शक्तिस्वरूपा मां दुर्गा को समर्पित नवरात्रि का पावन पर्व चल रहा है। नवरात्रि के दौरान पूरे नौ दिन मां दुर्गा की विशेष पूजा की जाती है। वैसे तो माता के भक्ति के लिए सब दिन समर्पित है लेकिन नवरात्रि में मां के पूजन का कुछ ज्यादा महत्व है। इतना ही नहीं नवरात्रि में मां दुर्गा का सोलह श्रृंगार का भी अपना एक खास महत्व है। आप घर में भी अपने बड़ों से व्रत, त्योहार पर श्रृंगार करने की सलाह देते हुए सुना होगा। लेकिन आपने कभी सोचा है ऐसा क्यों किया जाता है?
Chaitra Navratri 2020: आखिर नवरात्रि में महिलाएं क्यों करती हैं 16 श्रृंगार ?
लाल रंग का जोड़ा
ऐसा माना जाता है कि मां दुर्गा को लाल रंग बहुत पसंद है। इसलिए माता को प्रसन्न करने के लिए कोशिश करें कि नवरात्रि में रोजाना लाल रंग के वस्त्र में पूजा करें।
बिंदी
बिंदी या कुमकुम को माथे पर लगाना पवित्र माना जाता है। सुहागिन स्त्रियों को कुमकुम या सिंदूर से अपने ललाट पर लाल बिंदी लगानी चाहिए। वैसे अब स्टीकर बिंदी का चलन है तो आप चाहें तो इसे भी लगा सकती हैं।
मेहंदी
किसी भी सुहागन का श्रृंगार मेहंदी के बिना अधूरा लगता है। घर में यदि कोई भी शुभ काम होता है तो उस दौरान महिलाएं हाथों और पैरों मे मेहंदी रचाती हैं। ऐसा माना जाता है कि नववधू के हाथों में मेहंदी जितनी गाढ़ी रचती है, उसका पति उसे उतना ही अधिक प्रेम करता है।
सिंदूर
सिंदूर को सुहाग का प्रतीक माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि सिंदूर लगाने से पति की आयु में वृद्धि होती है।
गजरा
मां दुर्गा को मोगरे का गजरा बहुत प्रिय है। बालों को संवारने के साथ ही उनकी सुंदरता बढ़ाने के लिए गजरा लगाया जाता है। इसके लिए आप जूड़ा बनाकर उस पर गजरा लगा सकती हैं या फिर चोटी बनाकर भी इसे बालों के ऊपर बांध सकती हैं।
काजल
चेहरे की सबसे खूबसूरत चीज और मन का आइना होती हैं आपकी आंखें। जिनका श्रृंगार होता है काजल। इसे महिलाएं अपनी आंखों की सुंदरता बढ़ाने के लिए लगाती हैं। इसके अलावा काजल बुरी नजर से भी बचाए रखता है।
मांग टीका
माथे के बीचों-बीच पहने जाने वाला यह आभूषण सिंदूर के साथ मिलकर हर लड़की की सुंदरता में चार चांद लगा देता है। ऐसा माना जाता है कि नववधू को मांग टीका सिर के बीचों-बीच इसलिए पहनाया जाता है ताकि वह शादी के बाद हमेशा अपने जीवन में सही और सीधे रास्ते पर चले।
चूड़ियां
चूड़ियां सुहाग का प्रतीक मानी जाती हैं। ऐसा माना जात है कि सुहागिन स्त्रियों की कलाइयां चूड़ियों से भरी हानी चाहिए। चूड़ियों के रंगों का भी विशेष महत्व है। लाल रंग की चूड़ियां इस बात का प्रतीक होती हैं कि विवाह के बाद वह पूरी तरह खुश और संतुष्ट है। हरा रंग शादी के बाद उसके परिवार के समृद्धि का प्रतीक है।
