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Yash Chopra: दुनियाभर में है यश चोपड़ा का यश, निर्देशक के नाम पर स्विट्जरलैंड में चलती है ट्रेन, बनी है सड़क
Fri, 27 Sep 2024 07:21 AM IST
सुवेश शुक्ला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: सुवेश शुक्ला
Updated Fri, 27 Sep 2024 07:21 AM IST
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यश चोपड़ा
- फोटो : अमर उजाला
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यश चोपड़ा हिंदी सिनेमा का बहुत बड़ा नाम है। बॉलीवुड में रोमांस को परिभाषित करने वाले यश चोपड़ा ही हैं। निर्देशक ने फिल्मों के माध्यम से देश की सभ्यता को विदेशों तक पहुंचाया। वह यश ही थें, जिन्होंने बॉलीवुड को ‘रोमांस का बादशाह’ दिया। निर्देशक ने फिल्मी पर्दे पर प्यार की एक नई तस्वीर गढ़ी। हिंदी सिनेमा को ऊंचाई पर ले जाने में उनका अहम योगदान रहा है। आज 27 सितंबर को महान निर्देशक की बर्थ एनिवर्सरी है। आइए इस मौके पर जानते हैं निर्देशक की जिंदगी से जुड़े कुछ खास किस्से
यश चोपड़ा
- फोटो : एक्स @FilmHistoryPic
यश चोपड़ा का जन्म 27 सितंबर 1932 को लाहौर में हुआ था। उनकी पढ़ाई-लिखाई भी वहीं हुई। साल 1945 में उनका परिवार पंजाब के लुधियाना में आकर बस गया था। कहा जाता है कि जब वह पढ़ाई कर रहे थे, तब वह इंजीनियर बनना चाहते थे। वह इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए लंदन भी जाने वाले थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। उनकी किस्मत उन्हें फिल्मों की ओर लेकर आई, वह फिल्मी दुनिया का हिस्सा बनने के लिए मुंबई आ गए।
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यश चोपड़ा
- फोटो : एक्स @FilmHistoryPic
रिपोर्ट्स के मुताबिक अपने सपनों को पूरा करने के लिए मुंबई में अपने बड़े भाई बीआर चोपड़ा के पास पहुंच गए, जहां उन्होंने फिल्म निर्माण की बारीकियां सीखीं। इसके बाद उन्होंने साल 1959 में अपनी पहली फिल्म 'धूल का फूल' बनाई। यश चोपड़ा को आज भी 'डर', 'दिल तो पागल है', 'वीर जारा', 'जब तक है जान', 'त्रिशूल', 'दीवार' और 'दाग' जैसी फिल्मों के लिए याद किया जाता है। यश ना सिर्फ एक बेहतरीन फिल्म निर्देशक और निर्माता थे, बल्कि देश के सबसे बड़े प्रोडक्शन हाउस यशराज फिल्म्स को चलाने वाले थे।
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यश चोपड़ा
- फोटो : एक्स @FilmHistoryPic
यश चोपड़ा के नाम कई पुरस्कार है। उन्हें सिनेमा के लिए दिए अपने योगदान के लिए कई सम्मान भी प्राप्त किए। उनके नाम 6 राष्ट्रीय पुरस्कार और 8 फिल्मफेयर पुरस्कार है। इसके अलावा उन्हें दादासाहेब फाल्के और पद्म भूषण से भी सम्मानित किया गया था। यश चोपड़ा के नाम फिल्मफेयर में बेस्ट डायरेक्टर कैटेगरी में सबसे ज्यादा बार नॉमिनेट होने का रिकॉर्ड है। बता दें कि इस कैटिगरी में उन्हें 14 नॉमिनेशन मिले थे।
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यश चोपड़ा
- फोटो : एक्स @FilmHistoryPic
यश चोपड़ा के नाम एक खास सम्मान भी है। निर्देशक को स्विट्जरलैंड से बहुत लगाव था। यही वजह थी कि उनकी फिल्मों में वहां की खूबसूरती दिखाई गई है। कहा जाता है कि अपनी फिल्मों के माध्यम से उन्होंने वहां के टूरिज्म को बढ़ावा दिया, जिसकी वजह से उन्हें वहां खास सम्मान दिया गया। जिसमें, स्विट्जरलैंड सरकार ने यश चोपड़ा की कांस्य की 250 किलो मूर्ति लगवाई। उनके नाम से नाम से स्पेशल ट्रेन चलाई गई। यहां तक की स्विट्जरलैंड में यश चोपड़ा के नाम एक सड़क भी है।
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