दूरदर्शन से भले ही आज की पीढ़ी का दिल से कनेक्शन न हो लेकिन एक दौर में यह हर शख्स की पहली पसंद हुआ करता था। दूरदर्शन पर प्रसारित होने वाले कार्यक्रम मनोरंजन के साथ-साथ लोगों को प्रेरणा भी देते थे। कॉमेडी, ड्रामा, गीत-संगीत और फिल्मों का मिश्रण सब कुछ दूरदर्शन पर मिलता था। यही वजह रही कि लॉकडाउन में जैसे ही दूरदर्शन पर रामायण, श्रीकृष्ण, शक्तिमान और महाभारत जैसे पुराने कार्यक्रमों को फिर से टेलीकास्ट किया गया तो दर्शकों ने इसे हाथों-हाथ लिया। इन कार्यक्रमों के दोबारा प्रसारण ने टीआरपी के कई रिकॉर्ड्स तोड़ दिए। आज हम आपको 80 के दशक के उन कार्यक्रमों से बारे में बताएंगे जो दूरदर्शन पर हिट रहे।
'चित्रहार' से लेकर 'फ्लॉप शो' तक, 80 के दशक में हिट थे दूरदर्शन के ये कार्यक्रम
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चित्रहार
साल 1982 को दूरदर्शन पर शुरू हुआ चित्रहार पॉपुलर टीवी सीरीज में एक था। इस शो में हिंदी फिल्मों के पॉपुलर गाने सुनाए जाते थे। चित्रहार में नई और पुरानी फिल्मों के गाने शामिल होते थे। चित्रहार लोगों की जिंदगी का ऐसा हिस्सा बन गया था कि बिना इसके रविवार के दिन का एहसास ही नहीं होता था।
हम लोग
दूरदर्शन पर साल 1984 में प्रसारित होने वाला 'हम लोग' भारतीय टेलीविजन के पुराने टीवी धारावाहिकों में से एक है। करीब एक साल तक चले इस धारावाहिक के 156 एपिसोड प्रसारित किए गए थे। इस कार्यक्रम में एक परिवार का रोज-मर्रा की चीजों के लिए संघर्ष दिखाया गया था। इसका निर्देशन पी. कुमार वासुदेव और लेखन मनोहर श्याम जोशी ने किया था।
ये जो है जिन्दगी
ये जो है जिन्दगी दूरदर्शन पर आने वाला कॉमेडी सीरियल था। 1984 में आया ये सीरियल एक आम परिवार की कहानी थी, जिसमें रोजमर्रा की जिंदगी को नाटकीय, कॉमेडी ढंग से प्रस्तुत किया जाता था। सीरियल की कहानी शादीशुदा जोड़े रंजित वर्मा, उनकी पत्नी रेनू वर्मा और रेनू के भाई राजा के इर्द गिर्द घूमती है।
करमचंद
करमचंद 80 के दशक का एक मशहूर टीवी धारावाहिक है। 1985 में तैयार किया गया ये धारावाहिक, भारत का पहला जासूसी धारावाहिक भी कहा जा सकता है। पंकज पाराशर द्वारा निर्मित इस धारावाहिक में पंकज कपूर और सुश्मिता मुखर्जी मुख्य भूमिका में थे। यह एक तिलिस्मी प्रस्तुतिकरण रहा और काफी लोकप्रिय भी जिसका जिक्र दूरदर्शन के सुनहरे दिनों के रूप में किया जाता है।