{"_id":"5ed25d708ebc3e90ad290ded","slug":"know-about-kranti-prakash-jha-and-nikitin-dheer-mx-player-series-raktanchal","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"मोबाइल पर फिर लौटे पूरब के खतरनाक डॉन, क्रांति प्रकाश झा ने गोलियों से समझाया टेंडर का गणित","category":{"title":"Web Series","title_hn":"वेब सीरीज","slug":"web-series"}}
मोबाइल पर फिर लौटे पूरब के खतरनाक डॉन, क्रांति प्रकाश झा ने गोलियों से समझाया टेंडर का गणित
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
Published by: अपूर्वा राय
Updated Sat, 30 May 2020 07:00 PM IST
विज्ञापन
1 of 5
रक्तांचल
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
लाइन अप देखकर ये तो समझ आता है कि देश में इंटरनेट के तेजी से बढ़ते प्रसार की सही ताकत एमएक्स प्लेयर ने ही कायदे से पकड़ी है। गांव, देहात, कस्बों और छोटे शहरों में जहां इंटरनेट भरपूर है और लोग नेटफ्लिक्स या प्राइम वीडियो को मंथली पैसा देने को राजी नहीं है, वहां रक्तांचल ही आज के समय का पाताल लोक है। पाताल लोक की व्यूवरशिप को तगड़ा झटका देने वाली एमएक्स प्लेयर की इस नई सीरीज की यूएसपी वही है जिसकी खाद के सहारे हाथीराम चौधरी की फसल खड़ी होती है। मुफ्त में मोबाइल पर मिलने वाली इस सीरीज में बढ़िया काम किया है क्रांति प्रकाश झा और रोंजिनी चक्रवर्ती ने।
2 of 5
रक्तांचल
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
पूर्वी उत्तर प्रदेश का मजदूर जब गिरमिटिया होकर थक चुका था और बंका से लेकर बंबई तक कुछ खास करने को बचा नहीं था तो इमरजेंसी के कुछ साल बाद इस इलाके में अपनी एक अगल सरकार ने आकार लेना सुरू कर दिया। बड़ा अफसर बनने का सपना देख रहे विजय सिंह के पिता एक दिन वसीम खान के गुर्गों के हाथों शहीद हो जाते हैं। और, आईएएस बनने जा रहा विजय कॉपी किताबें छोड़ उतर जाता है क्राइम के ऐसे दलदल में जहां की मिट्टी खून से सींची जाती है। रिश्तों, नातों और जज्बातों का यही दलदल है एमएक्स प्लेयर का रक्तांचल।
3 of 5
रक्तांचल
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
अपराध कथाओं का एक व्याकरण हिंदी सिनेमा में सलीम जावेद की फिल्मों का है, जहां बिना ज्यादा खून खराबा किए भी दहशत सिर्फ संवादों से पैदा कर दी जाती थी। वहां गुस्सा हीरो का हथियार होता था। इस हथियार में बारूद भरके बाद में राम गोपाल वर्मा ने खूब खून खराबा किया। उनके शिष्य रहे अनुराग कश्यप ने बाद में इसकी शक्ल बिगाड़कर भय में वीभत्स रस मिला दिया। दहशत और खूब खराबे के इस मिक्सचर से ही बनी पेटिंग है, रक्तांचल।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 5
रक्तांचल
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
कहानी पहले एपिसोड से दर्शक का माथा कसने लगती है और बिना इसे आखिर तक निपटाए जियरा मानता नहीं हैं। कहानी कुछ कुछ मुख्तार अंसारी और ब्रजेश सिंह की अदावत से भी पानी पाती सी चलती है। कलाकारों में क्रांति प्रकाश झा सीरीज की जान हैं। उन्होंने पूरी सीरीज को अपने कंधों पर मजबूती से उठाए रखने की पूरी कोशिश की है। वसीम खान क रोल में निकितिन धीर का डील डौल भी भारी है।
विज्ञापन
5 of 5
रक्तांचल
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
रवि खानविलकर, विक्रम कोचर, रोंजिनी चक्रवर्ती और कृष्णा बिष्ट से भी जब जहां उम्मीद थी, उन्होंने अपने हिस्से का काम दमदारी से कर दिया। दया शंकर पांडे यहां साहेब सिंह के किरदार में हैं। संजीव के रजत, सरवेश उपाध्याय और शशांक राही की कहानी पर रीतम श्रीवास्तव ने पूरब का पूरा भौकाल तान दिया है। उस समय की सियासत भी इसमें हैं और नासमझदारी भी। मुफ्त का बढ़िया टाइप पास बन पड़ी है वेब सीरीज रक्तांचल।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।