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Mulayam Singh: रक्षामंत्री रहते हुए मुलायम के इन फैसलों ने दुनिया को चौंकाया, पाक पर नरमी, कांप उठा था चीन
Mon, 10 Oct 2022 03:55 PM IST
हिमांशु मिश्रा
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु मिश्रा
Updated Mon, 10 Oct 2022 03:55 PM IST
सार
मुलायम सिंह का राजनीतिक सफर काफी लंबा रहा है। समाजवादी नेता के रूप में उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई। मुख्यमंत्री और फिर रक्षामंत्री के तौर पर उनके कई बड़े फैसले हमेशा याद किए जाएंगे। आज हम आपको मुलायम के रक्षामंत्री रहते हुए लिए गए फैसलों के बारे में बताएंगे। कैसे उन्होंने चीन के पसीने छुड़ा दिए थे।
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मुलायम सिंह यादव
- फोटो : अमर उजाला
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समाजवादी पार्टी के संरक्षक और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव का सोमवार को निधन हो गया। 82 साल की उम्र में गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में उन्होंने आखिरी सांस ली। सपा संरक्षक के निधन पर देशभर में शोक की लहर है। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री समेत कई दिग्गज नेताओं ने मुलायम के निधन पर शोक व्यक्त किया। गृहमंत्री अमित शाह ने अस्पताल पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुलायम सिंह यादव
- फोटो : अमर उजाला
कहानी मुलायम के रक्षामंत्री बनने की
90 के दशक में उत्तर प्रदेश की सत्ता से हटने के बाद मुलायम ने केंद्र की राजनीति शुरू की। मुलायम राजनीति के माहिर खिलाड़ी थे। उन्हें मालूम था कि कैसे और कब उन्हें अपनी अहमियत साबित करनी है। यही उन्होंने किया। 1996 लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को 17 सीटें मिली। तब अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार बनी। हालांकि, वाजपेयी की ये सरकार ज्यादा दिन तक नहीं चली। 13 दिन में ही वाजपेयी की सरकार गिर गई। एचडी देवगौड़ा देश के नए प्रधानमंत्री बने। मुलायम सिंह ने देवगौड़ा को समर्थन दिया। मुलायम सिंह यादव इस सरकार में रक्षा मंत्री बने। मुलायम सिंह यादव देवेगौड़ा और फिर इंद्र कुमार गुजराल की सरकार में 1996 से 1998 के बीच दो साल तक भारत के रक्षा मंत्री रहे। तब उन्होंने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जिसके कारण सेना ने उन्हें बेस्ट रक्षा मंत्री का आर्डर दिया था।
90 के दशक में उत्तर प्रदेश की सत्ता से हटने के बाद मुलायम ने केंद्र की राजनीति शुरू की। मुलायम राजनीति के माहिर खिलाड़ी थे। उन्हें मालूम था कि कैसे और कब उन्हें अपनी अहमियत साबित करनी है। यही उन्होंने किया। 1996 लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को 17 सीटें मिली। तब अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार बनी। हालांकि, वाजपेयी की ये सरकार ज्यादा दिन तक नहीं चली। 13 दिन में ही वाजपेयी की सरकार गिर गई। एचडी देवगौड़ा देश के नए प्रधानमंत्री बने। मुलायम सिंह ने देवगौड़ा को समर्थन दिया। मुलायम सिंह यादव इस सरकार में रक्षा मंत्री बने। मुलायम सिंह यादव देवेगौड़ा और फिर इंद्र कुमार गुजराल की सरकार में 1996 से 1998 के बीच दो साल तक भारत के रक्षा मंत्री रहे। तब उन्होंने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जिसके कारण सेना ने उन्हें बेस्ट रक्षा मंत्री का आर्डर दिया था।
