दुनिया भर में फीचर फिल्मों के साथ साथ वृत्तचित्रों (डॉक्यूमेंट्री) का प्रदर्शन भी सिनेमाघरों में खूब होता है। भारत में अगर किसी डॉक्यूमेंट्री को फीचर फिल्म की तरह सिनेमाघरों में रिलीज किया जाना याद करना हो तो ‘सचिन ए बिलियन ड्रीम्स’ के अलावा दूसरी कोई ऐसी फिल्म दूर दूर तक याद नहीं आती। अंग्रेजी में इस साल नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई ‘प्रोसेशन’ के अलावा डिज्नी प्लस की ‘द बीटल्स: गेट बैक’ और एचबीओ प्लस पर रिलीज हुई ‘द क्राइम ऑफ द सेंचुरी’ डॉक्यूमेंट्री कमाल की रही हैं। भारत में बनी ऐसी फिल्मों की अगर गिनती करने बैठें तो ओटीटी पर रिलीज हुई ऐसी डॉक्यूमेंट्री की गिनती ही दहाई में नहीं पहुंचती। फिर भी धर्मा प्रोडक्शंस जैसी मुख्यधारा की फिल्म निर्माण कंपनियों ने अगर डॉक्यूमेंट्री में निवेश शुरू किया है तो ये फिल्म निर्माण के लिए एक शुभ संकेत है। साल की बेस्ट ओटीटी सीरीज (Best OTT Hindi Series of 2021) और ओटीटी फिल्मों (Best OTT Hindi Films of 2021) के बाद आज की इस रेटिंग लिस्ट में बारी है साल 2021 की भारत में बनी बेस्ट डॉक्यूमेंट्री फिल्मों की (Best Indian OTT Documentaries of 2021) की।
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ओटीटी: नेटफ्लिक्स
ओशो की निकटतम शख्सीयतों में से एक आनंद शीला पर यह डॉक्यूमेंट्री करण जौहर ने बनाई है। ये फिल्म आनंद शीला की छवि सुधारने की वैसी ही कोशिश हैं जैसी इससे पहले करण की खासमखास दोस्त एकता कपूर फिल्म ‘अजहर’ में अजहरूद्दीन के लिए कर चुकी हैं। आनंद शीला को उसके अनुयायी मां कहकर बुलाते हैं लेकिन अमेरिकी पुलिस के रिकॉर्ड में जो कुछ मौजूद है उनमें इस महिला का चेहरा कुछ अलग ही नजर आता है। कंटेंट के लिहाज से भारत में सबसे ज्यादा विवादित सीरीज ‘सैक्रेड गेम्स’ बनाने वाले ओटीटी नेटफ्लिक्स ने इसी महिला के ऊपर एक डॉक्यूमेंट्री ‘वाइल्ड वाइल्ड कंट्री’ पहले भी बना रखी है।
4. सीक्रेट्स ऑफ सिनौली- डिस्कवरी ऑफ द सेंचुरी
ओटीटी: डिस्कवरी प्लस
डॉक्यूमेंट्री 'सीक्रेट्स ऑफ सिनौली- डिस्कवरी ऑफ द सेंचुरी' का निर्माण नीरज पांडे ने किया है। नीरज और मनोज अब तक 'स्पेशल 26', 'अय्यारी', 'नाम शबाना', 'सात उचक्के' जैसी फिल्मों में साथ काम कर चुके हैं। यह डॉक्यूमेंट्री बागपत, उत्तर प्रदेश के पास सिनौली नामक जगह पर हुई खुदाई में निकली चीजों के बारे में हैं। महाभारत काल की चीजों में सबसे महत्वपूर्ण रहा यहां रथों का मिलना। इससे ये साबित होता है कि घोड़ों का प्रयोग भारत में साढ़े पांच हजार साल पहले से होता रहा है औऱ उनके अरब से लाकर यहां मानवीय प्रयोग में रखे जाने की इतिहास में लिखी बात निराधार है।
ओटीटी: नेटफ्लिक्स
लीना यादव और अनुभव चोपड़ा की बनाई डॉक्यू सीरीज साल 2021 में रिलीज हुई डॉक्यूमेंट्रीज में तीसरे नंबर पर है। तीन हिस्सों में बंटी ये सीरीज दिल्ली के बुराड़ी में एक ही परिवार के 11 लोगों की दर्दनाक मौत के कारणों की खोज करने की कोशिश करती है। फिल्म को देखना अपने आप में एक अलग ही अनुभव है क्योंकि ये डॉक्यूमेंट्री घटना होने के बाद दिवंगतों के परिचितों, इस घटना को कवर करने वाले पत्रकारों व इसकी तफ्तीश करने वाले पुलिसजनों के जरिये पूरी घटना का बहुत ही लोमहर्षक विवरण पेश करती है।
ओटीटी: अभी तय नहीं
तमाम विदेशी फिल्म निर्माण कंपनियों और फिल्मों में निवेश करने वाली संस्थाओं के सहयोग से बनी सुष्मित घोष और रिंटू थॉमस की डॉक्यूमेंट्री ‘राइटिंग विद फायर’ एक ऐसे भारतीय मीडिया संस्थान कहानी कहती है जिसे सिर्फ दलित महिलाएं निकालती हैं। इसकी चीफ रिपोर्टर मीरा के साथ साथ घूमता फिल्ममेकर्स का कैमरा उन घटनाओं का चश्मदीद बनता है जिनके जरिये उत्साही महिलाओं की एक टीम रुढ़ियों को तोड़ने में लगी है। ये फिल्म देश दुनिया के तमाम फिल्म फेस्टिवल्स में दिखाई जा चुकी है।