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Cold Wave in Haryana: प्रदेश में सबसे ठंडा रहा रेवाड़ी, -1 डिग्री सेल्सियस रहा न्यूनतम तापमान, जम गया पाला

अमर उजाला नेटवर्क, हरियाणा Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Sun, 19 Dec 2021 10:14 PM IST
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Cold Wave in Haryana: Temperature reached minus one degree Celsius in Rewari
रेवाड़ी के भाड़ावास रोड पर मकड़ी के जाल में जमा पाला। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

शीतलहर के साथ हाड़ कंपा देने वाली ठंड का प्रकोप रविवार को भी जारी रहा। रविवार को प्रदेश में रेवाड़ी प्रदेश में सबसे ठंडा रहा। रेवाड़ी कृषि विज्ञान केंद्र के क्षेत्रीय निदेशक धर्मवीर सिंह ने बताया कि रेवाड़ी में तापमान माइनस एक डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। यहां पहली बार न्यूनतम तापमान माइनस 1 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचा है। पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी और शीतलहर ने लोगों की कंपकंपी छुड़ा दी है। इससे पहले रेवाड़ी में शनिवार को न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस था। वहीं प्रदेश में दूसरा स्थान हिसार के बालसमंद क्षेत्र का रहा। बालसमंद में तापमान 0.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं राजकीय महाविद्यालय नारनौल के पर्यावरण क्लब के नोडल अधिकारी डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि उत्तर पर्वतीय इलाकों पर लगातार हिमपात होने से मैदानी क्षेत्रों में शीतलहर का असर देखा जा रहा है, जिसकी वजह से पाला पड़ने लगा है। शीतलहर के चलते कई स्थानों पर पारा शून्य से नीचे पहुंच गया है। राजस्थान के फतेहपुर सीकर का माइनस न्यूनतम तापमान  -5 डिग्री सेल्सियस से नीचे गिर गया है। शीतलहर के कारण न्यूनतम तापमान में तीन-चार दिन से गिरावट दर्ज की जा रही है। रविवार को हरियाणा में रेवाड़ी सबसे ठंडा रहा। इसके बाद बालसमंद (हिसार) का न्यूनतम तापमान 0.1 डिग्री व सिरसा का 0.6 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि नारनौल का न्यूनतम तापमान 1.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। नारनौल का अधिकतम तापमान 18.5 डिग्री सेल्सियस रहा। रविवार को सुबह नारनौल के आस-पास खेतों में पाला जमा हुआ देखा गया। सर्दी को लेकर मौसम विभाग की तरफ से आरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है, इसलिए आमजन को आगामी कुछ दिनों तक शीतलहर के प्रकोप से बचकर रहना होगा। क्योंकि आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट आने की संभावना है।

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महेंद्रगढ़ में खेत में जमा पाला। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

प्रदेश में यह रहा न्यूनतम तापमान
जगह                     न्यूनतम तापमान

  • रेवाड़ी                         -1 
  • बालसमंद, हिसार        0.1
  • सिरसा                      0.6
  • नारनौल                    1.2
  • हिसार                       2.0
  • चंडीगढ़                     3.2
  • पंचकूला                    3.2
  • फतेहाबाद                  3.4
  • दामला , यमुनानगर    3.6
  • रोहतक                      3.8
  • कौल , कैंथल              4.2
  • करनाल NDRI           4.6
  • अंबाला                      4.9
  • भिवानी                     5.1
  • जींद                          6.0
  • कुरुक्षेत्र                      6.1
  • जगदीशपुर, सोनीपत   6.4
  • मानेसर, गुडगांव         7.0
  • गुडगांव                     7.4

नोट: तापमान डिग्री सेल्सियस में है।

नारनौल का न्यूनतम तापमान 1.2 डिग्री सेल्सियस, जम गया पाला
नारनौल का न्यूनतम तापमान 1.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जिसके चलते खेतों में पाला जमा हुआ दिखाई दिया। कड़ाके की ठंड के चलते लोग धूप खिलने तक घरों में ही दुबके रहे। वहीं बाजारों में दुकानदार अपने प्रतिष्ठान के बाहर अलाव सेंकते नजर आए। ठंड के चलते बाजारों में भी रौनक नहीं दिखाई दी।

