हरियाणा के स्वास्थ्य एवं गृह मंत्री अनिल विज की तीन फोटो वायरल हो रही हैं। अंबाला छावनी के एक घर में वायरल हुईं दो फोटो में कुछ लोग उनके पांव धोकर तिलक लगा रहे हैं। तीसरी फोटो में उनके सामने कई प्रकार के भोग रखे हुए हैं। सोमवार को दिनभर ये फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होती रहीं। विज ने इससे पहले भी कई बार सुर्खियां बटोरी हैं।
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यह फोटो वायरल हुआ है
- फोटो : अमर उजाला
वहीं फेसबुक पर पोस्ट डालने वाले विनीत जैन नाम के एक व्यक्ति ने इन फोटोज को लेकर की जा रही टिप्पणियों का जवाब भी दिया है। विनीत जैन का कहना है अनिल विज मेरे निवास स्थान पर आए थे। उनका यहां एक राजनेता के रूप में नहीं, बल्कि एक संत के समान स्वागत किया गया। इसको लेकर किसी प्रकार का विवाद नहीं होना चाहिए।
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हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज
- फोटो : फाइल
विनीत जैन के अनुसार ये उनकी परंपरा का हिस्सा है, जिसका निर्वहन उन्होंने किया है। इसमें कुछ भी गलत नहीं है। हरियाणा के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज पहले भी सुर्खियों में रहे हैं। उन्होंने एक दिन पहले पंजाब के सीएम चरणजीत चन्नी पर निशाना साधा था। कहा था कि दिल्ली हिंसा में शामिल लोग पंजाब सरकार व कांग्रेस ने ही भेजे थे। विज पहले भी कई कांग्रेस नेताओं पर निशाना साध चुके हैं।
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गृह मंत्री अनिल विज हरियाणा के कद्दावर मंत्री माने जाते हैं
- फोटो : फाइल
उन्होंने कहा था कि पंजाब सरकार के लाल किले की वारदात में शामिल लोगों को दो-दो लाख रुपये देने से यह साफ हो गया है। यह देश की कानून व्यवस्था का अपमान है। इससे ज्यादा शर्मनाक बात नहीं हो सकती, क्योंकि देश का संविधान एक है। ऐसा करके पंजाब की कांग्रेस सरकार ने बेहद गलत किया है। विज ने कहा था कि राहुल गांधी को भी पहले अपने खानदान का इतिहास पढ़ना चाहिए। जवाहर लाल नेहरू के समय चीन ने हमारी 45 हजार वर्ग किमी जमीन पर कब्जा किया था।
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अनिल विज पहले भी कई बार सुर्खियों में रहे हैं।
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने यह भी कहा था कि किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी चाहे यात्रा निकालें, धरना दें, भूख हड़ताल करें, हमें कोई ऐतराज नहीं हैं। भारत प्रजातांत्रिक देश है, हर व्यक्ति को आंदोलन करने का अधिकार है, लेकिन किसी की कार के शीशे तोड़ने का अधिकार नहीं हैं। किसी को बंधक बनाने, कपडे़ फाड़ने पर कानून अपना काम करेगा। उन्होंने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को भी सलाह दी थी कि सोनीपत, ओखला व फरीदाबाद में यमुना की बीओडी माप लें, वास्तविक स्थिति का ज्ञान हो जाएगा। दिल्ली से गुजरने के बाद जब यमुना फरीदाबाद में जाती हैं तो कैसी हो जाती है, दिल्ली सरकार को यह मालूम होना जरूरी है।