प्रधानमंंत्री नरेंद्र मोदी का चार दिवसीय ब्राजील दौरा कई मायनों में खास रहा। इस दौरान उन्होंने ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा के साथ मिलकर व्यापार, ऊर्जा, कृषि, डिजिटल तकनीक और आतंकवाद से मुकाबले जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा की। विदेश मंत्रालय में सचिव पी कुमारन ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ब्राजील यात्रा के दौरान भारत और ब्राजील ने आपसी व्यापार को अगले पांच वर्षों में 20 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के नेताओं ने आपसी व्यापार, निवेश और वाणिज्य से जुड़े मामलों की निगरानी के लिए मंत्रिस्तरीय स्तर की निगरानी प्रणाली बनाने पर सहमति जताई है।
Prez Lula India Visit: राष्ट्रपति सिल्वा ने भारत का न्योता स्वीकारा; भारत-ब्राजील के बीच अहम द्विपक्षीय समझौते
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ब्राजील दौरा दोनों देशों के लिए कई मायनों में अहम रहा। इस दौरान पीएम मोदी ने राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा को भारत आने का निमंत्रण भी दिया। पीएम मोदी के इस दौरे को के बारे में विदेश मंत्रालय के सचिव पी. कुमारन ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ब्राजील यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण क्षेत्रों में छह बड़े समझौतों पर सहमति बनी। इन समझौतों से भारत-ब्राजील सहयोग को नई दिशा और मजबूती मिलेगी। आइए भारत और ब्राजील के बीच हुए इन समझौतों के बारे में जानते हैं।
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भारत को मिल सकते हैं लिथियम-कॉपर जैसे जरूरी खनिज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ब्राजील यात्रा के दौरान भारत और ब्राजील के बीच कई अहम क्षेत्रों में सहयोग पर सहमति बनी। विदेश मंत्रालय में सचिव पी. कुमारन ने बताया कि ब्राजील में लिथियम, तांबा (कॉपर) और रेयर अर्थ मेटल्स जैसे जरूरी खनिजों का बड़ा भंडार है, जो भारत की स्वच्छ ऊर्जा (क्लीन एनर्जी) और औद्योगिक विकास की जरूरतों को पूरा करने में मददगार साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि भारत को भविष्य में ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरण के अनुकूल संसाधनों की जरूरत होगी, और ब्राज़ील इस दिशा में एक मजबूत साझेदार बन सकता है।
इसके अलावा, भारत और ब्राज़ील ने कृषि अनुसंधान और सहयोग पर भी एक महत्वपूर्ण समझौता (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता दोनों देशों को खेती के क्षेत्र में तकनीकी विकास और शोध में साथ काम करने का अवसर देगा। इस यात्रा के दौरान व्यापार, ऊर्जा, डिजिटल तकनीक, आतंकवाद से मुकाबला और जनसंपर्क जैसे कई मुद्दों पर भी बातचीत हुई और सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।
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पीएम मोदी को ब्राजील का सबसे बड़ा नागरिक सम्मान
पीएम मोदी के ब्राजील दौरे में ध्यान केंद्रित करने वाला विषय ये भी रहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनकी ब्राज़ील यात्रा के दौरान वहां का सबसे बड़ा नागरिक सम्मान ‘ग्रैंड कॉलर ऑफ द नेशनल ऑर्डर ऑफ द सदर्न क्रॉस’ प्रदान किया गया। यह सम्मान उन्हें ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा ने एक खास समारोह में दिया। इसको लेकर पी. कुमारन ने जानकारी दी कि यह सम्मान दोनों देशों के बीच बढ़ती साझेदारी और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व को मान्यता देने के रूप में दिया गया।
भारत-ब्राजील की मजबूत दोस्ती को किया समर्पित
पुरस्कार ग्रहण करते हुए पीएम मोदी ने इसे भारतीय जनता और भारत-ब्राजील की मजबूत दोस्ती को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान भारत के लिए गर्व की बात है और दोनों देशों के रिश्ते और मजबूत होंगे। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति लूला के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई, जिसमें व्यापार, कृषि, ऊर्जा और तकनीक जैसे कई अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।
आतंकवाद पर भारत और ब्राजील एकजुट
पी. कुमारन ने आगे बताया कि पीएम मोदी ने ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा का आभार जताया, जिन्होंने 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की थी और भारत के लोगों के साथ एकजुटता दिखाई थी। इस दौरान पीएम मोदी ने दोहराया कि भारत आतंकवाद के सभी रूपों और उसके समर्थन के खिलाफ सख्त और अडिग है। उन्होंने कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में कोई समझौता नहीं करेगा।
कुमारम ने बताया कि राष्ट्रपति लूला ने भी भारत के इस रुख का पूरा समर्थन किया और कहा कि आतंकवाद एक वैश्विक खतरा है और इससे मिलकर लड़ने की जरूरत है। दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि आतंकवाद पर कोई दोहरा रवैया नहीं अपनाया जाना चाहिए।
आतंकवाद, डिजिटल तकनीक और ऊर्जा पर भारत-ब्राजील के बीच छह अहम समझौते
इसके साथ ही विदेश मंत्रालय के सचिव पी. कुमारन ने भी बताया कि इनमें से तीन समझौतों पर प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति लूला की मौजूदगी में हस्ताक्षर और आदान-प्रदान किया गया। उन्होंने बताया कि इन समझौतों में आतंकवाद और अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध से निपटने के लिए सहयोग पर समझौता। डिजिटल परिवर्तन के लिए सफल तकनीकी समाधानों के साझाकरण पर एमओयू और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग पर एमओयू शामिल है।
कुमारन ने आगे बताया कि बाकी के तीन समझौते जो बाद में हस्ताक्षरित होंगे। उनमें कृषि अनुसंधान में सहयोग पर एमओयू। गोपनीय सूचनाओं के आदान-प्रदान और सुरक्षा पर समझौता के साथ-साथ बौद्धिक संपदा के क्षेत्र में सहयोग पर एमओयू सामिल है। गौरतलब है कि ये सभी समझौते भारत-ब्राजील साझेदारी को ऊर्जा, कृषि, डिजिटल तकनीक और सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में और मजबूत बनाएंगे।