कोरोना वायरस के संक्रमण के साथ इस समय तेजी से फैल रहे सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने वाली पोस्ट का भी मुकाबला करना है। कोरोना की महामारी में कुछ लोग भ्रामक और झूठे दावों के साथ खूब फेक न्यूज वायरल कर रहे हैं। हिन्दू - मुस्लिम एकता को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन ये वक्त साथ मिलकर लड़ने का है और ऐसी वायरल पोस्ट्स का पर्दाफाश करके उनके मंसूबों को समझने का भी है। आजकल सोशल मीडिया के व्हाट्सप प्लेटफार्म पर एक ऑडियो वायरल हो रहा है, जिसमें यह दावा किया जा रहा है कि, हिंदुओं को फल और सब्जी बेचने वाले मुसलमानों का बॉयकॉट कर देना चाहिए। इस ऑडियो क्लिप में यह दावा किया गया, “वो हिंदू इलाकों में आते हैं और इन जगहों पर थूककर जिहाद करते हैं” । अमर उजाला ने इसकी पड़ताल की और पाया ये दावा फर्जी है।
Fact check: मुस्लिम फेरी वालों पर कोरोना वायरस फैलाने का आरोप, जानिए वायरल ऑडियो क्लिप का सच
जानिए ऑडियो की सच्चाई
वायरल ऑडियो की हकीकत
फेक न्यूज से रहें सावधान
गलत दावे के साथ किया जा रहा है वायरल
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सोशल मीडिया के प्लेटफार्म व्हाट्सप पर यह ऑडियो शेयर की जा रही है
- सोशल मीडिया के प्लेटफार्म व्हाट्सप पर यह ऑडियो शेयर की जा रही है।
- पड़ताल की शुरुआत करते हुए सबसे पहले ध्यानपूर्वक ऑडियो को सुना
ऑडियो में क्या सुनाई दे रहा है-
- यह ऑडियो क्लिप लगभग 6:24 मिनट का है।
- इस ऑडियो क्लिप में जो व्यक्ति बोल रहा है वो खुद को गुजरात में सूरत के सिटी लाइट इलाके का रहनेवाला बता रहा है।
- वो इसमें लोगो को चेतावनी दे रहा है इलाके में बढ़ती मुस्लिम फेरी-वालों की संख्या को लेकर।
- वो व्यक्ति इसमें दावा कर रहा है कि मॉर्निंग वॉक के दौरान उसने फल और सब्जियां बेचते हुए 15-16 टेम्पो में मुस्लिम लड़कों को देखा है।
- उसने एक व्यक्ति को बाजार रेट से कम दाम पर प्याज बेचते हुए देखा है।
- साथ ही उसने एक फल-विक्रेता के वीडियो की चर्चा भी की जो उंगली चाटने के बाद सभी फलों को छू रहा था।
- ऑडियो क्लिप में वो बार-बार एक बात को दोहराता है कि उसे अपने ‘हिंदू भाइयों’ की चिंता है और वो एक हिंदू होने का अपना कर्तव्य निभा रहा है।
- अपने मैसेज को खत्म वो यह कहकर करता है कि कोई भी हिंदू कम-से-कम एक महीने तक किसी मुस्लिम दुकानदार से खाने का कोई भी सामान न खरीदे।
जानिए ऑडियो की सच्चाई
गलत दावे के साथ किया जा रहा है वायरल
गूगल पर सर्च करने पर ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की एक रिपोर्ट मिली जिसके मुताबिक- गिरफ्त में आया ओसवाल मूल रूप से राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के भिनटागाम का रहनेवाला है। अभी ओसवाल को जमानत पर छोड़ दिया गया। क्राइम ब्रांच के अनुसार ऑडियो क्लिप में जो बातें कही गईं वो सब झूठी हैं।
गौरतलब है कि सूरत सिटी के क्राइम ब्रांच ने 4 अप्रैल को एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ, भारतीय दंड संहिता की धारा 153A और धारा 188 और आपदा प्रबंधन कानून की धारा 54 के तहत शिकायत दर्ज की थी।
- धारा 153A -दो संप्रदायों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना
- धारा 269 -संक्रामक बीमारी फैलाने की लापरवाह हरकत
- धारा 188 -सरकारी कर्मचारी द्वारा लागू आदेश का अनादर करने के लिए दंड।
- कहां से आप तक आई है
- किसने शेयर की है, वो आपका जानकार है या नहीं
- जिसने शेयर की है उसकी प्रमाणिकता क्या है
- किस सोर्स से फॉरवर्ड की गई है
- जो बोला जा रहा है वह किस तरह का कंटेंट है
- उसके बोलने की टोन क्या है, सकारात्मक या नकारात्मक
- क्या आप उस सोर्स का वेरिफिकेशन कर सकते हैं
- किस समय वो वायरल हो रहा है
- क्या उसके द्वारा दी जा रही सूचना को किसी प्रमाणिक प्लेटफार्म ने पब्लिश या ऑन-एयर किया है