उल्का गुप्ता टीवी जगत का जाना माना नाम हैं। अभिनेत्री ने कई शोज में अपनी बेहतरीन अदाकारी से दर्शकों का दिल जीता है। उल्का को पिछली बार ‘बन्नी चाउ होम डिलीवरी’ में देखा गया था। इसमें फैंस ने अभिनेत्री के अभिनय की खूब सराहना की थी। हालांकि, कम टीआरपी ते चलते इस शो को बंद कर दिया गया है। अब एक्ट्रेस ने अपने कलर के चलते इंडस्ट्री में अपने स्ट्रगल को लेकर खुलासा किया है।
Ulka Gupta:'सांवले स्कीन टोन वाले लोगों को गांव वालों की तरह देखते हैं', रंगभेद पर फूटा उल्का गुप्ता का गुस्सा
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पिछले दिनों खबरें सामने आईं थीं कि उल्का गुप्ता ‘गुम है किसी के प्यार में’ शो में जल्द ही एंट्री करने वाली हैं। 20 साल के लीप के बाद सई की बेटी सवी के किरदार को लेकर उल्का का नाम सामने आ रहा था। अब इस पर एक्ट्रेस ने खुद ही बताया है कि इस खबर में कितनी सच्चाई है। उल्का ने बताया था कि मेकर्स ने इस रोल के लिए उन्हें अप्रोच तो किया था, लेकिन उन्होंने अभी कोई कंफर्मेशन नहीं दिया है।
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उल्का ने अपने हालिया इंटरव्यू में इंडस्ट्री में हुए अपने साथ हुए भेदभाव को उजागर करते हुए बताया कि इस जगत में उनके साथ उनके रंग को लेकर कई बार भेदभाव किए गए हैं। 'मैंने अपनी नौकरियां खो दीं, और सालों से सांवले स्कीन टोन वाले लोगों को गांव वालों की तरह देखते हैं और गोरे लोगों को ऊपर के तबके का मानते हैं। यह आम बात है, लेकिन मुझे ये अब भी समझ नहीं आया की यह सोच कहां से आई है। भले ही मैंने ‘झांसी की रानी’ सीरियल किया है, लेकिन मेरे स्किन टोन की बदौलत मुझे अब भी अलग तरीके से देखा जाता है।’
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उल्का ने आगे कहा, ‘मुझे नहीं पता की सांवली स्किन टोन को सुंदरता के पैमाने पर खरा क्यों नहीं पाया जाता। मुझे मेरी स्किन टोन पर बहुत गर्व है और इसके लिए मैंने एक गाना भी बनाया है कि मैं सांवली हूं। मुझे समाज ये न बताएं कि मुझे उबटन लगाना चाहिए।'
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अभिनेत्री ने इन सब से लड़ने के अपने अनुभव को साझा करते हुए बताया, इसी तरह फिल्म इंडस्ट्री में भी मुझे लोगों और चैनलों द्वारा ठुकरा दिया गया। यहां तक कि जब मैं तेलुगू फिल्म करने गई, तो सिर्फ मेरी स्किन के रंग के आधार पर, उन्हें लगा कि भले ही मैं सुंदर हूं लेकिन मेरी स्किन सांवली होने के कारण शायद मैं हीरोइन की तरह नहीं लगूंगी, लेकिन मैंने इन सब का मुकाबला किया। स्किन टोन से हटके सोचने के लिए केवल अच्छे और क्रिएटिव दिमाग वाले लोगों की जरुरत होती है।