उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में इस बार लगभग 40 सीटों पर भाभियों के चुनाव लड़ने से चुनावी दंगल रोचक हो गया है। सभी बड़ी राजनीतिक पार्टियों, भारतीय जनता पार्टी, समाजवादी पार्टी, कांग्रेस, बसपा और अपना दल ने इन भाभियों को मौका दिया है। कुछ भाभियां स्वतंत्र रुप से चुनाव लड़ रही हैं। इनमें से कुछ वो हैं जो अपने परिवार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ा रही हैं, वहीं कुछ महिलाएं वो भी हैं जो अपने पतियों की सीट से चुनाव मैदान में हैं। इनमें से कुछ के पतियों की मौत हो चुकी है तो कुछ पार्टी द्वारा निकाले गए हैं और कुछ अपनी आपराधिक छवि के चलते चुनावों में अयोग्य हो गए हैं।
यूपी की एक-दो नहीं ये 13 चर्चित भाभियां हैं चुनावी मैदान में
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1-अपर्णा यादव (लखनऊ कैन्टोमैन्ट)
इन सभी हाईप्रोफाइल चेहरों में सबसे ज्यादा चर्चित चेहरा हैं अपर्णा यादव। 26 साल की अपर्णा मुलायम सिंह यादव की बहू हैं और पार्टी की प्रतिष्ठित सीट लखनऊ कैंट से चुनाव मैदान में हैं। अपर्णा यादव बीजेपी की दिग्गज नेता रीता बहुगुणा जोशी के खिलाफ चुनाव लड़ रही हैं। अपर्णा ने अन्तरराष्ट्रीय संबंध और राजनीति में परास्नातक की डिग्री ली है। वो उस वक्त चर्चा में आईं जब उन्होंने पीएम मोदी के साथ सेल्फी खींची थी।
2- स्वाति सिंह (सरोजनी नगर, लखनऊ)
स्वाति सिंह बीजेपी के पूर्व उत्तर प्रदेश उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह की पत्नी हैं। जिन्हें बसपा सुप्रीमों मायावती के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में बीजेपी ने पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया। स्वाति राज्य में पार्टी की महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष हैं।
3- माधुरी वर्मा, ननपुरा (बहराइच)
पूर्व एमएलए दिलीप वर्मा ने अपनी पत्नी माधुरी वर्मा ने बहराइज ने अपनी पत्नी की राजनीति में उस वक्त एंट्री कराई जब वो जेल में थे। उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर 2012 में बहराइच की सीट से जीत दर्ज की। इस बार ननपुरा विधानसभा सीट से बीजेपी की प्रत्याशी हैं।
4- परमिला धर त्रिपाठी (हंडिया, भदोई)
परमिला धर त्रिपाठी पूर्व राज्य मंत्री राकेश धर त्रिपाठी की पत्नी हैं। राकेश धर आय से अधिक संपत्ति के मामले में पिछले महीने ही जमानत पर जेल से बाहर आए हैं। राकेश ने 2014 लोकसभा चुनाव बीएसपी के टिकट से लड़ा लेकिन हार गए। जिसके बाद उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया। परमिला धर अपना दल के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं। संयोग से वह अपने बेटे के खिलाफ चुनाव मैदान में हैं जो हंडिया सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं।