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Gullak: वहीं पुराने किस्से और अंदाज, बिना बदलाव के ही तीन सीजन में इतना बदल गया ‘गुल्लक’ का मिश्रा परिवार

Sat, 09 Apr 2022 05:31 PM IST
मेघा चौधरी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: मेघा चौधरी Updated Sat, 09 Apr 2022 05:31 PM IST
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Gullak season 3 story sony liv jameel khan geetanjali kukarni harsh mayar vaibhav raj gupta
गुल्लक - फोटो : सोशल मीडिया

कहानी नहीं किस्से हैं ये... 'गुल्लक' के तीनों ही सीजन में ये लाइन हर बार सुनने को मिलती है। और सही मायने में ये लाइन एहसास भी करा देती है कि ये किस्से हैं, जो आपने भी अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में जरूर देखे और सुने होंगे। इस कहानी का असली हीरो गुल्लक है, जो कहता भी है कि गुल्लक को पिग्गी बैंक से कन्फ्यूज नहीं किया जा सकता है। क्योंकि पिग्गी बैंक प्लास्टिक का होता है और गुल्लक मिट्टी से बनता है। उसी मिट्टी से जहां से कहानियां बनती हैं। मिश्रा परिवार की कहानी भी हमें पहले सीजन से आखिरी तक अपने किस्सों से बांधे रखती है। तीसरे सीजन में मिश्रा परिवार की जिंदगी में बदलाव तो जरूर आए हैं, लेकिन एक मिडिल क्लास परिवार की परेशानियां आज भी पहले जैसी ही हैं। आइए पहले सीजन से अब तक की मिश्रा परिवार के किस्सों की गुल्लक को फोड़ते हैं।

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गुल्लक - फोटो : सोशल मीडिया

नोंकझोक के किस्से हिंदुस्तान के हर घर में मिल जाते हैं, इन किस्सों की कोई शुरुआत नहीं होती। ये कहीं से भी शुरू होते हैं और कहीं भी खत्म हो जाते हैं। और फिर यादें बनकर जमा हो जाते हैं, किस्सों की गुल्लक में। यहीं किस्से सुनाती है 'गुल्लक', जिसमें पिता संतोष मिश्रा बिजली विभाग में काम करते हैं, जो एक ईमानदार व्यक्ति हैं। वहीं, मां शांति मिश्रा अपने तानों से पूरे घर पर राज करती हैं। बड़ा भाई अन्नू मिश्रा जिसकी नौकरी लगने का पूरे परिवार को इंतजार है, तो वहीं छोटा बेटा अमन मिश्रा पढ़ाई के लिए सबकी डांट खाता है। इन सबकी नोंकझोक ही है, जो आपके दिल को छू जाएगी। लेकिन इस सीरीज का मुख्य किरदार है गुल्लक, जो इसका सूत्रधार है और मिश्रा परिवार के सभी किस्सों को आप तक पहुंचा रहा है।

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गुल्लक - फोटो : social media

पहले सीजन में घर का बड़ा बेटे अन्नू मिश्रा नाकारा था और एक साल से एसएससी की तैयारी ही कर रहा था। वहीं, मिश्रा परिवार अपने घर के छोटे-छोटे खर्चों को लेकर परेशान रहता था। हर मिडिल क्लास परिवार की तरह इनके झगड़े और परेशानियां से आप खुद को जुड़ा हुआ महसूस करेंगे। टीवी की आवाज को लेकर भाइयों का झगड़ा हो या फिर घर बनाने के लिए पैसे की जरूरत सभी किस्से आपको आपने आसपास ही नजर आएंगे। मिश्रा परिवार अपने तीसरे सीजन तक आपके साथ ही आगे बढ़ता है। पहले सीजन में एक ठहराव है, जिससे ऐसा लगता ही ये सब अपने आसपास ही हो रहा है। 

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गुल्लक - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

दूसरा सीजन की कहानी भी उसी मिश्रा परिवार से शुरू होती है, जिसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है। वहीं पुराना स्कूटर और वहीं किस्से, जिन्हें देखकर अपने पड़ोस की याद आती है। मिश्रा जी बिजली विभाग में काम कर रहे हैं और सुविधा शुल्क से अभी भी दूरी बनाए हुए हैं। शांति मिश्रा पूरे घर का भार अपने ही कंधों पर उठाए हुए है, जैसे पूरे देश की जिम्मेदारी उन्हें दे दी गई है। बड़ा बेटा अन्नू चापलूसी करने लग गया है और अभी भी परिवार को उसकी नौकरी लगने का इंतजार हैं। वहीं, छोटा बेटा अभी भी पढ़ाई के लिए मार खा रहा है। हालांकि इस सीजन में पहले के मुकाबले थोड़ी कमी जरूर देखने को मिलेगी, लेकिन गुल्लक का किस्सों को सुनाना पहले जैसा ही है।

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गुल्लक - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

हाल ही में आया तीसरा सीजन फिर से वहीं पुराना वाला मजा वापस ले आया है। इस बार भी मिश्रा परिवार वहीं मिडिल क्लास वाली जिंदगी जी रहा है, छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा करना या फिर खुशियां मनाना सब वहीं हैं। एक बड़ा बदलाव ये आया है कि अब मिश्रा परिवार में कमाने वाले दो हो गए हैं। पहले और दूसरे सीजन में नाकारा और चापलूसी करना वाला बड़ा बेटा अन्नू अब नौकरी करने लगा है। छोटा भाई अमन दसवीं में स्कूल टॉप करने के बाद आगे की पढ़ाई के बारे में सोच रहा है, तो घर में आज भी मां शांति मिश्रा के ताने खत्म नहीं हुए हैं। इस सबके साथ संतोष मिश्रा अभी भी बिजली विभाग में सुविधा शुल्क से दूरी बनाए हुए हैं। इस बार किस्से ऐसे हैं, जो आपको इमोशनल भी कर सकते हैं और साथ ही कोई सोशल मैसेज भी देते हैं। सही मायने में ये किस्से ही तो हैं, जैसे की गुल्लक ने पहले ही सीजन में कहा था कि कहानी होती तो अभी तक किसी का मर्डर हो गया होता। लेकिन ये किस्से हैं, जो हर मिडिल क्लास के घर में देखने को मिल जाते हैं। 

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