महात्मा गांधी चाहते थे कि खादी राष्ट्रीय कपड़ा बने। उनका मानना था कि अगर खादी का उपयोग हर भारतीय करेगा तो यह अमीर और गरीब के बीच की खाई को पाटने का सबसे बेहतर तरीका होगा। लेकिन आज करीब 150 साल बाद 21वीं सदी में खादी अब फैशन स्टेटमेंट के रूप में पहचान बना रहा है। हालांकि ये ऐसा बदलाव है जो गांधीजी के दृष्टिकोण से काफी अलग है।
150th Gandhi Jayanti: कोट-पैंट और टोपी छोड़कर आखिर कब खादी पर आ गए बापू
लाइफस्टाइल डेस्क
Published by: पंखुड़ी सिंह
Updated Tue, 24 Sep 2019 08:05 AM IST
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