नारा भले सियासी हो लेकिन इसका असर उत्तर प्रदेश से निकलकर अब दूर दूर तक दिखने लगा है। उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले वहां कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने एक नारा दिया है, लड़की हूं लड़ सकती हूं। वैसे तो महिला प्रधान धारावाहिकों की हिंदी धारावाहिकों की दुनिया में अधिकतर कहानियां अब लड़कियों की ही होती हैं लेकिन सोनी चैनल का नया धारावाहिक ‘धड़कन ज़िंदगी की’ इन कहानियों की सूरत बदलने की कोशिश कर रहा है। इसकी नायिका एक ऐसी लड़की है जो जमाने से आंखें मिलाकर कहती हैं, लड़की हूं लड़ सकती हूं। और सिर्फ इस धारावाहिक की हीरोइन अदिति गुप्ता ही ये नहीं कह रहीं बल्कि धारावाहिक के लॉन्च पर उनका साथ देने के लिए मौजूद रहीं उनके धारावाहिक की निर्माता नीलांजना पुरकायस्थ, अभिनेत्री टिस्का चोपड़ा और फाये डिसूजा का भी ये ही कहना रहा। इन लोगों ने मिलकर महिला सशक्तीकरण और सामाजिक बराबरी जैसे मुद्दों पर लंबी चर्चा की और इस दौरान अपने पूर्व पुरुष सहकर्मियों की जमकर लानत मलामत की।
Dhadkan Zindaggi Kii: इस धारावाहिक में दिखा यूपी के नारे का असर, हीरोइन बोली, लड़की हूं लड़ सकती हूं
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प्रोड्यूसर ने सुनाए पुराने पंगे
चर्चा को दिशा देते हुए धारावाहिक ‘धड़कन ज़िंदगी की’ की निर्माता नीलांजना ने स्टार प्लस और इमेजिन टीवी में काम करने के अपने दिनों को यादें ताजा कीं। उन्होंने बताया कि कैसे उनके एक सहकर्मी ने उन्हें ये कहकर चुप कराने की कोशिश की कि छोटी लड़कियां बड़े फैसले नहीं ले सकती। यही नहीं चर्चा के दौरान वह कई बार भावनाओं में बहती दिखीं और उन्होंने साफ कहा कि लड़कियों को भीड़ में बनावटी हंसी हंसने की बजाय बुक्का फाड़कर खिलखिलाना चाहिए। जरूरत पड़े तो बेशर्म होना चाहिए और इस बेशर्मी को अपना हथियार बनाकर उस स्थान पर अपना कब्जा भी जमाना चाहिए जो उन्होंने पुरुष समाज से पंगा लेकर बनाई है।
टिस्का ने बताया, बिटिया टॉम ब्वॉय है
अभिनेत्री टिस्का चोपड़ा ने अपनी नौ साल की बेटी को टॉम ब्वॉय बताते हुए कहा कि वह साथ खेलने वाले लड़कों को अक्सर पीट देती है। टिस्का के मुताबिक महिलाओं को कोई दस पंद्रह हजार साल से बन्धनों में बांधकर रखा गया है। उसके शरीर के आभूषण और उसका पहनावा हमेशा ऐसा रखा गया कि वह अपने मन की उड़ान कभी न भर सके। मनोरंजन जगत के अपने अनुभवों को भी इस दौरान टिस्का ने खुलकर साझा किया। टिस्का ने बताया कि कैसे एक फिल्म के निर्देशक ने पटकथा सुनाने के बाद उन्हें उनके दृश्य और संवाद देने से मना कर दिया था। ये कहते हुए कि फिल्म तो हीरो के नाम से चलती है। हालांकि, इस दौरान उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि नारीवादी होने का मतलब पुरुषों पर अनावश्यक दबाव बनाना या फिर जिम्मेदारी का पद हासिल करने के बाद अपने आसपास की ही महिलाओं को सताना या नीचा दिखाना भी नहीं होना चाहिए।
अंग्रेजी में हुई हिंदी हृदय प्रदेश की चर्चा
ये सारी चर्चा मुंबई के एक पंच सितारा होटल में अंग्रेजी में हुई हिंदी हृदय प्रदेश (हिंटरलैंड ऑफ इंडिया) के दर्शकों को सास बहू के धारावाहिकों के दौर में एक प्रगतिवादी सोच का धारावाहिक देने के लिए। इस धारावाहिक के एपिसोड की संख्या पहले से तय है। मतलब कि टीआरपी बढ़ने पर भी ये धारावाहिक खींचा नहीं जाएगा। नाम 'धड़कन जिंदगी की' है और पूरी कहानी की पृष्ठभूमि चिकित्सा क्षेत्र को रखा गया है। यह शो डॉक्टर दीपिका के सफर में झांकता है जिसका किरदार अदिति गुप्ता कर रही हैं। शो की लॉन्चिंग के दौरान अदिति भी मंच पर थी लेकिन चर्चा के संचालक ने उनसे दूसरा सवाल ही पूछा था कि शो की निर्माता नीलांजना ने ये कहते हुए संचालक को दोबारा उनसे सवाल पूछने की हिम्मत ही नहीं करने दी कि धारावाहिक में और भी कलाकार हैं। अदिति से काफी चर्चा हो चुकी है।
सोमवार से शुरू होगा धारावाहिक
सोमवार रात 10 बजे से शुरू हो रहे धारावाहिक 'धड़कन जिंदगी की' में अदिति के अलावा अल्मा हुसैन, निशांत सिंह, राघव धीर, कौशिक चक्रवर्ती और अश्विन मुशरान की मुख्य भूमिकाएं हैं। सोमवार से शुरू हो रहे इस शो को लेकर सोनी चैनल को काफी आशाएं हैं और शो बनाने वालों के तेवर देखकर लगता है कि इस धारावाहिक को लेकर कुछ न कुछ बवाल जरूर होने वाला है।