सियाचिन पहुंचने वाले मुलायम सिंह यादव देश के पहले रक्षामंत्री रहे।
- फोटो : अमर उजाला
पहले रक्षामंत्री, जो सियाचिन पहुंचे
मुलायम सिंह यादव देश के पहले रक्षा मंत्री थे जो सियाचिन ग्लेशियर पर गए थे। चीन को लेकर मुलायम हमेशा सख्त ही नजर आए। वह कहते थे भारत के लिए पाकिस्तान से बड़ा दुश्मन चीन है। हमें चीन के मुकाबले तैयार होने की जरूरत है।
मुलायम सिंह यादव देश के पहले रक्षा मंत्री थे जो सियाचिन ग्लेशियर पर गए थे। चीन को लेकर मुलायम हमेशा सख्त ही नजर आए। वह कहते थे भारत के लिए पाकिस्तान से बड़ा दुश्मन चीन है। हमें चीन के मुकाबले तैयार होने की जरूरत है।
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मुलायम सिंह यादव (फाइल फोटो)
- फोटो : amar ujala
अब जानिए उन फैसलों के बारे में जिन्होंने पूरी दुनिया को चौंका दिया
1. शहीद जवानों का पार्थिव शरीर घर पहुंचाने का आदेश : मुलायम सिंह यादव के रक्षामंत्री बनने से पहले सेना के लिए अलग नियम था। जब भी सेना का कोई जवान शहीद होता था, तो उसका पार्थिव शरीर उसके घर नहीं पहुंचाया जाता था। शरीर का अंतिम संस्कार सेना के जवान खुद करते थे और आखिर में जवान के घर उसकी एक टोपी भेज दी जाती थी।
मुलायम सिंह ने रक्षामंत्री बनने के बाद सबसे पहले इसी को लेकर फैसला लिया। उन्होंने कानून बनाया कि जब भी कोई जवान शहीद होगा तो उसका पार्थिव शरीर पूरे सम्मान के साथ उसके घर ले जाया जाएगा। डीएम और एसएसपी शहीद जवान के पार्थिव शरीर के साथ उसके घर जाएंगे।
1. शहीद जवानों का पार्थिव शरीर घर पहुंचाने का आदेश : मुलायम सिंह यादव के रक्षामंत्री बनने से पहले सेना के लिए अलग नियम था। जब भी सेना का कोई जवान शहीद होता था, तो उसका पार्थिव शरीर उसके घर नहीं पहुंचाया जाता था। शरीर का अंतिम संस्कार सेना के जवान खुद करते थे और आखिर में जवान के घर उसकी एक टोपी भेज दी जाती थी।
मुलायम सिंह ने रक्षामंत्री बनने के बाद सबसे पहले इसी को लेकर फैसला लिया। उन्होंने कानून बनाया कि जब भी कोई जवान शहीद होगा तो उसका पार्थिव शरीर पूरे सम्मान के साथ उसके घर ले जाया जाएगा। डीएम और एसएसपी शहीद जवान के पार्थिव शरीर के साथ उसके घर जाएंगे।
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जनसभा को संबोधित करते क मुलायम सिंह यादव। (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
2. चीन को चार किलोमीटर पीछे ढकेल दिया
मुलायम ने हमेशा भारत के लिए पाकिस्तान से बड़ा दुश्मन चीन को बताया। खुले मंच से वह चीन की खिलाफत करते रहे। उन्होंने कहा कि अगर भारत को आगे बढ़ना है तो उसे चीन के मुकाबले मजबूत होना पड़ेगा। पाकिस्तान असल में भारत का दुश्मन नहीं है। इसी नीति के तहत रक्षामंत्री रहते हुए उन्होंने काम भी किया। कहा जाता है कि मुलायम के रक्षामंत्री रहते हुए बॉर्डर पर भारतीय सेना ने चीन को चार किलोमीटर पीछे ढकेल दिया था।
मुलायम ने हमेशा भारत के लिए पाकिस्तान से बड़ा दुश्मन चीन को बताया। खुले मंच से वह चीन की खिलाफत करते रहे। उन्होंने कहा कि अगर भारत को आगे बढ़ना है तो उसे चीन के मुकाबले मजबूत होना पड़ेगा। पाकिस्तान असल में भारत का दुश्मन नहीं है। इसी नीति के तहत रक्षामंत्री रहते हुए उन्होंने काम भी किया। कहा जाता है कि मुलायम के रक्षामंत्री रहते हुए बॉर्डर पर भारतीय सेना ने चीन को चार किलोमीटर पीछे ढकेल दिया था।