अभिनेता करण कुंद्रा नए धारावाहिक 'तेरे इश्क में घायल' में एक खास किरदार निभा रहे हैं। उनकी अभिनय में शुरुआत के पीछे बड़ी दिलचस्प कहानी है। पिता एस पी कुंद्रा की तरह वह भी बिजनेस ही करना चाह रहे थे, इसलिए पढाई भी बिजनेस मैनेजमेंट की ही की, लेकिन निर्माता एकता कपूर से फेसबुक पर हुई एक चैट ने उनकी जिंदगी बदल दी। धारावाहिक 'कितनी मोहब्बत है' में मिला काम करने का मौका ही उनका नया करियर बन गया और फिल्म 'मुबारकां' में भी उनके काम को मिली तारीफ ने उनके लिए बड़े परदे के रास्ते खोल दिए। और, इस फिल्म में भी काम उन्हें किस्मत से ही मिला।
Karan Kundra: कार्तिक से पहले इस कलाकार ने कराया अनीस बज्मी को इंतजार, पढ़िए करण कुंद्रा का किस्मत कनेक्शन
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करण कुंद्रा कहते हैं, 'एक्टिंग के बारे में तो कभी सोचा ही नहीं था। यह भी बड़ी दिलचस्प कहानी है। डैड हमेशा से यही कहा करते थे कि बिजनेस करना है तो, उसी हिसाब से पढ़ाई की। 2008 में एकता कपूर को फेसबुक पर अपना एक फोटो भेज दिया था और फेसबुक पर ही एकता कपूर का जवाब आ गया। उन्होंने पूछा, एक्टिंग करोगे? बस पहुंच गया मुंबई और तीन दिन के बाद एकता कपूर के सीरियल 'कितनी मोहब्बत है' के सेट पर था।
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करण कुंद्रा कहते हैं, 'मुंबई आया और तीन के बाद मैं शूट पर था। पहली बार सेट पर आया तो यह भी नहीं पता था कि डायलॉग कैसे बोलते हैं? उस समय अनिल वी कुमार जी मेरे शो के डायरेक्टर थे, उन्होंने मुझे सब कुछ सिखाया। उनकी अपनी एक अलग जर्नी थी। बिहार से आने के बाद वह मुंबई के रेलवे स्टेशन पर बेल्ट बेचा करते थे, उन्होंने ढाबे में काम किया। स्पॉटबॉय का काम किया फिर रमन कुमार ने अपना पर्सनल बॉय रख लिया। उनकी लगन और मेहनत को देखते हुए रमन कुमार ने उनको अपना असिस्टेंट बना लिया। अपने मेहनत के बल पर वह धीरे धीरे मुख्य सहायक निर्देशक बन गए। एक दिन शॉट लेते समय एकता कपूर की निगाह उन पर पड़ी और उन्होंने सीरियल का निर्देशक बना दिया।’
'कितनी मोहब्बत है' के बाद करण कुंद्रा ने फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। 'ये कहां आ गए हम', 'प्यार तूने क्या किया', 'दिल ही तो है', ये रिश्ता क्या कहलाता है' जैसे कई शो कर चुके करण कुंद्रा 'हॉरर स्टोरी', 'मुबारकां,' 'डॉली किटी और वो चमकते सितारे' जैसी कई फिल्में भी कर चुके हैं। 'मुबारकां' से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा शेयर करते हुए करण कुंद्रा कहते हैं, 'अनीस बज्मी जब 'मुबारकां' बना रहे थे, तब उस फिल्म के लिए उन्हें एक पंजाबी लड़के के जरूरत थी। उस फिल्म की कास्टिंग मुकेश छाबड़ा कर रहे थे। मैं ऑडिशन देकर 'एमटीवी रोडीज राइजिंग' की शूटिंग के लिए चला गया। अनीस बज्मी को वही ऑडिशन पसंद आया। उनकr टीम के लोग बार बार मुझे फोन कर रहे थे कि लेकिन जहां हम शूट कर रहे थे वहां नेटवर्क नहीं था। अनीस भाई चाहते तो किसी और को फिल्म में ले सकते थे,लेकिन उन्होंने मेरा एक महीने तक इंतजार किया।'
देखा जाए तो करण कुंद्रा को 'अनीस बज्मी जब 'मुबारकां' में बड़ी आसानी से काम मिल गया, लेकिन 'डॉली किटी और वो चमकते सितारे' में काम पाने के लिए करण कुंद्रा को बहुत मेहनत करनी पड़ी। करण कुंद्रा कहते हैं, 'अलंकृता श्रीवास्तव की एक फिल्म आई थी 'लिपस्टिक अंडर माय बुरका', जब वह फिल्म देखी थी तभी से उनके साथ काम करने की इच्छा थी। जब उनकी फिल्म 'डॉली किटी और वो चमकते सितारे' की कास्टिंग चल रही थी और मुझे पता चला, तो उस फिल्म में काम पाने के लिए मैने अपनी पूरी जान लगा दी। हालांकि, वह फिल्म औरतों पर आधारित थी। उस फिल्म के लिए मैंने कई बार ऑडिशन दिए कई बार मेरा लुक टेस्ट हुआ, मीटिंग चलती रही उसके बाद कहीं जाकर वह फिल्म मिली।'