इंटरनेट के इस युग में किसी भी महान शख्सियत के बारे में जानना बेहद ही आसान है। गूगल पर उस हस्ती का नाम लिखने भर से ही सूचनाओं का भंडार सामने आ जाता है। लेकिन कई ऐसी शख्सियतें भी हैं जिनके बारे में हम बचपन से ही सुनकर, पढ़कर और उनके किरदार टेलीविजन प्रोग्राम में देखकर बड़े हुए हैं। इन किरदारों का वजूद इस दुनिया में होकर भी नहीं है।
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हकीकत में कभी नहीं रहे ये किरदार, फिर भी दुनिया के हर कोने में होते हैं इनके चर्चे
टीम डिजिटल/अमर उजाला
Updated Tue, 21 Nov 2017 03:50 PM IST
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1. विलियम शेक्सपियर
क्या शेक्सपियर जैसी शख्सियत अस्तित्व रखती भी थी या नहीं, इस पर कई मान्यताएं हैं। कई विद्वान मानते हैं कि जो रचनाएं शेक्सपियर के नाम से प्रसिद्ध हैं उसके असली रचनाकार फ्रांसिस बेकन थे। जो 1562 में पैदा हुए 1626 में उनका निधन हुआ। एक मान्याता यह भी है कि इन कहानियों को लिखने वाला इतिहास में ही गुम हो गया।
2. रॉबिन हुड
रॉबिन हुड मध्यकाल का एक लोकप्रिय किरदार है। रॉबिन का किरदार फिल्मी दुनिया, टेलीविजन और किताबों में काफी लोकप्रिय है।। रॉबिन हुड एक सामान्य आदमी था जो पेशे से किसान था। रॉबिन हुड को अमीरों से लूटने और गरीबों को देने वाला कहा जाता था। हालांकि रॉबिन के अस्तित्व के बारे में भी संशय है। इस बात के प्रमाण कम ही मिले हैं कि रॉबिन का अस्तित्व था भी या नहीं।
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3. पाइथागोरस
पाइथागोरस का जन्म पूर्वी एजियन के यूनानी द्वीप सामोस में हुआ था। पाइथागोरस को संगीतकार, रहस्यवादी और वैज्ञानिक भी माना जाता है। लेकिन ये महान शख्सियत भी अपने अस्तित्व का कोई पुख्ता प्रमाण नहीं देकर गई।
क्लासिकल फिलॉसफी: ए हिस्ट्री ऑफ फिलॉसपी विदाउट एनी गैप्स में में दावा किया गया है कि 'पाइथागोरस का प्रमेय' उनके किसी अनुयायी ने लिखा था। यहां तक कि उन्होंने कभी किसी प्रेमय की खोज नहीं की।
क्लासिकल फिलॉसफी: ए हिस्ट्री ऑफ फिलॉसपी विदाउट एनी गैप्स में में दावा किया गया है कि 'पाइथागोरस का प्रमेय' उनके किसी अनुयायी ने लिखा था। यहां तक कि उन्होंने कभी किसी प्रेमय की खोज नहीं की।
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4. मूसा
हजरत मूसा ही यहूदी जाति के प्रमुख व्यवस्थाकार हैं। ऐसा माना जाता है कि उनको उनकी मां ने नील नदी में बहा दिया था। उनको फिर फराओ की पत्नी ने पाला था। बड़े होकर वे मिस्री राजकुमार बने।
मूसा को ही पहले से चली आ रही एक परंपरा को स्थापित करने के कारण यहूदी धर्म का संस्थापक माना जाता है। मूसा के बाद यहूदियों को विश्वास है कि कयामत के समय हमारा अगला पैगंबर आएगा। हालांकि आजतक इस बात के प्रमाण नहीं मिले हैं कि मूसा का अस्तित्व था भी या नहीं।
मूसा को ही पहले से चली आ रही एक परंपरा को स्थापित करने के कारण यहूदी धर्म का संस्थापक माना जाता है। मूसा के बाद यहूदियों को विश्वास है कि कयामत के समय हमारा अगला पैगंबर आएगा। हालांकि आजतक इस बात के प्रमाण नहीं मिले हैं कि मूसा का अस्तित्व था भी या नहीं।