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Vishnu Puran: प्रह्लाद को मारने के लिए चली गई नई चाल, हिरण्यकश्यपु को बहन होलिका का मिला साथ
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: अपूर्वा राय
Updated Tue, 09 Jun 2020 07:56 PM IST
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विष्णु पुराण
- फोटो : सोशल मीडिया
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भक्त प्रह्लाद को बचाने और हिरण्यकश्यपु के आतंक से त्रस्त जनता को बचाने के लिए भगवान विष्णु ने नृसिंह अवतार लिया था। नृसिंह अवतार हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार भगवान विष्णु के दस अवतारों में से चौथा अवतार हैं। बीते रोज प्रसारित हुए एपिसोड में आपने देखा असुरराज हिरण्यकश्यपु अपने ही बेटे प्रह्लाद को मारने के लिए उसके भोजन में विष मिलवा देता है। लेकिन तब भगवान शिव प्रह्लाद के भोजन का सारा विष ग्रहण कर लेते हैं और इस तरह भक्त प्रह्लाद के जीवन की रक्षा होती है।
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आज के एपिसोड में प्रह्लाद और होलिका की कथा प्रसारित की गई। एपिसोड 27 में आपने देखा भगवान भक्ति से प्रह्लाद का मन हटाने के लिए हिरण्यकश्यपु ने कई उपाय किए, लेकिन जब असुरराज को यह ज्ञात हो गया कि वह अपने भक्ति मार्ग से नहीं हटेगा तो उसने अपने पुत्र प्रह्लाद की हत्या का कई बार षड़यंत्र रचा लेकिन हर बार भगवान विष्णु ने प्रह्लाद की रक्षा की।
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आखिरकार थक हारकर हिरण्यकश्यपु ने अपने पुत्र प्रह्लाद को मारने के लिए अपनी बहन होलिका की मदद ली। प्रह्लाद भगवान हरि का भक्त था और उसको मारने के लिए हिरण्यकश्यपु ने अपनी बहन होलिका के साथ मिलकर षड़यंत्र रचा।
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आज आपने देखा कि कैसे प्रह्लाद को सापकुंड में छोड़ने का षड़यंत्र रचा जाता है। प्रह्लाद अपने भाई अहलाद से मिलने जाता है। जहां दुष्ट अहलाद प्रह्लाद को मरने के लिए सर्पकुंड में छोड़ आता है।
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नृसिंह अवतार में भगवान श्रीहरि विष्णु जी ने आधा मनुष्य तथा आधा सिंह का रूप धारण करके दैत्यों के राजा हिरण्यकश्यपु का वध किया था। इस तरह श्री विष्णु ने प्रह्लाद की रक्षा की थी। प्रह्लाद के ही कहने पर उन्होंने हिरण्यकश्यपु को मोक्ष प्रदान किया था।
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