{"_id":"5e9798c38ebc3e78bb34ea0a","slug":"ramannad-sagar-ramyan-sushen-vaidya-reacl-actor-ramesh-chaurasia-from-madhya-pradesh","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Ramayan:जिनकी संजीवनी बूटी से मिला था लक्ष्मण को जीवनदान, वो सुषेण वैद्य का किरदार निभाने वाले उज्जैन में बेचा करते थे पान","category":{"title":"Television","title_hn":"छोटा पर्दा","slug":"television"}}
Ramayan:जिनकी संजीवनी बूटी से मिला था लक्ष्मण को जीवनदान, वो सुषेण वैद्य का किरदार निभाने वाले उज्जैन में बेचा करते थे पान
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: Mishra Mishra
Updated Thu, 16 Apr 2020 05:01 AM IST
विज्ञापन
1 of 5
Ramayan
- फोटो : Social Media
Link Copied
लॉकडाउन के चलते शुरू हुई रामानंद सागर की रामायण ने टीआरपी के कई बड़े रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इन दिनों ये दर्शकों का सबसे पसंदीदा शो बन गया है। रामायण में अब लक्ष्मण जी के मूर्छित होने और मेघनाथ के वध का पडाव शुरू हो गया है। इसे देखने के लिए दर्शकों का उत्साह काफी बढ़ गया है।
Trending Videos
2 of 5
Ramayan
- फोटो : Social Media
लक्ष्मण के मूर्छित होने पर उनके लिए लाई गई संजीवनी बूटी को पीस कर उसे एक जीवनदायिनी दवा का रूप देने वाले सुषेण वैद्य ने अपनी छोटी सी भूमिका से ही दर्शकों का दिल जीत लिया। इस किरदार को निभाने वाले स्व रमेश चौरषिया मध्य प्रदेश के उज्जैन में रहने वाले थे। यहां वो पान की दुकान चलाया करते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
3 of 5
Ramayan
- फोटो : Social Media
रमेश चौरसिया ने एक इंटरव्यू में बताया था कि रामायण में रावण का रोल निभाने वाले अरविन्द त्रिवेदी से उनकी अच्छी मित्रता थी। उन्हीं की वजह से रमेश को सुषेण वैद्य का रोल निभाने का मौका मिला था। रमेश लंबी दाढ़ी और बाल रखा करते थे। उनकी कदकाठी वैद्यराज की तरह ही लगती थी इसलिए रामानंद सागर ने उन्हें ये रोल करने का मौका दिया था।
4 of 5
Ramayan
- फोटो : Social Media
रामायण में किरदार निभाने के बाद रमेश चौरसिया की ख्याति इतनी बढ़ गई थी कि लोग दूर-दूर से उनसे मिलने आया करते थे। कई बार तो उन्हें वैद्य समझ कर कुछ लोग इलाज कराने पहुंच जाया करते थे। रामायण में काम करने के बाद भी रमेश में कोई बदलाव नहीं आया था। वो पहले की तरह ही मिलनसार थे।
विज्ञापन
5 of 5
रामायण
- फोटो : सागर आर्ट्स
रमेश चौरसिया ने अपनी भूमिका के फोटो फ्रेम कर अपनी दुकान पर लगवा दिए थे जिसे लोग आते-जाते देखा करते थे। उनकी दुकान पर अक्सर मिलने वालों की भीड़ रहती थी। इन सबके बावजूद वो एक सामान्य व्यक्ति की तरह ही सबसे व्यवहार करते थे।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।