करना पड़ा। वे कहती हैं, "मैं केबीसी की तैयारी पिछले 20 सालों से कर रही थी लेकिन इंतजार के ये दो दिन उन 20 सालों पर भारी पड़े।" अमिताभ बच्चन के साथ हॉट सीट पर पहुंचने से पहले फास्टेस्ट फिंगर राउंड के पहले दौर में अनूपा दूसरे नंबर पर रहीं और दूसरे दौर में तो उनका उत्तर ही गलत हो गया।