महेंद्रगढ़ का तापमान 1.3 डिग्री पहुंचा तापमान
महेंद्रगढ़/सतनाली क्षेत्र में लगातार बढ़ रही ठंड के कारण लोग भी दिनभर गर्म वस्त्रों व अलावा का सहारे रहे। रविवार को न्यूनतम तापमान भी 1.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया जबकि अधिकतम तापमान 18.3 डिग्री सेल्सियस रहा। पिछले एक सप्ताह में रविवार का दिन सबसे अधिक ठंडा रहा। क्षेत्र में ठंड एवं शीतलहर के कारण लोगों को दिनभर कंपकंपाने को मजबूर कर दिया है। हालांकि सुबह से ही चटख धूप खिलने से राहत जरूरी मिली। सुबह के समय कोहरा एवं धुंध नहीं रही, लेकिन सुबह खेतों में पाला जमने से सुबह ठंड अधिक रही। क्षेत्र में शुक्रवार व शनिवार को कोहरा छाया था लेकिन रविवार को सुबह से ही धूप निकलने पर लोगों को राहत तो मिली, लेकिन दिन में सर्द हवा चलने से कंपकंपी छूट गई। सर्दी से बचाव के लिए लोग अलाव तापने को मजबूर हो गए हैं। 

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Cold Wave in Haryana: Temperature reached minus one degree Celsius in Rewari
खेत में जमा पाले को दिखाते डॉ. चंद्रमोहन सिंह। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बिछ गई सफेद चादर
पाला पड़ने से फसलों पर बर्फ की सफेद हल्की चादर बिछ गई। वहीं शीतलहर ने लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया। हालांकि दिन के समय सूर्यदेव ने दर्शन दिए तथा खिलकर धूप निकली, लेकिन बीच-बीच में शीतल हवा चलने के कारण लोगों ने घर में रहना ही ज्यादा मुनासिब समझा। 

पाला पड़ने पर आमजन व किसान बरते सावधानियां
डॉ. चंद्रमोहन ने कहा कि पाला खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचता है, इसलिए जब भी पाला पड़ने की स्थितियां आए तो किसानो अपनी फसलों को बचाने के लिए पर्याप्त सिंचाई करें और पानी का प्रवाह जारी रखें। आमजन को भी शीतलहर के असर से बचने के लिए आयुर्वेदिक काढ़े का सेवन करना चाहिए। त्वचा को तलीय पदार्थ से मॉइस्चराइज रखना चाहिए। विटामिन-सी युक्त भोजन लें और प्रतिरोधक क्षमता बनाएं रखने के लिए गर्म चीजों का सेवन करें। हीटर और अंगीठी का प्रयोग करते समय कमरे को पूर्णत: बंद न करें।

रेवाड़ी में टूटा पिछले साल का रिकॉर्ड
रेवाड़ी रविवार को प्रदेश का सबसे ठंडा रेवाड़ी रहा। गत वर्ष 30 दिसंबर को न्यूनतम तापमान सबसे कम 0.5 डिग्री सेल्सियस रहा था। वहीं रविवार को न्यूनतम तापमान माइनस 1 डिग्री तक पहुंच गया।

 
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अलाव के सहारे ठंड से बचाव करते लाेग। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

मौसम रहेगा परिर्वनशील
मौसम विभाग की ओर से 22 दिसंबर तक मौसम परिवर्तनशील रहने की संभावना जताई गई है। पिछले साल के मुकाबले इस बार रेवाड़ी में ठंड कुछ ज्यादा ही जल्दी अपना प्रभाव दिखाने लगी है।  मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में तापमान और तेजी के साथ गिरेगा तथा ठंड बढ़ेगी। तापमान में लगातार हो रहीं गिरावट के चलते सर्दी बढ़ने लगी हैं।

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नारनौल में खेत में जमा पाला। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

फसलों को हो सकता है फायदा
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार बढ़ी हुई ठंड रबी की फसलों के लिए फायदेमंद मानी जा रही है, विशेषकर गेहूं की फसल के लिए ज्यादा फायदेमंद है। इसके अलावा पिछले एक सप्ताह से लगातार तापमान में गिरावट होने के चलते सर्दी भी अपने तेवर दिखा रही है। चिकित्सक इस मौसम में बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी रखने की सलाह दे रहे हैं।

बढ़ती ठंड फसलों के लिए लाभदायक लेकिन पाले से होगा नुकसान 
बढ़ती ठंड को किसान फसल के लिए फायदेमंद बता रहे हैं। किसान रोहताश, विनोद, महाबीर, उमेद, प्रीतम, जगदीश, नागर आदि ने बताया कि ठंड में फसलों की वृद्धि तेजी से होती है और सर्दी से जमीन में नमी आ जाती है जिससे उन्हें फसल में जल्दी पानी भी नहीं देना पड़ता। कड़ाके की ठंड व कोहरे से फसलों पर पाला का संकट बढ़ गया है। उन्होंने बताया कि पाला पड़ने से सरसों में पत्ते मुरझाने एवं फूल के खराब होने से फलियां कमजोर होने की आशंका बन जाती है।

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