हिंदू धर्म में नवरात्रि के नौ दिनों की खास मान्यता है। इन नौ दिनों में देवी मां की विशेष पूजा आराधना की जाती है। जिससे की उनकी कृपा प्राप्त की जा सके। पूजा-पाठ के दौरान विशेष अनुष्ठान किए जाते हैं। साथ ही काफी सारी सावधानियां भी रखी जाती हैं। ये सारी सावधानियां पूजा के साथ-साथ पूजा के दौरान कपड़े पहनने से भी जुड़ी रहती है। देवी मां की नौ दिनों में पूजा करते समय कपड़ों को लेकर भी कुछ सावधानियां रखनी चाहिए। नहीं तो पूजा-पाठ निष्फल हो जाते हैं। तो चलिए जानें कौन सी वो सावधानियां है जिन्हें पूजा के दौरान कपड़े पहनने के दौरान रखनी चाहिए।
Navratri 2022: नवरात्रि के दिनों में ना पहने ऐसे कपड़े, देवी मां की कृपा में आएगी अड़चन
देवी मां को लाल रंग विशेष तौर पर पसंद है। लाल फूल से लेकर लाल वस्त्र, सिंदूर, मौली या कलावा उन्हें अतिप्रिय होते हैं। हालांकि नौ दिनों में देवियों के हर स्वरूप के लिए अलग रंग का विधान है। लेकिन अगर आप केवल लाल रंग के कपड़े पहनकर भी पूजा करते हैं तो मां जल्दी प्रसन्न हो जाती है। इसलिए पूजा के दौरान लाल रंग के कपड़ों का खास महत्व होता है। मां की कृपा पानी है तो लाल रंग के वस्त्र पहनकर पूजा करनी चाहिए।
इसके साथ ही काले रंग से परहेज करें। पूजा के दौरान कभी भी काले रंग के कपड़े ना पहनें। इसका कारण है कि काला रंग नकारात्मकता और अशुभता का प्रतीक है। साथ ही कोशिश करें कि काले के साथ ही पूजा के दौरान नीले रंग के वस्त्रों से भी परहेज करें। देवी दुर्गा की आराधना में काले रंग के वस्त्रों से दूरी बनाकर ही रखनी चाहिए। इसलिए नौ दिनों में विशेष पूजा अनुष्ठान के दौरान काले या नीले रंग के वस्त्रों से परहेज करें।
देवी की आराधना का नौ दिनों में खास महत्व होता है। इस दौरान नए कपड़े पहनकर पूजा करनी चाहिए। लेकिन अगर आपके पास पूरे नौ दिनों के लिए नए वस्त्र खरीदना संभव ना हो तो हमेशा पूजा के दौरान साफ-सुथरे धुले हुए कपड़े पहनने चाहिए। ऐसे कपड़े जिन्हें पहनकर आप खाना ना खाए हों या फिर वो दिनभर ना पहनकर रहे हों। कुछ लोग टॉप या फिर शर्ट तो हर दिन बदलते हैं लेकिन जींस या पैंट को दो से तीन बार पहन लेते हैं। लेकिन पूजा करते समय ऐसी गलती नहीं करनी चाहिए और साफ-सुथरे धुले कपड़े ही पहनकर पूजा करनी चाहिए।
नवरात्रि की पूजा के दौरान कोशिश करें कि खुद के कपड़े ही पहनें। अगर आपके पास नए कपड़े ना हो तो रखे हुए धुले और साफ कपड़े पहनकर पूजा करें। देवी मां प्रसन्न होंगी। इसलिए दूसरों के कपड़े मांगकर पूजा के दौरान ना पहनें।
