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रुला देगा ये सुसाइड नोट: सॉरी मां-पापा, आपकी बेटी हार गई, जीवन के लिए धन्यवाद, आपने गलत परिवार चुना

Thu, 10 Jun 2021 10:19 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हिसार (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हिसार (हरियाणा) Published by: ajay kumar Updated Thu, 10 Jun 2021 10:19 PM IST
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GNM wrote about torture in suicide note and shared her painful story in Video
जीएनएम रवीना। - फोटो : वीडिया से लिया गया स्क्रीनशॉट

ससुराल वालों की प्रताड़ना से तंग आकर जीएनएम रवीना ने अपनी साढ़े चार साल की बेटी के साथ जहरीला टीका लगाकर आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट और वीडियो में ससुराल वालों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है। रवीना ने दो पेज का सुसाइड नोट छोड़ा है। इसके अलावा चार मिनट और सात मिनट के दो वीडियो भी छोड़े हैं। सुसाइड नोट में रवीना ने लिखा है कि सॉरी मां-पापा, आपकी बेटी हार गई, जीवन के लिए धन्यवाद लेकिन आपने मेरे लिए गलत परिवार चुना। मामला हरियाणा के हिसार जिले का है। यहां के रोहनात गांव निवासी रवीना धांसू गांव के स्वास्थ्य केंद्र में जीएनएम के पद पर तैनात थी। मृतका के चाचा जितेंद्र ने बताया कि रवीना ने दो पेज का सुसाइड नोट छोड़ा है। जिसमें उसने अपनी सास-ससुर, पति, जेठ, जेठानी व ननद को उसकी व उसकी बेटी की मौत का जिम्मेदार ठहराया है। उसने वीडियो में भी इन्हीं को मौत का जिम्मेदार ठहराया है। उसने बताया कि रवीना का पति अनीश पहले आईसीआईसीआई बैंक के लोन विभाग में नौकरी करता था।

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मृतका रवीना। - फोटो : वीडिया से लिया गया स्क्रीनशॉट

रवीना की शादी के कुछ समय बाद ही नौकरी लगने पर अनीश ने नौकरी छोड़ दी थी। जितेंद्र ने बताया कि रवीना का जेठ भी हरियाणा पुलिस में है। मृतका के पास से दो पेज का सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें उसने लिखा है कि मेरी मौत के लिए मेरे अपने लोग जिम्मेदार हैं। इन लोगों ने मिलकर मुझे इस कदर तंग किया है कि मैं मरने को मजबूर हो गई। भगवान ऐसा परिवार किसी को न दे। मेरी मौत के लिए मेरी सास, जेठ, जेठानी, दोनों ननद व मेरा पति जिम्मेदार हैं। मां आपको मेरे साथ बोलना पसंद नहीं है न। कोई नहीं मैं हमेशा के लिए चुप हो जाती हूं। पर हो सके तो मेरे माता-पिता को इसका कारण बता देना कि मेरी क्या गलती थी, जो आप हमेशा मुझसे नाराज रहते थे। मुझसे अब और सहन नहीं होता। मैं जा रही हूं। आप सबसे दूर अपनी बेटी के साथ। हो सके तो मेरे मरने के बाद एक बार प्यार से मेरे सिर पर हाथ रख देना ताकि मरने के बाद मुझे शांति मिल सके। 

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बेटी जस्वी और जीएनएम रवीना। - फोटो : अमर उजाला

मेरे लिए ये आपकी तरफ से मेरी जिंदगी का बहुत बड़ा उपहार होगा। सॉरी मां, पापा अपकी बेटी हार गई और न चाहते हुए भी मौत को गले लगाना पड़ा। इस जीवन के लिए धन्यवाद लेकिन आपने मेरे लिए गलत परिवार चुना था। जिसकी कीमत मुझे जान देकर चुकानी पड़ रही है। वीडियो में रवीना ने बोला कि हैलो - मां सा आप सबसे लास्ट टाइम  (अंतिम समय) अपने दिल की बात कहना चाहती हूं, मुझे नहीं पता कि मेरी गलती क्या थी। कि मैंने क्या गलत कर दिया। जो घरवाले मेरे साथ इस तरीके से पेश आ रहे हैं। लेकिन मुझे इतना पता है कि जो हालात हैं, इन हालातों में जीना नामुमकिन है। हर तरीके से टूट चुकी हूं। हर पल मर रही हूं। मैं क्या करूं, किसे कहूं।

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बरामद सुसाइड नोट।

कुछ समझ नहीं आ रहा। मुझे नहीं पता क्या हुआ, क्यों हुआ। क्यों ये सब इस तरह ट्रीट कर रहे हैं। हर एक पल-पल मरने को मजबूर कर रहे हैं। नहीं पसंद तो बोल दो- चली जाऊंगी मैं सब कुछ छोड़कर, नहीं चाहिए मुझे। मेरे लिए सबसे कीमती मेरी बेटी है। देदो, लेके चली जाऊंगी। मुड़कर नहीं आऊंगी कभी कुछ भी मांगने लेकिन मेरा कसूर तो बता दो लास्ट टाइम कि मैंने किया क्या है। इन लोगों ने मुझे इतना तंग कर रखा है कि मैं न चाहते हुए भी मरने को मजबूर हूं। मेरी मौत के लिए जिम्मेदार मेरी सास, मेरा जेठ, मेरी जेठानी, मेरी दोनों ननद और मेरा पति है। इन सब ने मिलकर इस कदर टॉर्चर किया कि इससे अलग मेरे पास कोई रास्ता नहीं बचा। नहीं समझ आता कि क्या करूं कहां जाऊं। कहीं का नहीं छोड़ा इन लोगों ने मुझे। मां आपको हमेशा मुझसे शिकायत रहती हैं ना कि मैं ऐसी हूं। मैं वैसी हूं। अगर मैं बोलू तो मैं बदतमीज, अगर चुप रहूं तो मैं गोनी हूं। 

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मृतका जस्वी। - फोटो : अमर उजाला

अगर आप लोगों की रिस्पेक्ट में चुप रहना गुनाह है तो मैंने किया है। सहन करने की हद होती है। इंसान किस हद तक सहन करेगा और कब तक। अगर खुद के आत्मसम्मान के लिए जवाब देना गुनाह है तो वो भी मैंने किया है। अगर मैं इतनी बुरी थी तो न लेकर आते अपनी जिंदगी में। दिसंबर में मैं छोड़कर चली गई थी। आप लोगों की जिंदगी से तो क्यों आए थे मेरे घर, क्यों रिक्वेस्ट कर रहे थे कि हम सब कुछ ठीक कर देंगे। मैं, मेरी बच्ची के साथ जिंदा तो रहती, जिस हाल में भी रहती। गलती की मैंने आप लोगों के साथ आकर, मुझे नहीं पता था कि मेरी मौत के लिए इतना बड़ा षड्यंत्र रचा हुआ है, आप लोगों ने। गलती की मैंने मामा-मामी की बात मानकर कि हम सब कुछ ठीक कर देंगे। भूल गई थी मैं एक सेकेंड के लिए कि इस फैमिली में कुछ भी ठीक नहीं हो सकता, कभी भी, किसी भी हाल में। 

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